Amit Shah In Chhattisgarh: आज मैं मां दंतेश्वरी से आशीर्वाद लेकर आया हूं कि अगले चैत्र नवरात्रि तक यहां से लाल आतंक समाप्त हो जाए, और हमारा बस्तर खुशहाल हो…
ये कहना है केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का जो 5 और 6 अप्रैल को छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे।
यहां वो बस्तर पंडुम कार्यक्रम (Bastar Padum Festival) में शामिल हुए और जल्द ही सरेंडर नक्सली और नक्सलियों का एनकाउंटर करने वाले जवानों से भी मुलाकात करेंगे।
मां दंतेश्वरी के दर्शन किए (Maa Danteshwari temple)
अमित शाह शनिवार सुबह रायपुर एयरपोर्ट से रवाना होकर जगदलपुर से दंतेवाड़ा पहुंचे।
यहां उन्होंने बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के दर्शन किए और आशीर्वाद लिया।
इसके बाद वो बस्तर पंडुम कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां उन्होंने बचे हुए नक्सलियों से सरेंडर करने के लिए कहा।
केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के साथ चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर बस्तर अंचल की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के दर्शन-पूजन कर देश एवं प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना की।#AmitShahInDantewada#AmitShahJiInBastarPandum pic.twitter.com/igtdVTb2Sf
— CMO Chhattisgarh (@ChhattisgarhCMO) April 5, 2025
नक्सलियों से की अपील
अमिता शाह (Home Minister Amit Shah) ने यहां नक्सलियों से अपील है कि वो सरेंडर करें। हम किसी को मारना नहीं चाहते।
बल्कि भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार सरेंडर करने वालों को संरक्षण देगी।
गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलियों से मुख्य धारा में जुड़ने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि आप हमारे अपने हैं. कोई भी नक्सली मारा जाता है, तो किसी को आनंद नहीं होता है।
लेकिन इस क्षेत्र को विकास चाहिए. जो पचास साल में विकास नहीं हुआ।

मोदी जी बस्तर को सबकुछ देना चाहते हैं
शाह ने आगे कहा- हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन पांच साल में इस बस्तर को सबकुछ देना चाहते हैं।
लेकिन यह तभी हो सकता है, जब बस्तर के अंदर शांति हो. बच्चे स्कूल जाएं. माताओं की स्वास्थ्य की चिंता हो।
आदिवासी युवा कुपोषण से पीड़ित न हो, पढ़ाई-लिखाई से वंचित न हो।
तहसील में छोटी से अस्पताल हो. जिला केंद्र में हर रोग का इलाज हो और हर घर में सात किलो चावल मुफ्त में पहुंचे।
नक्सल मुक्त गांव को मिलेगा एक करोड़ रुपए
अमित शाह ने कहा कि बस्तर में तभी शांति आ सकती है, जब बस्तर के लोग तय करें कि हर गांव को नक्सल मुक्त कराएं।
विष्णु देव और विजय शर्मा ने घोषणा किया है, जो गांव हर नक्सली को सरेंडर कराएगा, उस गांव को नक्सल मुक्त घोषित कर एक करोड़ रुपए का राशि देंगे।
नक्सली हथियार डालें और मुख्यधारा में लौटे, सरकार नक्सलमुक्त गांव को विकास के लिए ₹1 करोड़ देगी
श्री @AmitShah जी
माननीय केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री
भारत सरकार#AmitShahInDantewada#AmitShahJiInBastarPandum pic.twitter.com/BrbAc4Ff3L— BJP Chhattisgarh (@BJP4CGState) April 5, 2025
बस्तर पंडुम को दिलाएंगे अंतरराष्ट्रीय पहचान
इस आयोजन में बड़ी संख्या में जुटे आदिवासियों को संबोधित करते हुए शाह ने कहा- इस साल ‘बस्तर पंडुम’ बस्तर के उत्सव के रूप में मनाया गया है।
लेकिन मैं मोदी जी का संदेश लेकर आया हूं। अगले साल बस्तर पंडुम – यही नाम के साथ देश के हर आदिवासी जिले से कलाकारों को हम यहां लाएंगे।
इस वर्ष बस्तर पंडुम छत्तीसगढ़ के एक उत्सव के रूप में मनाया गया है मगर अगले साल यह महोत्सव इसी नाम के साथ देश भर के हर आदिवासी जिले के कलाकारों के साथ मनाया जाएगा।
– आदरणीय केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी@AmitShah#AmitShahInDantewada#AmitShahJiInBastarPandum… pic.twitter.com/RmQFayree6
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) April 5, 2025
यही नहीं हम बस्तर पंडुम को अंतरराष्ट्रीय दर्जा देने के लिए दुनियाभर के राजदूत जो राजधानी में हैं,
उनको बस्तर में लाकर हमारी परंपराओं को, संस्कृति को और आदिवासी बच्चों की कला को पूरे विश्व में पहुंचाने का काम भाजपा की सरकार करेगी।
अमित शाह ने यहां ये भी कहा कि बस्तर पंडुम को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाएंगे।
CM साय ने गौर मुकुट पहनाया
इससे पहले मंच पर पहुंचने पर सीएम विष्णुदेव साय ने अमित शाह को गौर मुकुट पहनाकर स्वागत किया।
साथ ही उन्हें कोंडागांव का प्रसिद्ध ढोकरा आर्ट भेंट किया।



अपनी संस्कृति को न भूलें
गृह मंत्री ने कहा कि हम चाहते हैं कि हमारे बस्तर का युवा सबसे आधुनिक शिक्षा प्राप्त करे।
विश्व के युवाओं के साथ हर मंच पर दो-दो हाथ करे. दुनियाभर की समृद्धि प्राप्त करे, परंतु अपनी संस्कृति को कभी न भूले, अपनी भाषा को कभी न भूले, अपनी परंपराओं को कभी न भूले।
यह बस्तर की संस्कृति, बस्तर की बोलियां, यहां के गान, यहां के वाद्य, पेय पदार्थ, भोजन… यह केवल छत्तीसगढ़ के लिए महत्वपूर्ण नहीं है।
यह भारत की संस्कृति का गहना है, इसको हमें संजो कर रखना है।