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दिल्ली एयरपोर्ट पर ATC सिस्टम फेल: 300 से ज्यादा उड़ानें प्रभावित; भोपाल में भी असर- यात्री परेशान

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Delhi Airport ATC System: दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (IGI Airport) शुक्रवार को एक बड़ी तकनीकी समस्या का सामना कर रहा है।

एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) का ऑटोमेटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम (AMSS) फेल होने के कारण हवाई अड्डे का संचालन प्रभावित हुआ है।

इसकी वजह से 300 से अधिक उड़ानें लेट हो गई हैं और सैकड़ों यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

एयर ट्रैफिक कंट्रोलर अब मैन्युअली फ्लाइट्स का शेड्यूल तैयार कर रहे हैं, जिससे काम की गति धीमी हो गई है और देरी का सिलसिला लगातार जारी है।

भोपाल से चंडीगढ़ तक, देश के कई राज्यों में उड़ानें हुई प्रभावित

इस तकनीकी खराबी का असर सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहा।

दिल्ली से आने-जाने वाली उड़ानों पर निर्भर देश के कई अन्य हवाई अड्डे भी इसकी चपेट में आ गए हैं।

भोपाल, चंडीगढ़, अहमदाबाद, अमृतसर, जबलपुर और लखनऊ जैसे शहरों से दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाली या वहां से आने वाली फ्लाइट्स में भी देरी दर्ज की गई है।

भोपाल एयरपोर्ट के निदेशक रामजी अवस्थी ने बताया कि दिल्ली से आने वाली कई उड़ानें देरी से पहुंची हैं।

उदाहरण के लिए, इंडिगो की फ्लाइट 6E602 जो सुबह 7:45 बजे भोपाल पहुंचनी थी, वह डेढ़ घंटे की देरी के बाद 9:10 बजे पहुंची।

इसी तरह, जबलपुर आने वाली एक इंडिगो फ्लाइट अभी भी दिल्ली एयरपोर्ट पर ही फंसी हुई है।

यात्रियों के सामने बढ़ी मुश्किलें

इस व्यवस्थागत खराबी का सबसे बुरा असर यात्रियों पर पड़ा है।

दिल्ली एयरपोर्ट पर चेक-इन काउंटरों और बोर्डिंग गेट्स पर लंबी-लंबी कतारें लगी देखी गईं।

कई यात्रियों को अपनी कनेक्टिंग फ्लाइट्स छूटने का डख भी सता रहा है।

विश्व चैंपियन खिलाड़ी भी फंसीं

दिलचस्प बात यह है कि इस परेशानी ने क्रिकेट विश्व कप विजेता भारतीय महिला टीम की खिलाड़ियों अमनजोत कौर और हरलीन देओल को भी नहीं छोड़ा।

वे दिल्ली से चंडीगढ़ के लिए इंडिगो की फ्लाइट 6E 2316 से जाने वाली थीं, जो कई घंटों की देरी के बाद भी रवाना नहीं हो पाई।

चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर उनके परिवार के सदस्य और पंजाब सरकार के मंत्री घंटों से उनका इंतजार कर रहे हैं।

क्या है ये AMSS सिस्टम और क्यों है इतना महत्वपूर्ण?

इस पूरी समस्या की जड़ है ऑटोमेटिक मैसेज स्विचिंग सिस्टम (AMSS)।

इसे एयर ट्रैफिक कंट्रोल की रीढ़ की हड्डी कहा जाए तो गलत नहीं होगा।

यह एक कंप्यूटर नेटवर्क सिस्टम है जो पायलटों, ग्राउंड स्टाफ और देशभर के अलग-अलग हवाई अड्डों के बीच रीयल-टाइम टेक्स्ट मैसेज का आदान-प्रदान करता है।

AMSS सिस्टम ये काम करता है:

  • फ्लाइट प्लान भेजना: हर उड़ान का पूरा रूट, ऊंचाई, ईंधन की मात्रा आदि की जानकारी स्वचालित रूप से सभी संबंधित पक्षों को भेजता है।
  • रियल-टाइम अपडेट: फ्लाइट के उड़ान भरने, लैंड करने, देरी होने, रद्द होने या रूट बदलने की जानकारी तुरंत पहुंचाता है।
  • मौसम की जानकारी: उड़ान मार्ग में मौसम संबंधी कोई भी बदलाव या चेतावनी जारी करता है।
  • समन्वय बनाए रखना: यह पूरे एयर ट्रैफिक सिस्टम को सिंक्रोनाइज रखता है, ताकि हवा में जहाजों के बीच सुरक्षित दूरी बनी रहे।

AMSS फेल हो जाए तो क्या होता है?

जैसा कि दिल्ली में हुआ, जब AMSS सिस्टम फेल हो जाता है, तो सारा काम मैन्युअल हो जाता है।

एयर ट्रैफिक कंट्रोलरों को हाथ से हर एक फ्लाइट का शेड्यूल तैयार करना, मंजूरी देना और जानकारी भेजनी पड़ती है।

यह प्रक्रिया ऑटोमेटिक सिस्टम के मुकाबले काफी धीमी है।

इससे फ्लाइट्स के टेकऑफ और लैंडिंग के बीच का फासला बढ़ जाता है, जिससे देरी होती है।

साथ ही, मानवीय त्रुटि (Human Error) की संभावना भी बढ़ जाती है, जो सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय हो सकता है।

एयरलाइन्स और हवाई अड्डा प्राधिकरण ने जारी की एडवाइजरी

इस व्यापक व्यवधान के मद्देनजर, दिल्ली एयरपोर्ट प्राधिकरण और सभी प्रमुख एयरलाइनों जैसे इंडिगो, एयर इंडिया, स्पाइसजेट और अकासा एयर ने यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है।

इसमें यात्रियों से अपील की गई है कि वे अपनी उड़ान से जुड़े रियल-टाइम अपडेट के लिए एयरलाइन की वेबसाइट या कस्टमर केयर से संपर्क करते रहें।

साथ ही, यात्रियों को हवाई अड्डे पर अतिरिक्त समय के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है।

एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने बयान जारी कर कहा है कि तकनीकी विशेषज्ञों की टीम सिस्टम को जल्द से जल्द ठीक करने के लिए लगातार काम कर रही है।

हालांकि, अभी तक सिस्टम के पूरी तरह (बैक टू नॉर्मल) होने की कोई पुष्टि नहीं हुई है।

ऐसी स्थिति में, उम्मीद की जा रही है कि शुक्रवार देर रात तक भी उड़ानों के शेड्यूल में देरी का असर जारी रह सकता है।

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