Chhindwara AI Deepfake Case: मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा से AI के गलत इस्तेमाल का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सबको हैरान कर दिया है।
यहां दो नाबालिग लड़कों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कर 9 लड़कियों की तस्वीरों को अश्लील (न्यूड) फोटो और वीडियो में बदल दिया।
पुलिस ने इस मामले में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके पास से चार मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
कैसे हुआ इस गंदे खेल का खुलासा?
यह मामला 24 जनवरी की रात को सामने आया।
नागपुर रोड पर रहने वाली एक लड़की को उसके पड़ोस में रहने वाले एक लड़के ने टेलीग्राम पर कुछ तस्वीरें दिखाईं।

ये तस्वीरें पीड़िता और उसकी सहेलियों की थीं, जिन्हें AI की मदद से आपत्तिजनक बनाया गया था।
जब लड़की ने हिम्मत दिखाकर लड़के का मोबाइल चेक किया, तो उसके होश उड़ गए।
वह लड़का न सिर्फ ये तस्वीरें बना रहा था, बल्कि उन्हें वॉट्सएप ग्रुप्स में अपने दोस्तों को शेयर भी कर रहा था।
पैसे देकर लिया था AI का सब्सक्रिप्शन
पुलिस की जांच में जो बात सबसे ज्यादा चौंकाने वाली निकली, वो ये कि इन 15-16 साल के लड़कों ने ये काम गलती से नहीं बल्कि जानबूझकर किया था।
उन्होंने अश्लील फोटो बनाने वाली वेबसाइट्स और ऐप्स का बाकायदा 549 रुपये में ‘सब्सक्रिप्शन’ लिया था।

कोतवाली टीआई आशीष कुमार के मुताबिक, इनका मकसद किसी को ब्लैकमेल करना नहीं, बल्कि ‘मानसिक विकृति’ और मजे के लिए ऐसा करना था।
पुलिस की साइबर टीम ने जब मोबाइल की जांच की, तो उसमें भारी मात्रा में आपत्तिजनक डिजिटल सबूत मिले।
अभिभावकों और युवाओं के लिए बड़ी चेतावनी
यह घटना बताती है कि इंटरनेट पर आपकी एक साधारण सी फोटो भी कितनी खतरनाक साबित हो सकती है।
आईटी एक्ट के तहत इस तरह की सामग्री बनाना और फैलाना एक गंभीर और गैर-जमानती अपराध है।
भले ही आरोपी नाबालिग हों, लेकिन जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के तहत उन पर सख्त कार्रवाई की जाती है।

सुरक्षित रहने के लिए क्या करें?
साइबर एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोशल मीडिया पर अपनी प्रोफाइल को हमेशा ‘लॉक’ रखें।
अपनी तस्वीरें केवल उन्हीं के साथ शेयर करें जिन्हें आप जानते हैं।
अगर आपके साथ ऐसा कुछ होता है, तो डरे नहीं, तुरंत साइबर सेल या नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं।


