Chhindwara Poisonous Sweet: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव में लावारिस मिठाई खाने से तीसरी मौत हो चुकी है।
बुधवार सुबह नागपुर के अस्पताल में इलाज के दौरान 27 वर्षीय खुशबू ने भी दम तोड़ दिया।
खुशबू के शरीर के सभी अंगों (मल्टी ऑर्गन फेलियर) ने काम करना बंद कर दिया था।
इस घटना में अब तक एक ही परिवार के दो सदस्यों और एक गार्ड की मौत हो चुकी है, जबकि एक महिला की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है।
कैसे शुरू हुआ मौत का खेल?
यह पूरा मामला 9 जनवरी को जुन्नारदेव के पीएचई (PHE) विभाग के पास स्थित एक होटल से शुरू हुआ।
बताया जा रहा है कि वहां एक अज्ञात व्यक्ति मिठाई से भरा एक बैग छोड़ गया था।
काफी देर तक जब कोई उस बैग को लेने वापस नहीं आया, तो पीएचई विभाग के चौकीदार दशरू यदुवंशी (53) ने उसे उठा लिया।
दशरू ने वह मिठाई खुद भी खाई और पास में ही मौजूद सुंदरलाल कथूरिया (72), उनकी पत्नी संतोषी बाई और उनकी पोती खुशबू को भी खिला दी।

एक-एक कर तीन मौतें
मिठाई खाने के कुछ ही घंटों बाद चारों की तबीयत बिगड़ने लगी।
उन्हें उल्टी और घबराहट की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया।
11 जनवरी को सबसे पहले गार्ड दशरू यदुवंशी की मौत हुई।
इसके दो दिन बाद 13 जनवरी को बुजुर्ग सुंदरलाल कथूरिया ने दम तोड़ दिया।
बुधवार, 14 जनवरी की सुबह खुशबू की मौत ने इलाके में सनसनी फैला दी है।

साजिश या हादसा?
मृतक खुशबू की बहन मुस्कान खरे ने इस मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं।
मुस्कान का कहना है कि खुशबू का उसके ससुराल वालों के साथ पुराना विवाद चल रहा था और वह पिछले एक महीने से मायके में ही रह रही थी।
परिजनों को अंदेशा है कि यह कोई साधारण फूड पॉइजनिंग नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई एक बड़ी साजिश है।

पुलिस की जांच और मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार
जुन्नारदेव थाना प्रभारी राकेश बघेल के मुताबिक, पुलिस होटल और उसके आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि उस संदिग्ध व्यक्ति की पहचान हो सके जो मिठाई का बैग छोड़ गया था।
ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. सुरेश नागवंशी ने बताया कि मौत के असली कारणों का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फूड सैंपल की जांच के बाद ही चल पाएगा।
फिलहाल पुलिस हत्या और साजिश के एंगल से मामले की गहराई से जांच कर रही है।


