Bhopal Beautician Rape Case: छत्तीसगढ़ की रहने वाली 21 वर्षीय ब्यूटीशियन ने भोपाल के बागसेवनिया थाने में चार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है।
इस मामले में गैंगरेप, ड्रग्स देने और धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने जैसे गंभीर आरोप लगे हैं।
पुलिस ने मुख्य आरोपी महिला अमरीन, उसकी बहन आफरीन और दोस्त चंदन यादव को गिरफ्तार कर लिया है।

पार्टी में हुई दोस्ती, फिर शुरू हुआ प्रताड़ना का दौर
पीड़िता ने बताया कि उसकी कहानी 31 दिसंबर 2024 को शाहपुरा के एक होटल में शुरू हुई थी।
वहां एक बर्थडे पार्टी के दौरान उसकी मुलाकात एक युवती से हुई, जिससे उसकी दोस्ती हो गई।
जनवरी 2025 में वे दोनों भोपाल के बागसेवनिया में अमरीन उर्फ माहिरा के घर शिफ्ट हो गईं।
शुरुआत में सब ठीक लगा, लेकिन जल्द ही पीड़िता को अहसास हुआ कि वह एक खतरनाक जाल में फंस चुकी है।
उसे पता चला कि उसकी सहेली का पहले ही धर्म परिवर्तन कराकर अमरीन के भाई से निकाह करा दिया गया है।

चंदन यादव, मुख्य आरोपी अमरीन और उसकी बहन आफरीन
नशीली चाय और बार-बार दुष्कर्म
पीड़िता का आरोप है कि उसे नशीले पदार्थों की लत लगाई गई।
अगस्त 2025 में आरोपी चंदन यादव उसे बहला-फुसलाकर ले गया और उसके साथ रेप किया।
बदनामी के डर से वह चुप रही, जिसका फायदा उठाकर उसके साथ बार-बार ज्यादती की गई।
हद तो तब हो गई जब नवंबर 2025 में अमरीन उसे अपने परिजनों से मिलाने गांधी नगर ले गई, जहां अमरीन के भाई बिलाल ने चाय में नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोशी की हालत में उसके साथ बलात्कार किया।

पब-लाउंज में प्रदर्शन और देह व्यापार का दबाव
आरोपियों ने पीड़िता को अपनी कठपुतली बना लिया था।
उसे छोटे कपड़े पहनने पर मजबूर किया जाता और शहर के नामी पब और लाउंज में ले जाया जाता था।
वहां उसे अनजान मर्दों से मेलजोल बढ़ाने और अनैतिक कार्यों के लिए मजबूर किया जाता था।
विरोध करने पर उसे धर्म परिवर्तन करने का दबाव दिया जाता।
दिसंबर 2025 में उसे काम के बहाने अहमदाबाद ले जाया गया, जहाँ यासिर नाम के शख्स ने भी उसके साथ दुष्कर्म किया।

एक और पीड़िता आई सामने
इस मामले में मोड़ तब आया जब एक 32 वर्षीय महिला भी शिकायत लेकर पुलिस के पास पहुंची।
उसने बताया कि वह वेटर का काम करती थी और अमरीन ने उसे घर के काम के बहाने अपने पास रखा था।
वहां चंदन यादव, चानू और यासिर ने उसके साथ रेप किया और उसे देह व्यापार में धकेल दिया।
उस महिला का जबरन धर्म परिवर्तन कराकर उसे बुर्का पहनने और नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया गया।

सोशल मीडिया के जरिए जब दोनों पीड़ितों का संपर्क हुआ, तब उन्हें अहसास हुआ कि वे एक ही गिरोह का शिकार बनी हैं।
इसके बाद दोनों ने हिम्मत जुटाई और पुलिस के पास जाकर इस खौफनाक सिंडिकेट का पर्दाफाश किया।
पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।


