Bhopal contaminated water: इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से 17 लोगों की जान जा चुकी है।
अब राजधानी भोपाल के खानूगांव क्षेत्र में भी ऐसा ही खतरा मंडरा रहा है।
दरअसल, खानूगांव की पार्षद रेहाना सुल्तान के प्रतिनिधि मोहम्मद जहीर ने एक चौंकाने वाला वीडियो सार्वजनिक किया है।
इस वीडियो में देखा जा सकता है कि सीवेज का गंदा पानी सीधे उस कुएं में मिल रहा है, जिससे करीब 2000 लोगों को पीने के पानी की सप्लाई की जाती है।
अधिकारियों की बेरुखी और जनता का आक्रोश
पार्षद प्रतिनिधि का आरोप है कि पिछले 15 दिनों से इस समस्या की लिखित शिकायत नगर निगम को की जा रही है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला।
स्थिति इतनी खराब हो गई है कि जिम्मेदार अधिकारियों ने अब स्थानीय जनप्रतिनिधियों का फोन उठाना तक बंद कर दिया है।
लोग मजबूरन गंदा पानी पी रहे हैं, जिससे इलाके में हैजा और टाइफाइड जैसी बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है।
स्थानीय निवासी अब नगर निगम के खिलाफ बड़े प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं।
Contaminated water crisis disrupts daily life in Bhopal’s Saeed Nagar.
According to locals, water supplied to is contaminated and foul-smelling, causing many to fall ill frequently.
Municipal officials dismiss these allegations and claim that all complaints were addressed. pic.twitter.com/XVy7Tm1PuU
— News Arena India (@NewsArenaIndia) January 3, 2026
भोपाल के 22 वार्ड ‘डेंजर जोन’ में
सिर्फ खानूगांव ही नहीं, बल्कि भोपाल के 22 वार्ड ऐसे हैं जो इस समय खतरे के निशान पर हैं।
नगर निगम की जांच में सामने आया है कि पुराने भोपाल के कई इलाकों में पानी की पाइपलाइन और सीवेज लाइन एक साथ बिछी हुई हैं।
लगभग 400 किलोमीटर लंबी यह लाइनें लोहे की हैं और अपनी उम्र पूरी कर चुकी हैं।
जंग लगने के कारण इनमें जगह-जगह लीकेज हैं, जिनसे सीवेज का गंदा पानी पीने के पानी में मिल रहा है।
नरेला जोन क्रमांक 17 करोंद में एक ही चैंबर से वाटर सप्लाई और सीवेज लाइन होने से पूरे क्षेत्र की लगभग (1.5 लाख) जनता जहरीला पानी पीने को मजबूर। स्थानीय पार्षद एवं क्षेत्रीय रहवासियों के साथ इन जहरीले जल स्रोत का निरीक्षण कर नगर निगम से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की। pic.twitter.com/NO688RIGsk
— Manoj Shukla (@ManojShukla_INC) January 1, 2026
प्रमुख प्रभावित क्षेत्र:
शहर के 5 जोन में पानी की पाइप लाइन पुरानी हो चुकी है।
यह इलाके हैं जोन 3 के बाबू जगजीवन राम, नारियल खेड़ा, गीतांजलि
जोन 4 के जेपी नगर, मोतीलाल नेहरू, इब्राहिम गंज,
जोन-5 के रॉयल मार्केट, बाग मुंशी हुसैन, शाहजहांनाबाद, लाल बहादुर शास्त्री, मोती मस्जिद, इस्लामपुर,
जोन 16 के गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र, राजीव गांधी, भोपाल मेमोरियल, भानपुर
जोन-17 के बड़वाई, छोला, रूसल्ली, करोंद और नवीबाग जैसे इलाकों में ज्यादा परेशानी है।
इसके अलावा देवकी नगर, अंबेडकर नगर और चौकसे नगर में भी लीकेज सबसे ज्यादा होते हैं।
सुधार के लिए 500 करोड़ की जरूरत
नगर निगम के अनुसार, शहर के कुल 2.71 लाख नल कनेक्शनों में से करीब 75 हजार पाइपलाइनों को तुरंत बदलने की जरूरत है।
इस पूरे ढांचे को ठीक करने के लिए लगभग 500 करोड़ रुपये का बजट चाहिए।
हालांकि, अमृत-2 योजना के तहत 750 किलोमीटर नई पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है, लेकिन वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह रफ्तार धीमी जान पड़ती है।
Audit figures show that unsafe drinking water has been linked to more than half a million cases of diarrhoea, typhoid and hepatitis in Bhopal and Indore over six years, with Bhopal’s waterborne disease figures raising deeper concernshttps://t.co/yh4Iq8g16x
🖋️ @RakeshMaalviya pic.twitter.com/z1KPxWC8LH— Down To Earth (@down2earthindia) January 5, 2026
निगम का दावा और जमीनी हकीकत
हैरानी की बात यह है कि नगर निगम का कहना है कि उन्होंने शहर भर से 1000 पानी के सैंपल लिए हैं और सभी ‘पास’ हुए हैं।
लेकिन खानूगांव के वायरल वीडियो और स्थानीय लोगों की शिकायतें कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं।
वर्तमान में शहर को रोजाना 450 मिलियन लीटर पानी सप्लाई किया जा रहा है, लेकिन अगर पाइपलाइन का लीकेज और सीवेज का रिसाव बंद नहीं हुआ, तो यह बड़ी आबादी के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।


