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फ्लाइट टिकट बुकिंग में गलती? टेंशन छोड़िए! 48 घंटे में कैंसिलेशन और बदलाव अब बिल्कुल फ्री

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

DGCA Flight Refund Rules: हवाई सफर करने वालों के लिए एक बड़ी और सुखद खबर आई है।

अक्सर देखा जाता है कि लोग जल्दबाजी में टिकट बुक करते हैं और बाद में पता चलता है कि तारीख गलत चुन ली गई है या नाम की स्पेलिंग में गलती हो गई है।

ऐसी स्थिति में पहले एयरलाइंस भारी-भरकम कैंसिलेशन चार्ज वसूलती थीं, जो कभी-कभी टिकट की मूल कीमत के बराबर ही होता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।

नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने यात्रियों के हितों की रक्षा के लिए नियमों को बेहद सख्त और ‘पैसेंजर फ्रेंडली’ बना दिया है।

क्या है ’48 घंटे’ वाला नया नियम?

DGCA के नए नियमों के अनुसार, अब यात्रियों को ‘फ्री लुक-इन पीरियड’ की सुविधा मिलेगी।

इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आपने फ्लाइट का टिकट बुक किया है और बुकिंग के 48 घंटे के भीतर आप उसे कैंसिल करते हैं या उसमें कोई बदलाव (जैसे तारीख या समय) करना चाहते हैं, तो एयरलाइन आपसे एक रुपया भी ‘कैंसिलेशन फीस’ या ‘चेंज फीस’ के नाम पर नहीं वसूल पाएगी।

हालांकि, इसमें एक छोटी सी शर्त है:

  • घरेलू उड़ान (Domestic): यह सुविधा तभी मिलेगी जब आपकी उड़ान की तारीख बुकिंग के दिन से कम से कम 7 दिन बाद की हो।
  • अंतरराष्ट्रीय उड़ान (International): यह सुविधा तब मिलेगी जब उड़ान में कम से कम 15 दिन का समय बाकी हो।
  • ध्यान दें: अगर आप यात्रा से सिर्फ 2-3 दिन पहले टिकट बुक करते हैं, तो यह 48 घंटे वाली फ्री सुविधा लागू नहीं होगी।

टैक्स और फीस का अब होगा पूरा हिसाब

अक्सर नॉन-रिफंडेबल टिकटों के मामले में एयरलाइंस यात्रियों को कुछ भी वापस नहीं करती थीं।

DGCA ने अब इसे पूरी तरह बदल दिया है।

अब भले ही आपका ‘बेस फेयर’ (मूल किराया) रिफंडेबल न हो, लेकिन टिकट कैंसिल होने पर एयरलाइन को सभी सरकारी टैक्स और एयरपोर्ट फीस (जैसे UDF, ADF और PSF) हर हाल में वापस करनी होगी।

यह नियम डिस्काउंटेड और प्रोमो कोड वाले टिकटों पर भी समान रूप से लागू होगा।

रिफंड के लिए अब महीनों का इंतजार नहीं

पैसा वापस मिलने में होने वाली देरी यात्रियों की सबसे बड़ी शिकायत रही है।

नए नियमों ने इसके लिए डेडलाइन तय कर दी है:

  1. क्रेडिट कार्ड/ऑनलाइन पेमेंट: कैंसिलेशन के 7 दिनों के भीतर पैसा आपके खाते में वापस आना चाहिए।

  2. नकद (Cash): अगर टिकट एयरलाइन काउंटर से नकद देकर लिया है, तो रिफंड तुरंत मिलेगा।

  3. एजेंट या पोर्टल: अगर आपने MakeMyTrip या Goibibo जैसे पोर्टल से टिकट बुक किया है, तो रिफंड की जिम्मेदारी एयरलाइन की होगी और यह 14 वर्किंग डेज के भीतर मिलना चाहिए।

नाम में सुधार अब हुआ आसान

टिकट पर नाम की स्पेलिंग गलत होना एक बड़ी मुसीबत बन जाती थी।

अब नियम यह है कि अगर आपने सीधे एयरलाइन की वेबसाइट से टिकट बुक किया है, तो बुकिंग के 24 घंटे के भीतर आप नाम में सुधार करवा सकते हैं, और इसके लिए आपसे कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लिया जाएगा।

मेडिकल इमरजेंसी में विशेष राहत

अगर यात्री या उसके परिवार का कोई सदस्य (जो एक ही PNR पर है) अचानक बीमार होकर अस्पताल में भर्ती हो जाता है, तो एयरलाइन को नरमी बरतनी होगी।

ऐसी स्थिति में एयरलाइन को या तो पूरा रिफंड देना होगा या यात्री को ‘क्रेडिट शेल’ की सुविधा देनी होगी, जिसका इस्तेमाल यात्री भविष्य में टिकट बुक करने के लिए कर सके।

नियमों में बदलाव क्यों जरूरी था?

दिसंबर 2025 में इंडिगो एयरलाइंस की उड़ानों में आई तकनीकी दिक्कतों और उसके बाद यात्रियों को हुए नुकसान ने सरकार को सोचने पर मजबूर कर दिया।

यात्रियों की बढ़ती शिकायतों को देखते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यह सख्त कदम उठाया है ताकि एयरलाइंस रिफंड के नाम पर यात्रियों की मेहनत की कमाई न दबा सकें।

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