Ruchi Tiwari Journalist Attack: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) इन दिनों छात्र राजनीति और विरोध प्रदर्शनों का अखाड़ा बना हुआ है, लेकिन शुक्रवार को हुई एक घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दरअसल, यूजीसी (UGC) के समर्थन में चल रहे एक प्रदर्शन को कवर करने पहुंचीं महिला पत्रकार रुचि तिवारी पर भीड़ द्वारा हमले का मामला सामने आया है।
इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसके बाद एक्स पर #JusticeForRuchiTiwari ट्रेंड करने लगा।

आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला…
500 लोगों की भीड़ ने महिला पत्रकार को घेरा
रुचि तिवारी का आरोप है कि वह एक पत्रकार के तौर पर अपना काम करने वहां गई थीं।
जब वह प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं, तो वहां मौजूद कुछ लोगों ने उनका ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए उनका नाम पुकारा।
रुचि के अनुसार, “जैसे ही मैं उनके पास गई, उन्होंने मेरा पूरा नाम और मेरी जाति पूछी। इशारा मिलते ही करीब 500 लोगों की भीड़ ने मुझे चारों तरफ से घेर लिया और मुझ पर हमला कर दिया।”
Journalist Ruchi Tiwari is openly attacked, harassed and abused.
Why: because she questioned #UGCREGULATIONS
— Shashank Shekhar Jha (@shashank_ssj) February 13, 2026
जातिगत निशाना और गंभीर धमकियां
रुचि तिवारी ने अपनी आपबीती सुनाते हुए रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे किए हैं।
उन्होंने कहा कि यह हमला पूरी तरह से सुनियोजित था।
उनके मुताबिक, भीड़ में शामिल लड़कियों ने उनके कानों में दुष्कर्म (रेप) की धमकी दी।
रुचि का कहना है कि उन्हें उनकी जाति (ब्राह्मण) होने की वजह से निशाना बनाया गया।
#GCAtrocityAct #UGC_RollBack#JusticeForRuchiTiwari
Journalist Ruchi Tiwari was assaulted during protests at Delhi University in support of #UGCActThe victim said that a mob of 100-150 people assaulted her, pulled her hair, tore her clothes & tried to kill her by strangulation… pic.twitter.com/lI7mw2bSlI
— TIger NS (@TIgerNS3) February 13, 2026
उन्होंने बताया, “वहां मौजूद लोग कह रहे थे कि वे मुझे सबक सिखाएंगे। लड़कियों ने मेरी गर्दन और हाथ पकड़ रखे थे।
यह सिर्फ मारपीट नहीं, बल्कि हत्या की कोशिश थी।
मैं उस दौरान बेहोश हो गई थी, लेकिन पुलिस ने शुरुआत में कोई खास कदम नहीं उठाया।”
#WATCH | Delhi: Ruchi Tiwari, the woman journalist who was seen being attacked during a pro-UGC protest at Delhi University yesterday, says, “…Video is everywhere, people can judge by themselves as to who provoked whom…I am a journalist, who was there to cover the protest.… pic.twitter.com/t5pT3PtNP2
— ANI (@ANI) February 14, 2026
कैंपस में तनाव और ‘ब्राह्मणवाद’ के नारे
इस घटना के बाद कैंपस का माहौल काफी गरमा गया है।
एक तरफ जहां रुचि पर हमले की निंदा हो रही है, वहीं दूसरी तरफ उनके समर्थन में उतरे कुछ प्रदर्शनकारियों ने ‘ब्राह्मणवाद जिंदाबाद’ के नारे लगाए, जिससे विवाद ने जातिगत रंग ले लिया है।
अब चर्चा इस बात पर छिड़ गई है कि क्या यूनिवर्सिटी कैंपस शिक्षा के बजाय जातिगत राजनीति का केंद्र बनते जा रहे हैं।
पहलगाम में जो हुआ और आज DU में रुचि तिवारी के साथ जो हुआ, उसमें कोई फ़र्क नहीं है।
बहुत शर्मनाक।मैं फिर कहूँगा: जो लोग रोज़ जाति-विरोधी होने की बात करते हैं, वे अक्सर सबसे बड़े जातिवादी होते हैं।#JusticeforRuchiTiwari #GCAtrocityAct #Justice_For_रूचि_तिवारी pic.twitter.com/rAxCkfITEL
— Monu singh Raajput (UR) (@raajput_monu) February 13, 2026
प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई
रुचि तिवारी ने बताया कि लॉ फैकल्टी के कुछ सदस्यों और महिला पुलिसकर्मियों की मदद से वह सुरक्षित बाहर निकल पाईं।
उन्होंने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज करा दी है और FIR दर्ज हो चुकी है।
रुचि ने कहा, “मुझे कानून पर पूरा भरोसा है। वह प्रदर्शनकारी छात्र नहीं, बल्कि गुंडे थे।”
हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।


