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बिहार के बाद छत्तीसगढ़ के ज्वैलरी शॉप में भी बुर्का-हेलमेट बैन: चेहरा ढंककर दुकान में एंट्री पर रोक

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Burqa helmet ban in CG: छत्तीसगढ़ के सर्राफा व्यवसायियों ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है।

प्रदेश भर की आभूषण दुकानों में अब ग्राहकों को चेहरा ढंककर प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

इसमें बुर्का, हेलमेट, नकाब या किसी भी प्रकार का ऐसा मास्क शामिल है जिससे व्यक्ति की पहचान छिपाई जा सके।

छत्तीसगढ़ से पहले बिहार, झांसी और वाराणसी में भी सुरक्षा कारणों से इस तरह का कड़ा फैसला लिया जा चुका है।

फैसले की वजह: राजिम की बड़ी चोरी

इस कड़े निर्णय के पीछे की मुख्य वजह हाल ही में गरियाबंद जिले के नवापारा-राजिम में हुई एक बड़ी चोरी की वारदात है।

यहां अज्ञात चोरों ने एक आभूषण दुकान से लगभग 90 ग्राम सोना, 40 किलो चांदी और 2 लाख रुपये नगद सहित करोड़ों रुपये के माल पर हाथ साफ कर दिया।

इस घटना ने व्यापारियों के भीतर दहशत बढ़ा दी है।

सबसे बड़ी चुनौती यह रही कि चोरों ने नकाब पहन रखा था, जिसके कारण हाई-क्वालिटी सीसीटीवी कैमरों के बावजूद पुलिस उनकी पहचान करने में विफल रही।

एसोसिएशन की बैठक में फैसला 

चोरी की इस घटना के बाद ‘छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन’ ने आपातकालीन बैठक बुलाई।

एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल सोनी ने प्रदेश भर के व्यापारियों और सदस्यों के सुझावों पर चर्चा की।

सामूहिक राय यह बनी कि अपराधियों को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका उनकी पहचान को स्पष्ट करना है।

इसी आधार पर यह नियम बनाया गया कि दुकान के भीतर कदम रखते ही ग्राहक को अपना चेहरा दिखाना होगा।

क्या है नया नियम?

  • दुकान में प्रवेश के समय हेलमेट उतारना अनिवार्य होगा।
  • बुर्का या नकाब पहनकर आने वाली महिलाओं को भी अपनी पहचान स्पष्ट करनी होगी।
  • चेहरे पर रुमाल, मफलर या मास्क लगाकर एंट्री नहीं मिलेगी।
  • दुकानों के बाहर इस संबंध में सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे।

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किसी समुदाय के खिलाफ नहीं, सिर्फ सुरक्षा के लिए

एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि इस फैसले का उद्देश्य किसी विशेष धर्म या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है।

व्यापारियों का कहना है कि यह पूरी तरह से एक सुरक्षात्मक कदम है।

अपराधी अक्सर रेकी करने के लिए नकाब का सहारा लेकर दुकानों में घुसते हैं और सीसीटीवी कैमरों से बच निकलते हैं।

पहचान स्पष्ट होने से न केवल चोरी की घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि पुलिस को अपराधियों को पकड़ने में भी आसानी होगी।

व्यापारियों के लिए निर्देश और प्रशासन से मांग

प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन ने सभी दुकानदारों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को आधुनिक बनाएं।

दुकानों में उच्च गुणवत्ता वाले (High-Resolution) कैमरे और सेंसर अलार्म सिस्टम लगाए जाएं।

साथ ही, संदिग्ध व्यक्तियों के दिखने पर तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें।

इसके अलावा, एसोसिएशन ने राज्य सरकार से मांग की है कि सर्राफा बाजारों में पुलिस की गश्त (पेट्रोलिंग) बढ़ाई जाए और राजिम चोरी कांड के दोषियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाए।

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