Anandpur Dham Controversy: मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले में स्थित आनंदपुर धाम कई लोगों की आस्था का केंद्र था लेकिन आज ये पवित्र स्थान विवादों के घेरे में है।
इस ट्रस्ट पर यौन शोषण, देह व्यापार और संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौतों जैसे बेहद गंभीर आरोप लगे हैं।
मामला तब और गरमा गया जब कांग्रेस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सीधे तौर पर ट्रस्ट के प्रबंधन और कुछ बड़े अधिकारियों को निशाने पर लिया।
विवाद की शुरुआत
सोशल मीडिया पर हाल ही में कुछ वीडियो वायरल हुए, जिनमें कथित तौर पर आश्रम के महात्मा आपत्तिजनक स्थिति में दिखाई दे रहे हैं।
इन वीडियो के आधार पर कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार ने आरोप लगाया कि आश्रम के भीतर युवाओं का शोषण और देह व्यापार का रैकेट चलाया जा रहा है।
आनंदपुर सेक्स रैकेट का कांग्रेस ने किया भंडाफोड़, आश्रम वेबसीरीज जैसा युवक युवतियों का शोषण, 3 IAS अधिकारियों के भी नाम !!
मध्यप्रदेश के अशोक नगर जिले में स्थित आनंदपुर धाम सेक्स रैकेट का मामला सामने आने से प्रदेश में भूचाल आ गया है।
कांग्रेस नेता ने 5 वीडियो जारी किया है… pic.twitter.com/p7o5SsLOgP
— Deepesh Patel (@Deepeshpatel87) January 20, 2026
वायरल वीडियो का सच
इस पर ट्रस्ट की ओर से महात्मा शब्द सागरानंद ने सफाई देते हुए कहा कि ये वीडियो पुराने हैं और इनमें दिखने वाले व्यक्ति (चक्की महात्मा) को बहुत पहले ही संस्था से निष्कासित किया जा चुका है।
ट्रस्ट ने अन्य वीडियो में दिखने वाले लोगों को पहचानने से इनकार कर दिया है।

संदिग्ध मौतें: जो अब तक अनसुलझी हैं
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू आश्रम से जुड़े लोगों की संदिग्ध मौतें हैं।
पुणे की एक महिला फरियादी ने दावा किया है कि ट्रस्ट में उठने वाली आवाजों को दबाने के लिए मारपीट और धमकी का सहारा लिया जाता है।
रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में कई संदिग्ध घटनाएं हुई हैं:
- नवंबर 2023: महात्मा धर्मानंद का शव गुलबर्गा रेलवे स्टेशन के पास पटरियों पर मिला।
- जुलाई 2025: महात्मा भीम की कुएं में गिरने से मौत हो गई।
- 2021: भोपाल आश्रम में एक महिला सेवादार की संदिग्ध मौत हुई। इन घटनाओं की निष्पक्ष जांच की मांग अब जोर पकड़ रही है।

जमीन का साम्राज्य और किलेनुमा सुरक्षा
आनंदपुर धाम करीब 1500 बीघा (और कुछ रिपोर्टों के अनुसार कुल 10 हजार बीघा) जमीन पर फैला हुआ है।
यह किसी छोटे शहर जैसा है, जिसके पास अपनी बसें, अस्पताल, स्कूल और फायर ब्रिगेड तक है।
आश्रम की सुरक्षा किसी किले जैसी है—ऊंची दीवारें और उन पर लगे नुकीले कांच यह दर्शाते हैं कि बाहरी दुनिया और आश्रम के भीतर की जिंदगी बिल्कुल अलग है।
स्थानीय स्तर पर ट्रस्ट पर जमीन कब्जाने के आरोप भी लगते रहे हैं।

प्रशासन और पुलिस का पक्ष
जहां एक ओर पीड़िताएं मारपीट और यौन उत्पीड़न की बात कह रही हैं, वहीं अशोकनगर एसपी राजीव कुमार मिश्रा का बयान अलग कहानी बयां करता है।
उनके अनुसार, अधिकांश पुराने मामलों में समझौता हो चुका है और वर्तमान में यौन उत्पीड़न से संबंधित कोई नई लिखित शिकायत पुलिस को नहीं मिली है।
वहीं, मामले में नाम घसीटे जाने पर तीन आईएएस अफसरों ने भी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
क्या है आनंदपुर धाम
- अद्वैत मत का प्रमुख केंद्र
- आनंदपुर धाम परमहंस अद्वैतानंद महाराज का समाधि स्थल है।
- ये अद्वैत मत के सबसे प्रमुख संत माने जाते हैं।
- अशोकनगर जिले में श्री अद्वैत मत का मुख्य आश्रम है।
- यहां पंचम पादशाही की परंपरा के मंदिर हैं।
- फिलहाल छठवीं पादशाही चल रही है।

आश्रम में ये सुविधाएं और व्यवस्थाएं
- 3 बड़े स्कूल
- 300 बिस्तरों वाला एक आधुनिक अस्पताल
- आश्रम के भीतर एक पेट्रोल पंप, अपनी फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस सेवा
- कंस्ट्रक्शन विंग और बोरवेल मशीनें
- 300 से अधिक गायों वाली एक विशाल गोशाला
- एक बड़ा ट्रांसपोर्ट विंग जिसमें डंपर, ट्रक, बसें और कई अन्य वाहन शामिल हैं
- 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरे और 500 से ज्यादा सुरक्षा गार्ड
- चार हेलीपैड (पीएम के लिए बने)
- तीन निजी बस स्टैंड
- वाहन वर्कशॉप्स और आधुनिक मशीनें
- CCTV सर्विलांस
- प्राइवेट सिक्योरिटी
- साफ और चौड़ी सड़कें


