Shankaracharya Sexual Harassment Case: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती इन दिनों एक गंभीर विवाद में फंसे हुए हैं।
प्रयागराज की एक अदालत के आदेश पर उन पर बच्चों के यौन शोषण जैसे संगीन आरोप लगे हैं, जिसके बाद उत्तर प्रदेश की सियासत और संत समाज में हड़कंप मच गया है।
सोमवार को इस मामले में नया मोड़ तब आया जब प्रयागराज पुलिस की एक विशेष टीम जांच के लिए वाराणसी रवाना हो गई।
शंकराचार्य बोले: ‘मैं अपराधी नहीं जो डरूं’
सोमवार सुबह वाराणसी स्थित अपने आश्रम में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
उनके चेहरे पर न तो कोई शिकन थी और न ही डर।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “मैं कहीं भाग नहीं रहा हूं। मैं यहीं अपने आश्रम में हूं। पुलिस को जो भी पूछना है, आकर पूछ ले, मैं जांच में पूरा सहयोग करूंगा।”
उन्होंने इस पूरे मामले को एक राजनीतिक साजिश करार दिया।
शंकराचार्य ने कहा- यह सरकार चाहती है कि हम धर्मगुरु और सरकार दोनों बनें।
देश में 4 शंकराचार्य हैं जिन्होंने हमेशा सनातन धर्म की रक्षा की है। अब उन्होंने उन पर हमला करना शुरू कर दिया है।
हम लंबे समय से ‘गौ माता’ को राष्ट्रमाता घोषित करने और गोहत्या बंद करने के लिए आंदोलन चला रहे हैं।
ये लोग जनता का ध्यान किसी और चीज़ पर भटकाना चाहते हैं। देश की जनता चाहती है कि गाय माता की रक्षा हो।
उनके मुताबिक, योगी सरकार उनकी इस आवाज को दबाना चाहती है क्योंकि वे सरकार की नीतियों के खिलाफ खड़े हैं।
साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि एक ‘हिस्ट्रीशीटर’ व्यक्ति को मोहरा बनाकर उन पर यह झूठे इल्जाम लगाए गए हैं।
#WATCH | Varanasi, Uttar Pradesh: Swami Avimukteshwaranand Saraswati says, “We meet the public from time to time… This government wants that we should be both the religious leaders and the government… There are 4 Shankaracharyas in the country who have always protected… https://t.co/S7Hc4JzazR pic.twitter.com/usmXSoTCQS
— ANI (@ANI) February 23, 2026
जांच पर उठाए सवाल
अविमुक्तेश्वरानंद ने पुलिस और व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि जिन बच्चों की बात की जा रही है, उनका उनके गुरुकुल से कोई लेना-देना नहीं है।
उन्होंने दावा किया कि बच्चों की मार्कशीट से पता चला है कि वे हरदोई के किसी स्कूल के छात्र हैं और उनका पंजीकरण कभी उनके मठ या स्कूल में नहीं हुआ।
उन्होंने यह भी पूछा कि अगर बच्चों के साथ कुछ गलत हुआ है, तो अभी तक जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने उन्हें अपनी सुरक्षा में क्यों नहीं लिया?
एक अपराधी प्रवृत्ति का व्यक्ति बच्चों का अभिभावक बनकर कैसे घूम रहा है?
Varanasi, Uttar Pradesh: Shankaracharya, Swami Avimukteshwaranand Saraswati says, “I don’t have much information, you all know more about what you are saying. The question of custodial arrest does not arise because custodial arrest is carried out for three reasons, first, to… pic.twitter.com/xXdVxHkBr6
— IANS (@ians_india) February 23, 2026
यूपी पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं
वाराणसी आश्रम में सोमवार को वकीलों की फौज जुटी रही।
हालांकि शंकराचार्य ने कहा कि वे कानूनी दांव-पेंच में ज्यादा दिमाग नहीं लगाना चाहते और अपना ध्यान गौ सेवा पर रखना चाहते हैं, लेकिन उनके कानूनी सलाहकार हाईकोर्ट में गिरफ्तारी पर रोक (Stay) के लिए अर्जी दाखिल करने की तैयारी कर रहे हैं।
अविमुक्तेश्वरानंद ने जनता के हवाले से कहा कि लोगों को यूपी पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है क्योंकि यहां बीजेपी की सरकार है।
उन्होंने मांग की कि इस मामले की जांच किसी ऐसे राज्य की पुलिस से कराई जाए जहां गैर-बीजेपी सरकार हो।
Varanasi, Uttar Pradesh: Shankaracharya, Swami Avimukteshwaranand Saraswati says, “We have not summoned any lawyers, lawyers will work in the court as usual, there is no necessity for them to be here. However, some lawyers have come on their own, standing here out of their own… pic.twitter.com/ykdefO7uvv
— IANS (@ians_india) February 23, 2026
तीन अदालतों का भरोसा
शंकराचार्य ने आखिर में भावुक होते हुए कहा कि उनके लिए तीन अदालतें मायने रखती हैं पहली ‘जनता’ जो सब देख रही है, दूसरी उनका ‘अंतर्मन’ जो जानता है कि वे निर्दोष हैं, और तीसरी ‘ईश्वर’ की अदालत जहां से उन्हें न्याय की पूरी उम्मीद है।
उन्होंने रामायण के ‘कालनेमि’ राक्षस का उदाहरण देते हुए कहा कि जो लोग साधु का वेश धरकर छल कर रहे हैं, उनका अंत रावण की तरह ही होगा।
VIDEO | “I’m not going anywhere and I am ready for a police inquiry,” says Swami Avimukteshwaranand at his Math in Varansi responding to the FIR against him under POCSO Act.
(Full video available on https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/URMuoRVjzw
— Press Trust of India (@PTI_News) February 23, 2026
• प्रयागराज में हम कैमरों की जद में थे. चप्पे-चप्पे पर CCTV लगा हुआ है.
• हम तो शिविर में गए ही नहीं, पुलिस ने जहां छोड़ा था वहीं बैठे रहे.
• ऐसे ने ये यौन शोषण का आरोप लगवाना कितनी नीचता की बात है.
• भ्रम फैलाया जा रहा कि CD है, फिर CD सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही?
— Ranvijay Singh (@ranvijaylive) February 23, 2026
क्या है पूरा मामला?
विवाद की शुरुआत आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज नामक व्यक्ति की शिकायत से हुई।
उन्होंने आरोप लगाया कि माघ मेला 2024-25 और महाकुंभ के दौरान शंकराचार्य के शिविर में बच्चों का यौन शोषण किया गया।
शिकायतकर्ता ने प्रयागराज की स्पेशल पॉक्सो (POCSO) कोर्ट में दो बच्चों को पेश किया, जिनके बयान बंद कमरे में दर्ज किए गए।
कोर्ट के कड़े रुख के बाद शनिवार देर रात झूंसी थाने में अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
Prayagraj, Uttar Pradesh: Police at Jhunsi police station have registered an FIR against Swami Avimukteshwaranand Saraswati in a sexual harassment case following a court order.
Petitioner Ashutosh Brahmachari says, “The FIR has been registered on the court’s orders. After… pic.twitter.com/EYvcwXS0ml
— IANS (@ians_india) February 22, 2026
संत समाज में मतभेद
इस मामले ने साधु-संतों को दो गुटों में बांट दिया है।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी का कहना है कि मामला जांच का है और सच सामने आना चाहिए।
वहीं, कुछ संतों जैसे जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
Nashik, Maharashtra: Charandas ji Maharaj, reacting to the court order directing the registration of an FIR against Swami Avimukteshwaranand and his aide under the POCSO Act, says, “Regarding the allegations made against Shankaracharya Swami Avimukteshwaranand ji and the reported… pic.twitter.com/GF6ji773my
— IANS (@ians_india) February 22, 2026
दूसरी ओर, किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर संजना गिरी ने इसे सनातन धर्म को बदनाम करने की साजिश बताया और शिकायतकर्ता की नीयत पर सवाल उठाए।
Varanasi, Uttar Pradesh: Advocate of Swami Avimukteshwaranand, Rakesh Mishra says, “After the court’s order, a serious case has been registered, carrying sentences of 10 years or more. Currently, the police have the right to make arrests. What their intentions are in coming here… pic.twitter.com/k6BTljhb14
— IANS (@ians_india) February 23, 2026
पुलिस की कार्रवाई और सीन रिक्रिएशन
प्रयागराज पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है।
रविवार को पुलिस की टीम शिकायतकर्ता के साथ माघ मेला क्षेत्र पहुंची।
वहां उस जगह का बारीकी से निरीक्षण किया गया जहां शंकराचार्य का शिविर लगा था।
पुलिस ने शिविर के एंट्री और एग्जिट गेट, पीछे के रास्ते और आसपास के रास्तों का नक्शा तैयार किया है।
सूत्रों की मानें तो पुलिस वाराणसी में शंकराचार्य से आमने-सामने पूछताछ कर सकती है और सबूतों के आधार पर गिरफ्तारी की कार्रवाई भी संभव है।


