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जाति पूछकर 500 लोगों ने घेरा- रेप की धमकी दी: DU में ‘लिंचिंग’ का शिकार हुई रुचि तिवारी का आरोप

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Ruchi Tiwari Journalist Attack: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) इन दिनों छात्र राजनीति और विरोध प्रदर्शनों का अखाड़ा बना हुआ है, लेकिन शुक्रवार को हुई एक घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

दरअसल, यूजीसी (UGC) के समर्थन में चल रहे एक प्रदर्शन को कवर करने पहुंचीं महिला पत्रकार रुचि तिवारी पर भीड़ द्वारा हमले का मामला सामने आया है।

इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसके बाद एक्स पर #JusticeForRuchiTiwari ट्रेंड करने लगा।

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आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला…

500 लोगों की भीड़ ने महिला पत्रकार को घेरा

रुचि तिवारी का आरोप है कि वह एक पत्रकार के तौर पर अपना काम करने वहां गई थीं।

जब वह प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं, तो वहां मौजूद कुछ लोगों ने उनका ध्यान अपनी ओर खींचने के लिए उनका नाम पुकारा।

रुचि के अनुसार, “जैसे ही मैं उनके पास गई, उन्होंने मेरा पूरा नाम और मेरी जाति पूछी। इशारा मिलते ही करीब 500 लोगों की भीड़ ने मुझे चारों तरफ से घेर लिया और मुझ पर हमला कर दिया।”

जातिगत निशाना और गंभीर धमकियां

रुचि तिवारी ने अपनी आपबीती सुनाते हुए रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे किए हैं।

उन्होंने कहा कि यह हमला पूरी तरह से सुनियोजित था।

उनके मुताबिक, भीड़ में शामिल लड़कियों ने उनके कानों में दुष्कर्म (रेप) की धमकी दी।

रुचि का कहना है कि उन्हें उनकी जाति (ब्राह्मण) होने की वजह से निशाना बनाया गया।

उन्होंने बताया, “वहां मौजूद लोग कह रहे थे कि वे मुझे सबक सिखाएंगे। लड़कियों ने मेरी गर्दन और हाथ पकड़ रखे थे।

यह सिर्फ मारपीट नहीं, बल्कि हत्या की कोशिश थी।

मैं उस दौरान बेहोश हो गई थी, लेकिन पुलिस ने शुरुआत में कोई खास कदम नहीं उठाया।”

कैंपस में तनाव और ‘ब्राह्मणवाद’ के नारे

इस घटना के बाद कैंपस का माहौल काफी गरमा गया है।

एक तरफ जहां रुचि पर हमले की निंदा हो रही है, वहीं दूसरी तरफ उनके समर्थन में उतरे कुछ प्रदर्शनकारियों ने ‘ब्राह्मणवाद जिंदाबाद’ के नारे लगाए, जिससे विवाद ने जातिगत रंग ले लिया है।

अब चर्चा इस बात पर छिड़ गई है कि क्या यूनिवर्सिटी कैंपस शिक्षा के बजाय जातिगत राजनीति का केंद्र बनते जा रहे हैं।

प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई

रुचि तिवारी ने बताया कि लॉ फैकल्टी के कुछ सदस्यों और महिला पुलिसकर्मियों की मदद से वह सुरक्षित बाहर निकल पाईं।

उन्होंने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज करा दी है और FIR दर्ज हो चुकी है।

रुचि ने कहा, “मुझे कानून पर पूरा भरोसा है। वह प्रदर्शनकारी छात्र नहीं, बल्कि गुंडे थे।”

हालांकि, विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

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