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भोपाल में गोमांस के बाद मृत गायों के मिलने से हड़कंप: हिंदूवादी संगठनों का प्रदर्शन, थाने में शिकायत

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 13 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Bhopal Cow Deaths: भोपाल के अरवलिया स्थित नगर निगम की गोशाला में 9 जनवरी की रात 6 गोवंश मृत पाए गए।

जिसके बाद हिंदूवादी संगठनों ने जमकर हंगामा किया और निगम प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए।

शुक्रवार की देर रात विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को गोशाला में अव्यवस्था की सूचना मिली थी।

जब कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे, तो गोशाला के मुख्य द्वार पर ताला लटका था।

संदेह होने पर पुलिस को बुलाया गया और जब गेट खुलवाकर अंदर निरीक्षण किया गया, तो वहां का नजारा विचलित करने वाला था।

परिसर में 6 गायें मृत पड़ी थीं, जबकि 4 अन्य गोवंश की हालत बेहद नाजुक थी।

गोबर मिला चारा और दफनाने की साजिश

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि गोशाला में गायों को ढंग का चारा तक नसीब नहीं हो रहा है।

भूख से तड़प रही गायें गोबर मिला हुआ भूसा खाने को मजबूर हैं।

इतना ही नहीं, कार्यकर्ताओं ने गोशाला परिसर के अंदर ही एक बड़ा गड्ढा खुदा हुआ पाया।

उनका आरोप है कि निगम के कर्मचारी मृत गायों को चुपचाप दफनाने की फिराक में थे ताकि उनकी लापरवाही पर पर्दा डाला जा सके।

पुलिस में शिकायत

घटना से आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने गोशाला के बाहर ही हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम के अपर आयुक्त (ADC) देर रात मौके पर पहुंचे और जांच के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।

कार्यकर्ताओं ने ईंटखेड़ी थाने में आवेदन देकर मामले की एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

मृत गायों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए पशु अस्पताल भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का खुलासा होगा।

सियासी उबाल और स्लॉटर हाउस विवाद

यह मामला सिर्फ गोशाला तक सीमित नहीं रहा।

हाल ही में एक स्लॉटर हाउस की गाड़ी में गोमांस मिलने की पुष्टि के बाद भोपाल की राजनीति गरमा गई है।

कांग्रेस और विपक्षी पार्षदों ने नगर निगम को घेरा है।

पार्षद योगेंद्र सिंह चौहान का कहना है कि स्लॉटर हाउस की अनुमति बिना परिषद में लाए चुपचाप एमआईसी (MIC) के जरिए दे दी गई।

विपक्ष का दावा है कि जितनी मात्रा में मांस बरामद हुआ है, वह सैकड़ों गायों को काटने की ओर इशारा करता है, जिसके लिए सीधे तौर पर निगम प्रशासन जिम्मेदार है।

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