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‘क्या बोलती पब्लिक’: नीट पेपर लीक के बाद अब बेरोजगारी और महंगी पढ़ाई के खिलाफ सड़कों पर उतरेगी कॉकरोच जनता पार्टी

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

CJP Kya Bolti Public Campaign: नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में दिल्ली के जंतर-मंतर पर लगातार 36 दिनों तक लंबा आंदोलन चलाने वाली ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) अब एक नए राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत करने जा रही है।

CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने महाराष्ट्र के संभाजीनगर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ऐलान किया कि उनकी पार्टी सितंबर महीने से पूरे देश में ‘क्या बोलती पब्लिक’ नाम से एक बड़ा जन-जागरण अभियान चलाएगी।

इस अभियान के तहत CJP के प्रतिनिधि देश भर के गांवों और शहरों में जाएंगे और सीधे युवाओं, छात्रों तथा उनके अभिभावकों से संवाद करेंगे।

अभिजीत दीपके के अनुसार, आज के समय में बेरोजगारी और महंगी होती शिक्षा देश की सबसे विकराल समस्याओं में से एक बन चुकी हैं, और इसी को केंद्र में रखकर यह पूरी रणनीति तैयार की गई है।

राजनीतिक दल नहीं, एक मजबूत ‘प्रेशर ग्रुप’ बनेगी CJP

अभिजीत दीपके ने साफ तौर पर कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी किसी भी सूरत में चुनावी राजनीति का हिस्सा नहीं बनेगी।

यानी यह चुनाव लड़ने वाली राजनीतिक पार्टी नहीं होगी।

बल्कि, इसे एक मजबूत ‘पब्लिक प्रेशर ग्रुप’ (जन-दबाव समूह) के रूप में विकसित किया जा रहा है।

इसका मुख्य काम सरकार, चुनाव आयोग, न्यायपालिका और मीडिया जैसे लोकतांत्रिक संस्थानों की जनता के प्रति जवाबदेही तय करना होगा, ताकि आम नागरिकों का इन व्यवस्थाओं पर विश्वास फिर से बहाल हो सके।

क्या बोलती पब्लिक’ अभियान के मुख्य मुद्दे:

* महंगी पढ़ाई पर लगाम: देश में प्राइवेट स्कूलों, कॉलेजों और कोचिंग संस्थानों की बेलगाम फीस पर रोक लगाना और सरकारी शिक्षा व्यवस्था के स्तर को सुधारना।

* रोजगार के मौके: बेरोजगारी को राष्ट्रीय स्तर का सबसे अहम मुद्दा बनाकर सरकार से रोजगार नीति में बदलाव की मांग करना।

* संस्थागत पारदर्शिता: देश की प्रमुख लोकतांत्रिक संस्थाओं में पारदर्शिता और जनता के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करना।

36 दिनों का ऐतिहासिक जंतर-मंतर आंदोलन

CJP ने इससे पहले नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जून से 25 जुलाई तक लगातार 36 दिनों तक धरना दिया था।

इस आंदोलन में हजारों छात्र और उनके माता-पिता शामिल हुए थे।

प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी छात्रों के समर्थन में भूख हड़ताल पर बैठे थे।

20 जुलाई को निकाले गए संसद मार्च के दौरान छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज भी हुआ था।

आखिरकार, 25 जुलाई को तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ने के बाद CJP ने अपना धरना स्थगित किया था।

कैसे हुआ ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का जन्म?

इस पार्टी का नाम अपने आप में काफी दिलचस्प और अनोखा है।

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में एक सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की एक टिप्पणी आई थी, जिसमें उन्होंने बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से कर दी थी।

इस टिप्पणी के विरोध में अमेरिका से पढ़ाई करके लौटे अभिजीत दीपके ने एक व्यंग्य (Satire) के तौर पर सोशल मीडिया पर ऑनलाइन अभियान चलाया और इसका नाम ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ रखा।

देखते ही देखते यह डिजिटल अभियान एक विशाल छात्र आंदोलन में बदल गया और आज यह देश भर के युवाओं की आवाज उठाने वाला एक प्रमुख संगठन बन चुका है।

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