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छिंदवाड़ा अस्पताल हादसा: NICU में वार्मर जला, 3 नवजात झुलसे; सर्जन न होने पर जबलपुर रेफर, रास्ते में एक की जान गई

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Chhindwara NICU Fire: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिला अस्पताल से एक बेहद दुखद और हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है।

शुक्रवार देर रात अस्पताल के नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में अचानक आग लग गई।

इस दर्दनाक हादसे में वार्मर (डोली) में रखे तीन नवजात बच्चे गंभीर रूप से झुलस गए।

जबलपुर मेडिकल कॉलेज ले जाते समय रास्ते में ही एक 6 दिन की मासूम बच्ची की मौत हो गई, जबकि दो अन्य बच्चों का इलाज जारी है।

रात 2 से 3 बजे के बीच हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, घटना शुक्रवार रात लगभग 2 से 3 बजे के बीच की है।

NICU वार्ड में लगे एक इलेक्ट्रिक प्लग में अचानक शॉर्ट सर्किट हुआ।

देखते ही देखते चिंगारी उस डोली तक जा पहुंची, जिसमें तीन नवजात बच्चे रखे हुए थे।

आग ने डोली के आसपास मौजूद प्लास्टिक और कपड़ों को तेजी से अपनी चपेट में ले लिया।

हादसे के वक्त वार्ड में 20 से ज्यादा नवजात बच्चे भर्ती थे और केवल तीन स्टाफ सदस्य ड्यूटी पर मौजूद थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, धुआं और आग देखकर कर्मचारियों ने तुरंत अग्निशामक यंत्र (Fire Extinguisher) की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की और बच्चों को बाहर निकाला।

गनीमत यह रही कि आग केवल एक ही यूनिट तक सीमित रही और बाकी बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया।

सर्जन न होने से जबलपुर करना पड़ा रेफर

आग में झुलसे तीनों बच्चों की उम्र महज 6 से 12 दिन के बीच है।

प्राथमिक उपचार के बाद सुबह करीब 5 बजे उन्हें जबलपुर मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया।

अस्पताल की डॉक्टर कंचन दुबे ने बताया कि जिला अस्पताल में ‘पीडियाट्रिक सर्जन’ (बच्चों के सर्जन) न होने के कारण गंभीर रूप से झुलसे बच्चों को जबलपुर भेजना जरूरी था।

पिता का छलका दर्द, आर्थिक मदद की गुहार

रास्ते में दम तोड़ने वाली मासूम बच्ची के पिता आदित्य वर्मा ने रोते हुए बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी को तीन दिन पहले ही प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया था।

शुक्रवार रात करीब 10:30 बजे ही बच्ची का जन्म हुआ था और इंफेक्शन के कारण उसे NICU में रखा गया था।

जन्म के कुछ ही घंटों बाद इस हादसे ने उनकी दुनिया उजाड़ दी।

पीड़ित परिजनों की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है, इसलिए उन्होंने प्रशासन से बाकी बच्चों के इलाज का पूरा खर्च उठाने की गुहार लगाई है।

जांच में जुटा प्रशासन

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और अस्पताल प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

इसके साथ ही अस्पताल के सुरक्षा इंतजामों और NICU में लगे उपकरणों की गुणवत्ता की भी जांच की जा रही है।

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