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इंडिगो संकट पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार से पूछे कड़े सवाल: टिकटों के दाम 30,000 तक कैसे पहुंचे?

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Delhi High Court on Indigo: दिल्ली हाईकोर्ट ने इंडिगो एयरलाइन्स के संकट और उससे पैदा हुए हालात पर बुधवार को सख्त टिप्पणी करते हुए केंद्र सरकार को फटकार लगाई।

अदालत ने सीधे तौर पर सरकार से पूछा कि जब एयरलाइन फेल हो गई थी, तब आपने क्या किया?

कैसे फ्लाइट टिकटों की कीमतें महज 4-5 हजार रुपए से बढ़कर 30,000 रुपए तक पहुंच गईं और अन्य एयरलाइंस ने इस स्थिति का फायदा कैसे उठाया?

अदालत ने सरकार से यह भी पूछा कि उसने स्थिति को इस हाल तक पहुंचने क्यों दिया।

मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेदेला की पीठ एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें इंडिगो संकट की स्वतंत्र जांच और प्रभावित यात्रियों को मुआवजा देने की मांग की गई थी।

हाईकोर्ट का सवाल: यह सिर्फ यात्रियों का मामला नहीं, देश की अर्थव्यवस्था को भी नुकसान

अदालत ने कहा कि यह मामला सिर्फ कुछ यात्रियों की परेशानी तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे देश को आर्थिक नुकसान भी हुआ है।

कोर्ट ने जोर देकर कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि वह भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न पैदा होने दे।

सुनवाई के दौरान, सरकार की तरफ से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने दावा किया कि सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं और टिकटों के किराए पर ऊपरी सीमा (कैप) लगा दी गई है।

लेकिन अदालत ने इस जवाब से संतुष्टि नहीं जताई और पूछा कि यह कार्रवाई 4-5 दिन बाद क्यों की गई?

टिकटों की कीमत पहले ही आसमान छू चुकी थी।

अदालत ने यात्रियों के साथ एयरलाइन कर्मचारियों के व्यवहार और पायलटों के काम के घंटों से जुड़े नियमों (FDTL) को समय पर लागू न करने पर भी सवाल उठाए।

8 दिन में 4900 से ज्यादा उड़ानें रद्द

  1. 2 दिसंबर 200
  2. 3 दिसंबर 150+
  3. 4 दिसंबर 550
  4. 5 दिसंबर 1600
  5. 6 दिसंबर 800+
  6. 7 दिसंबर 650
  7. 8 दिसंबर 562
  8. 9 दिसंबर 442

सरकार का एक्शन: इंडिगो की 10% उड़ानें कम

इस बीच, सरकार ने इंडिगो पर कार्रवाई करते हुए उसकी 10% उड़ानें कम करने का आदेश दिया है।

यह कटौती उन रूट्स पर होगी जहां यात्री संख्या ज्यादा है और उड़ानें भी अधिक हैं।

इससे रोजाना की लगभग 230 उड़ानें प्रभावित होंगी।

DGCA ने इंडिगो को नया शेड्यूल जमा करने का निर्देश भी दिया है।

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DGCA की भी होगी जांच

नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने एक इंटरव्यू में कहा कि इस संकट की सिर्फ इंडिगो ही नहीं, बल्कि नियामक DGCA की भूमिका की भी जांच होगी।

मंत्री ने यात्रियों को हुई परेशानी के लिए माफी मांगी और कहा कि जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने संकेत दिए कि इंडिगो के CEO को भी हटाया जा सकता है, अगर जरूरत पड़ी तो।

मंत्री ने कहा कि यह कोई सामान्य गलती नहीं, बल्कि लापरवाही के संकेत मिल रहे हैं।

सरकार यह जांच कर रही है कि यह संकट एक साथ क्यों आया।

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क्या थी समस्या? इंडिगो ने क्षमता से ज्यादा उड़ानें ली थीं

DGCA के अनुसार, समस्या की जड़ यह थी कि इंडिगो ने अपनी वास्तविक क्षमता से ज्यादा उड़ानें शेड्यूल कर ली थीं।

कंपनी ने 403 विमान होने का दावा करके सर्दियों के शेड्यूल में पिछले साल से लगभग 6% ज्यादा उड़ानें लीं, लेकिन वास्तव में उसके पास अक्टूबर में केवल 339 और नवंबर में 344 विमान ही ऑपरेशनल थे।

इस अंतर ने पूरे सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव डाला, जिससे कैंसिलेशन की झड़ी लग गई।

पिछले 8 दिनों में देशभर में लगभग 5,000 उड़ानें रद्द हो चुकी हैं।

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पायलट थकान का मुद्दा:

एयरलाइन पायलट एसोसिएशन (ALPA इंडिया) को संसद की एक स्थायी समिति के सामने पायलटों की थकान और FDTL नियमों के पालन न होने से उत्पन्न सुरक्षा जोखिमों पर अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया है।

 10 एयरपोर्ट पर IAS अधिकारी तैनात

केंद्र सरकार ने 10 प्रमुख एयरपोर्टों (मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता आदि) पर वरिष्ठ IAS अधिकारी तैनात किए हैं।

ये अधिकारी वहां की वास्तविक स्थिति और यात्रियों की समस्याओं का जायजा ले रहे हैं।

उनकी रिपोर्ट 15 दिनों में आने की उम्मीद है।

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इंडिगो का बचाव

इंडिगो ने DGCA को जवाब में कहा है कि ऑपरेशनल दिक्कतों के सटीक कारणों का पता लगाना अभी संभव नहीं है और उसे विस्तृत जांच के लिए अधिक समय चाहिए।

एयरलाइन ने दावा किया कि अब उसका नेटवर्क सामान्य हो गया है और वह रिफंड की प्रक्रिया में तेजी ला रही है।

इंडिगो ने बताया किन वजहों से समस्या हुई

  1. टेक्निकल गड़बड़ियां
  2. खराब मौसम
  3. सर्दियों के मौसम से जुड़े शेड्यूल में बदलाव
  4. एविएशन सिस्टम में ज्यादा भीड़
  5. अपडेटेड क्रू रोस्टरिंग नियमों को लागू करना और चलाना

सरकार के कदम, जांचें और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपाय अब सभी की निगाह में होंगे।

यह मामला भारतीय नागरिक उड्डयन क्षेत्र में बेहतर निगरानी और उपभोक्ता संरक्षण की मजबूत मांग पेश करता है।

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