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“मुसलमानों को गाली देने से हिंदू राष्ट्र नहीं बनेगा, अपनी कमियां मिटानी होगी”- धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा बयान

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Dhirendra Shastri Hindu Rashtra: उत्तर प्रदेश के बांदा पहुंचे बागेश्वर धाम के पीठाधीश धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक बार फिर अपने तीखे बयानों से सबको चौंका दिया है।

अपने कट्टर अंदाज के लिए जाने जाने वाले शास्त्री जी ने इस बार हिंदुओं को आईना दिखाया है।

उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर आप सोचते हैं कि मुसलमानों को गाली देने या उन्हें बुरा-भला कहने से भारत ‘हिंदू राष्ट्र’ बन जाएगा, तो आप गलत हैं।

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हिंदुओं को अपने भीतर झांकना होगा

धीरेंद्र शास्त्री ने भाजपा विधायक प्रकाश द्विवेदी के आवास पर आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि हिंदू राष्ट्र का सपना केवल नारों से पूरा नहीं होगा।

इसके लिए हिंदुओं को अपने भीतर झांकना होगा।

उन्होंने जोर देकर कहा कि सनातन धर्म के भीतर जो कुरीतियां और कमियां आ गई हैं, जब तक उन्हें दूर नहीं किया जाएगा, तब तक लक्ष्य की प्राप्ति असंभव है।

शास्त्री जी का इशारा साफ था हिंदुओं को बाहरी विरोध के बजाय आंतरिक सुधार पर ध्यान देना चाहिए।

‘जाति-पाति’ को बताया सबसे बड़ी बाधा

शास्त्री जी ने एक नारा दिया: “जाति-पाति की करो बुराई, हम सब हिंदू भाई-भाई”

उन्होंने समाज में फैली छुआछूत और ऊंच-नीच के भेदभाव को हिंदू समाज की सबसे बड़ी कमजोरी बताया।

उनका मानना है कि जब तक हिंदू आपस में जातियों में बंटा रहेगा, वह कभी एकजुट नहीं हो पाएगा।

जब तक एकता नहीं होगी, तब तक हिंदू राष्ट्र की कल्पना केवल एक कागजी बात रह जाएगी।

कानून और व्यवस्था का जिक्र

अपने संबोधन में उन्होंने सामाजिक शांति और कानून के महत्व पर भी बात की।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अन्य धर्मों में रीतियां अलग हो सकती हैं, जैसे किसी धर्म में तलाक की प्रक्रिया सरल हो सकती है, लेकिन हिंदू धर्म में विवाह एक पवित्र बंधन है जिसे कानूनी प्रक्रिया के बिना नहीं सुलझाया जा सकता।

उन्होंने श्रद्धालुओं को समझाया कि समाज में शांति बनाए रखने के लिए कानून के दायरे में रहकर काम करना जरूरी है।

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धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का यह बयान उस समय आया है जब देश में जातिगत जनगणना और यूजीसी के नए नियमों को लेकर बहस छिड़ी हुई है।

उनके इस बयान को एक रणनीतिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जहां वे हिंदुओं को यह समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि ‘हिंदू राष्ट्र’ विरोध से नहीं, बल्कि ‘समरसता और सुधार’ से बनेगा।

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