Prateek Yadav Aparna Yadav Divorce: उत्तर प्रदेश की राजनीति में ‘यादव परिवार’ का नाम हमेशा चर्चा में रहता है, लेकिन इस बार मामला चुनावी नहीं बल्कि पारिवारिक है।
समाजवादी पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव ने अपनी पत्नी और भाजपा नेता अपर्णा यादव से तलाक लेने की घोषणा कर सबको चौंका दिया है।
सोमवार को प्रतीक ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक पोस्ट शेयर की, जिसने न केवल पारिवारिक हलकों में बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी हड़कंप मचा दिया।

प्रतीक का गुस्सा: अपर्णा पर लगाए गंभीर आरोप
प्रतीक यादव ने इंस्टाग्राम पोस्ट में अपनी पत्नी अपर्णा यादव के लिए कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया।
उन्होंने लिखा कि वह जल्द से जल्द इस “स्वार्थी महिला” से तलाक लेने जा रहे हैं।
प्रतीक का आरोप है कि अपर्णा ने उनके पारिवारिक रिश्तों को बर्बाद कर दिया है।
उन्होंने यह भी कहा कि अपर्णा का एकमात्र लक्ष्य “मशहूर और प्रभावशाली” बनना है।
प्रतीक ने अपनी मानसिक स्थिति को खराब बताते हुए कहा कि अपर्णा को सिर्फ अपनी चिंता है और वह बुरी तरह व्यवहार करती हैं।

रिश्तों में खटास: क्या राजनीति बनी वजह?
खबरों की मानें तो प्रतीक और अपर्णा के बीच दरार 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के समय ही पड़ गई थी।
उस दौरान अपर्णा यादव ने सपा छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया था।
बताया जाता है कि प्रतीक इस फैसले के पक्ष में नहीं थे।
2025 की शुरुआत में भी प्रतीक ने कुछ पोस्ट किए थे जिन्हें बाद में डिलीट कर दिया गया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि अपर्णा ने उनकी जिंदगी “नरक” बना दी है।

अपर्णा यादव भाजपा में शामिल होने के बाद से ही समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव की नीतियों पर हमलावर रही हैं, जबकि प्रतीक यादव राजनीति से दूर रहकर अपना व्यवसाय संभालते रहे हैं।
कौन हैं प्रतीक यादव?
- प्रतीक यादव मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे हैं।
- अखिलेश यादव और प्रतीक यादव सौतेले भाई हैं।
- प्रतीक का जन्म राजनीति के केंद्र में हुआ, लेकिन उन्होंने खुद को राजनीति से कोसों दूर रखा।
- ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स से शिक्षित प्रतीक एक सफल व्यवसायी हैं।
- लखनऊ में उनका ‘द फिटनेस प्लानेट’ नाम से एक बड़ा जिम है और वे रियल एस्टेट के कारोबार से भी जुड़े हैं।
- उन्हें जानवरों, विशेषकर कुत्तों से बहुत लगाव है और वे ‘जीव आश्रय’ नाम का एक एनजीओ भी चलाते हैं।

अपर्णा बिष्ट से यादव और फिर भाजपा तक
- अपर्णा यादव के पिता अरविंद सिंह बिष्ट एक वरिष्ठ पत्रकार रहे हैं।
- अपर्णा ने अपनी स्कूली शिक्षा लखनऊ के प्रतिष्ठित लोरेटो कॉन्वेंट से पूरी की और बाद में विदेश में पढ़ाई की।
- प्रतीक और अपर्णा की प्रेम कहानी 2001 में एक जन्मदिन की पार्टी से शुरू हुई थी।
- लंबी दोस्ती के बाद 2011 में सैफई में एक भव्य समारोह में दोनों की शादी हुई, जिसमें अमिताभ बच्चन जैसी बड़ी हस्तियां शामिल हुई थीं।
- अपर्णा ने 2017 में सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा लेकिन हार गईं।
- 2022 में भाजपा में शामिल होने के बाद उन्हें हाल ही में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग का उपाध्यक्ष बनाया गया है।

यादव परिवार की चुप्पी और अफवाहें
प्रतीक के इस धमाके के बाद अखिलेश यादव या समाजवादी पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
वहीं अपर्णा के भाई ने इसे ‘अकाउंट हैक’ होने की संभावना बताया है।
हालांकि, प्रतीक के पोस्ट के लहजे और पिछले कुछ महीनों के उनके व्यवहार को देखते हुए परिवार में कलह की बात से इनकार नहीं किया जा सकता।
यह मामला यूपी के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक परिवार की प्रतिष्ठा से जुड़ा है।

अगर यह तलाक होता है, तो अपर्णा यादव की राजनीतिक स्थिति और यादव परिवार के समीकरणों पर इसका गहरा असर पड़ेगा।
फिलहाल, सबकी निगाहें अपर्णा यादव के आधिकारिक बयान पर टिकी हैं।


