Bhopal Slaughter House case: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में जिंसी स्थित नगर निगम के स्लॉटर हाउस में गोमांस मिलने का मामला गंभीर होता जा रहा है।
मंगलवार, 13 जनवरी को जब नगर निगम परिषद की बैठक शुरू हुई, तो उम्मीद के मुताबिक माहौल बेहद गरमाया हुआ था।
बैठक अपने निर्धारित समय से करीब एक घंटा देरी से शुरू हुई, लेकिन जैसे ही कार्यवाही शुरू हुई, कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही दलों के पार्षदों ने गोमांस के मुद्दे पर मोर्चा खोल दिया।
मेयर से इस्तीफे की मांग
कांग्रेस पार्षदों ने हाथों में पोस्टर लेकर जोरदार नारेबाजी की और महापौर मालती राय सहित मेयर इन काउंसिल (MIC) के सदस्यों से इस्तीफे की मांग की।
बीजेपी के पार्षद देवेंद्र भार्गव अपनी ही ‘शहर सरकार’ के खिलाफ खड़े नजर आए।
वे अपनी जैकेट पर गोमांस मिलने के विरोध में पोस्टर चिपकाकर पहुंचे थे।
हंगामे को देखते हुए अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही 30 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी।

पशु चिकित्सक सस्पेंड, मंत्री ने दिए आदेश
इस गंभीर मामले में प्रशासनिक कार्रवाई की गाज नगर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी बेनीप्रसाद गौर पर गिरी है।
कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने डॉ. गौर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने के आदेश दे दिए हैं।
डॉ. गौर पर आरोप है कि उनकी देखरेख में ही स्लॉटर हाउस का संचालन हो रहा था और उन्हीं की अनुमति से मांस को बाहर भेजने के दस्तावेज तैयार किए गए थे।
#WATCH | Bhopal, Madhya Pradesh: On the Bhopal Slaughterhouse Case, State Minister Kailash Vijayvargiya says, “We have ordered the Bhopal Municipal Corporation to immediately suspend the involved doctor (who allegedly issued a certificate identifying the cow meat as buffalo meat)… pic.twitter.com/qBEK9NoNnf
— ANI (@ANI) January 13, 2026
बीजेपी पार्षद ने की इस्तीफे की पेशकश
बीजेपी पार्षद देवेंद्र भार्गव ने गोवध की घटना पर दुखी होते हुए कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि जब हिंदू संगठनों (विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल) ने हमें आगाह किया, तब हमारी आंखें खुलीं।
उन्होंने मौके पर ही अपने इस्तीफे की घोषणा कर दी और कहा कि जब तक जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, वे अपना इस्तीफा वापस नहीं लेंगे।

स्लॉटर हाउस का ‘नेटवर्क’ और बड़ा खुलासा
जांच में यह बात सामने आई है कि जिंसी स्लॉटर हाउस से मांस का एक बड़ा नेटवर्क संचालित हो रहा था।
यह मांस भोपाल से मुंबई और फिर चेन्नई के रास्ते दुबई व खाड़ी देशों तक सप्लाई किया जा रहा था।
हैरानी की बात यह है कि नगर निगम के रिकॉर्ड में रोजाना केवल 40 भैंसों को काटने की परमिशन थी, लेकिन असल में वहां 100 से 150 पशु काटे जा रहे थे।
स्लॉटर हाउस के संचालक असलम कुरैशी ने खुद माना है कि संख्या आधिकारिक रिकॉर्ड से तीन गुना अधिक थी।
इंदौर नगर निगम की लापरवाही ने 23 लोगों के बाद 20 गौमाता की जान ले ली!
: श्री जीतू पटवारी जी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष.
📍प्रेस वार्ता, भोपाल. pic.twitter.com/rBQOmJSkji— MP Congress (@INCMP) January 12, 2026
100 करोड़ की जमीन का ‘सस्ता’ सौदा
इस पूरे विवाद में भ्रष्टाचार के भी गंभीर आरोप लग रहे हैं।
करीब साढे़ तीन एकड़ में फैला यह आधुनिक स्लॉटर हाउस 100 करोड़ रुपये की जमीन पर बना है।
नगर निगम ने इस विशाल परिसर को असलम कुरैशी को महज 4 लाख रुपये सालाना के मामूली ठेके पर दे दिया था।
इसके अलावा, परिसर के भीतर CCTV कैमरों का पूरा नियंत्रण केवल संचालक के पास था और बाहरी व्यक्तियों का प्रवेश मना था, जिससे संदिग्ध गतिविधियों को बढ़ावा मिला।

हिंदू संगठनों का अल्टीमेटम
सोमवार को भोपाल में हिंदू संगठनों ने जमकर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने महापौर का पुतला जलाया और नगर निगम कमिश्नर के कार्यालय तक जा पहुंचे।
उनकी मांग है कि आरोपी असलम कुरैशी को फांसी की सजा दी जाए और उसके परिवार के पास मौजूद सभी पुराने ठेके रद्द किए जाएं।
संगठनों ने प्रशासन को सख्त कार्रवाई के लिए 5 दिन का समय दिया है।
उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे हाईवे जाम करेंगे।
गौमांस टैक्स 0% को लेकर मोहन सरकार बेनकाब हो गई है!
: श्री जीतू पटवारी जी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष.
📍प्रेस वार्ता, भोपाल. pic.twitter.com/WbutvgyByA— MP Congress (@INCMP) January 12, 2026
‘भोपाल को मांस की मंडी नहीं बनने देंगे’
नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि भोपाल को मांस की मंडी बनाना नगर निगम की कोई बाध्यता नहीं है।
उन्होंने सुझाव दिया कि इस स्लॉटर हाउस को स्थायी रूप से बंद कर दिया जाना चाहिए।


