Chhindwara poisonous sweets: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव के’मिठाई कांड’ ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है।
खाद्य विभाग की ताज़ा जांच रिपोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि यह कोई सामान्य फूड पॉइजनिंग का मामला नहीं, बल्कि एक सोची-समझी हत्या की साजिश थी।
जांच में मिठाई के अंदर आर्सेनिक (चूहा मार दवा) की अत्यधिक मात्रा पाई गई है।
क्या है पूरा मामला?
घटना 8 जनवरी की है, जब जुन्नारदेव में पीएचई (PHE) विभाग के पास स्थित एक होटल में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा मिठाई का एक थैला लावारिस छोड़ दिया गया था।
काफी देर तक जब कोई उसे लेने नहीं आया, तो वहां तैनात पीएचई गार्ड दशरू यदुवंशी ने उस मिठाई को उठा लिया।

दशरू ने वह मिठाई खुद भी खाई और अपने परिचित सुंदरलाल कथूरिया (72), उनकी पत्नी संतोषी बाई और बेटी खुशबू (27) को भी खिलाई।
मिठाई खाने के कुछ ही घंटों बाद चारों की तबीयत बिगड़ने लगी।
उन्हें उल्टी, घबराहट और बेहोशी की शिकायत होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
एक-एक कर उजड़ गए परिवार
जहर इतना घातक था कि इलाज के दौरान एक हफ्ते के भीतर तीन लोगों ने दम तोड़ दिया:
- 11 जनवरी: गार्ड दशरू यदुवंशी की मौत हो गई।
- 13 जनवरी: बुजुर्ग सुंदरलाल कथूरिया की जान चली गई।
- 14 जनवरी: उनकी युवा बेटी खुशबू ने नागपुर के अस्पताल में दम तोड़ दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, जहर की वजह से खुशबू के शरीर के सभी अंगों (मल्टी ऑर्गन फेलियर) ने काम करना बंद कर दिया था।

जांच रिपोर्ट के चौंकाने वाले खुलासे
फूड इंस्पेक्टर गोपेश मिश्रा की देखरेख में हुई खाद्य विभाग की जांच रिपोर्ट ने पुलिस के शक को यकीन में बदल दिया है। रिपोर्ट के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- 250 गुना ज्यादा जहर: मिठाई में आर्सेनिक की मात्रा सामान्य से 250 गुना अधिक पाई गई। इतनी बड़ी मात्रा यह दर्शाती है कि इसे अनजाने में नहीं, बल्कि जानबूझकर मारने के इरादे से मिलाया गया था।
- ताजी थी मिठाई: रिपोर्ट में स्पष्ट है कि मिठाई न तो पुरानी थी और न ही खराब। उसमें किसी भी प्रकार की फंगस या प्राकृतिक खराबी नहीं थी।
- आर्सेनिक का इस्तेमाल: मिठाई में चूहा मार दवा (आर्सेनिक) का उपयोग किया गया था, जो मानव तंत्रिका तंत्र और आंतरिक अंगों को तुरंत नष्ट कर देता है।

अब पुलिस को ‘बिसरा’ रिपोर्ट का इंतजार
थाना प्रभारी राकेश बघेल के अनुसार, खाद्य विभाग की रिपोर्ट ने जहर की पुष्टि कर दी है, लेकिन अब जबलपुर फोरेंसिक लैब से बिसरा रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
यह रिपोर्ट अदालती कार्रवाई के लिए सबसे बड़ा सबूत होगी, जिससे यह वैज्ञानिक रूप से सिद्ध होगा कि मौत का सीधा कारण वही आर्सेनिक युक्त मिठाई थी।
पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने में लगी है कि वह लावारिस थैला वहां किसने रखा था?
क्या निशाना ये तीनों मृतक ही थे या कोई और?
पुलिस मृतकों के परिजनों और स्थानीय लोगों से पूछताछ कर आपसी रंजिश के एंगल की भी जांच कर रही है।


