Burqa helmet ban in CG: छत्तीसगढ़ के सर्राफा व्यवसायियों ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है।
प्रदेश भर की आभूषण दुकानों में अब ग्राहकों को चेहरा ढंककर प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इसमें बुर्का, हेलमेट, नकाब या किसी भी प्रकार का ऐसा मास्क शामिल है जिससे व्यक्ति की पहचान छिपाई जा सके।
छत्तीसगढ़ से पहले बिहार, झांसी और वाराणसी में भी सुरक्षा कारणों से इस तरह का कड़ा फैसला लिया जा चुका है।
फैसले की वजह: राजिम की बड़ी चोरी
इस कड़े निर्णय के पीछे की मुख्य वजह हाल ही में गरियाबंद जिले के नवापारा-राजिम में हुई एक बड़ी चोरी की वारदात है।
यहां अज्ञात चोरों ने एक आभूषण दुकान से लगभग 90 ग्राम सोना, 40 किलो चांदी और 2 लाख रुपये नगद सहित करोड़ों रुपये के माल पर हाथ साफ कर दिया।
#Chhattisgarh’s Pradesh Sarrafa Association has unanimously decided that customers with covered faces will not be allowed to enter #jewellery shops anywhere in the state. The restriction applies to people wearing helmets, burqas, veils, masks or any other form of face covering.… pic.twitter.com/DrIAMhf0QJ
— The Times Of India (@timesofindia) January 15, 2026
इस घटना ने व्यापारियों के भीतर दहशत बढ़ा दी है।
सबसे बड़ी चुनौती यह रही कि चोरों ने नकाब पहन रखा था, जिसके कारण हाई-क्वालिटी सीसीटीवी कैमरों के बावजूद पुलिस उनकी पहचान करने में विफल रही।
एसोसिएशन की बैठक में फैसला
चोरी की इस घटना के बाद ‘छत्तीसगढ़ प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन’ ने आपातकालीन बैठक बुलाई।
एसोसिएशन के अध्यक्ष कमल सोनी ने प्रदेश भर के व्यापारियों और सदस्यों के सुझावों पर चर्चा की।
सामूहिक राय यह बनी कि अपराधियों को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका उनकी पहचान को स्पष्ट करना है।
इसी आधार पर यह नियम बनाया गया कि दुकान के भीतर कदम रखते ही ग्राहक को अपना चेहरा दिखाना होगा।
बुर्का, मास्क वालों को छत्तीसगढ़ के ज्वेलर्स दुकानों पर NO Entry
पूरी खबर Link में https://t.co/dVNVkf1VSR pic.twitter.com/6Sb38vdsHc— news36live (@news36live) January 14, 2026
क्या है नया नियम?
- दुकान में प्रवेश के समय हेलमेट उतारना अनिवार्य होगा।
- बुर्का या नकाब पहनकर आने वाली महिलाओं को भी अपनी पहचान स्पष्ट करनी होगी।
- चेहरे पर रुमाल, मफलर या मास्क लगाकर एंट्री नहीं मिलेगी।
- दुकानों के बाहर इस संबंध में सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे।

किसी समुदाय के खिलाफ नहीं, सिर्फ सुरक्षा के लिए
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि इस फैसले का उद्देश्य किसी विशेष धर्म या समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं है।
व्यापारियों का कहना है कि यह पूरी तरह से एक सुरक्षात्मक कदम है।
अपराधी अक्सर रेकी करने के लिए नकाब का सहारा लेकर दुकानों में घुसते हैं और सीसीटीवी कैमरों से बच निकलते हैं।
पहचान स्पष्ट होने से न केवल चोरी की घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि पुलिस को अपराधियों को पकड़ने में भी आसानी होगी।
#WATCH: छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन ने लगातार हो रही चोरी की घटनाओं के बाद लिया बड़ा निर्णय
◆ सराफा दुकानों में बुर्का और नकाब में एंट्री को किया गया बैन
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— Times Now Navbharat (@TNNavbharat) January 14, 2026
व्यापारियों के लिए निर्देश और प्रशासन से मांग
प्रदेश सर्राफा एसोसिएशन ने सभी दुकानदारों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा को आधुनिक बनाएं।
दुकानों में उच्च गुणवत्ता वाले (High-Resolution) कैमरे और सेंसर अलार्म सिस्टम लगाए जाएं।
साथ ही, संदिग्ध व्यक्तियों के दिखने पर तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें।
इसके अलावा, एसोसिएशन ने राज्य सरकार से मांग की है कि सर्राफा बाजारों में पुलिस की गश्त (पेट्रोलिंग) बढ़ाई जाए और राजिम चोरी कांड के दोषियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाए।


