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CBSE Board 2026: 10वीं के लिए दो बार परीक्षा का मौका, 12वीं वालों के लिए ‘नंबर सुधार’ हुआ मुश्किल

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

CBSE Board Exam 2026 New Rules: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 17 फरवरी 2026 से शुरू हो रही हैं।

इस बार बोर्ड ने परीक्षा के नियमों में कुछ ऐसे बदलाव किए हैं, जिनका सीधा असर लाखों छात्रों के रिजल्ट और उनके करियर पर पड़ेगा।

सबसे बड़ा बदलाव 12वीं कक्षा के ‘सप्लीमेंट्री एग्जाम’ यानी नंबर सुधारने (Improvement) के मौके को लेकर किया गया है।

12वीं के छात्रों के लिए ‘एक विषय’ का नया नियम

अब तक नियम यह था कि 12वीं का रिजल्ट आने के बाद अगर कोई छात्र अपने नंबरों से खुश नहीं है, तो वह एक से अधिक विषयों में सुधार के लिए सप्लीमेंट्री परीक्षा दे सकता था।

यह परीक्षा मुख्य रिजल्ट आने के दो महीने के भीतर हो जाती थी।

लेकिन CBSE के नए नियम के मुताबिक, अब 12वीं के छात्र रिजल्ट के तुरंत बाद होने वाली सप्लीमेंट्री परीक्षा में सिर्फ एक ही विषय के लिए बैठ सकेंगे।

अगर कोई छात्र एक से ज्यादा विषयों में अपने नंबर सुधारना चाहता है, तो उसे उस साल मौका नहीं मिलेगा।

इसके लिए उसे अगले साल होने वाली मुख्य बोर्ड परीक्षा (Main Exam) का इंतजार करना होगा और उसमें शामिल होना होगा।

छात्रों पर इसका असर:

इस बदलाव का मतलब है कि अब छात्रों के पास सुधार का मौका सीमित हो गया है।

अगर आप कई विषयों में कम स्कोर करते हैं, तो आपका पूरा एक साल दांव पर लग सकता है। इसलिए, मुख्य परीक्षा की तैयारी में कोई कसर न छोड़ें।

10वीं के छात्रों के लिए ‘दो फेज’ वाली पॉलिसी

10वीं के छात्रों के लिए सीबीएसई ने राहत भरी खबर दी है। उनके लिए दो एग्जाम विंडो होंगी:

  • फेज 1 (मेन एग्जाम): जो 17 फरवरी से शुरू हो रहे हैं।
  • फेज 2 (ऑप्शनल एग्जाम): जो मई 2026 में आयोजित होंगे।

यह फेज 2 उन छात्रों के लिए है जो अपने स्कोर में सुधार करना चाहते हैं या अधिकतम तीन विषयों में फेल हो गए हैं।

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खास बात यह है कि दोनों परीक्षाओं में से जिस भी परीक्षा में छात्र के ज्यादा नंबर आएंगे, उसे ही फाइनल रिजल्ट में जोड़ा जाएगा। हालांकि, फेज 1 की परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य है।

जो छात्र कम से कम 3 विषयों के एग्जाम में नहीं बैठेंगे, उन्हें ‘अनिवार्य रिपीट’ (Essential Repeat) की कैटेगरी में डाल दिया जाएगा।

सप्लीमेंट्री एग्जाम का शेड्यूल (Tentative)

बोर्ड ने जानकारी दी है कि 12वीं का रिजल्ट मई 2026 में घोषित होगा।

इसके बाद नंबर सुधारने के लिए सप्लीमेंट्री एग्जाम 15 जुलाई 2026 को आयोजित किया जा सकता है।

इसके लिए जल्द ही आधिकारिक सर्कुलर और आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी।

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परीक्षा केंद्र जाने से पहले याद रखें ये 10 जरूरी बातें

सीबीएसई ने परीक्षा के दौरान अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं:

  1. 50% कॉम्पिटेंसी सवाल: इस बार पेपर रट्टा मारने वाला नहीं होगा। 10वीं और 12वीं दोनों में 50% सवाल योग्यता आधारित (Competency-based) होंगे, जो छात्र की समझ परखेंगे। 20% MCQ और 30% लंबे/छोटे उत्तर वाले सवाल होंगे।
  2. एंट्री का समय: सुबह 10:00 बजे के बाद किसी भी कीमत पर परीक्षा केंद्र में एंट्री नहीं मिलेगी। देरी से पहुंचना आपको परीक्षा से वंचित कर सकता है।
  3. अनिवार्य डॉक्यूमेंट्स: अपने साथ एडमिट कार्ड और स्कूल आईडी कार्ड जरूर रखें। इनके बिना अंदर जाने की अनुमति नहीं होगी।
  4. ड्रेस कोड: केवल वही छात्र परीक्षा दे पाएंगे जो अपनी प्रॉपर स्कूल यूनिफॉर्म में होंगे। प्राइवेट छात्रों के लिए सादे कपड़े मान्य होंगे।
  5. पासिंग मार्क्स का गणित: हर विषय में कम से कम 33% नंबर लाना जरूरी है। जिन विषयों में प्रैक्टिकल है, उनमें थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों में अलग-अलग 33% नंबर लाने होंगे।
  6. क्या ले जा सकते हैं: पारदर्शी (Transparent) पाउच में नीला/रॉयल ब्लू बॉलपॉइंट पेन, ज्योमेट्री बॉक्स और पानी की पारदर्शी बोतल ले जाने की अनुमति है। डिजिटल घड़ियां या गैजेट्स प्रतिबंधित हैं।
  7. फेक न्यूज से बचें: अगर कोई छात्र सोशल मीडिया पर पेपर लीक या परीक्षा से जुड़ी झूठी अफवाह फैलाते हुए पकड़ा गया, तो उस पर ‘अनफेयर मीन्स’ (UFM) के तहत कार्रवाई होगी। सजा के तौर पर पेपर कैंसिल हो सकता है और 5 साल तक का बैन भी लग सकता है।
  8. ऑन-स्क्रीन मार्किंग: 12वीं की आंसर शीट की चेकिंग इस बार ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ (OSM) के जरिए होगी, जिससे मूल्यांकन में गलती की गुंजाइश कम होगी।
  9. 10वीं साइंस और सोशल साइंस के लिए विशेष निर्देश: छात्रों को बायोलॉजी, केमिस्ट्री और फिजिक्स जैसे अलग-अलग सेक्शन के जवाब उनके निर्धारित सेक्शन में ही लिखने होंगे। गलत सेक्शन में जवाब लिखने पर उसे चेक नहीं किया जाएगा।
  10. सप्लीमेंट्री का मौका: 12वीं वालों के लिए 1 विषय और 10वीं वालों के लिए अधिकतम 3 विषयों में सुधार का मौका मिलेगा।

सीबीएसई के ये नए बदलाव छात्रों को और अधिक गंभीर बनाने के लिए किए गए हैं।

जहां 10वीं वालों को सुधार के दो मौके मिल रहे हैं, वहीं 12वीं वालों के लिए चुनौती बढ़ गई है।

अपनी तैयारी को इन्हीं नियमों के हिसाब से ढालें ताकि रिजल्ट के बाद पछताना न पड़े।

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