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हड़ताल के कारण सरकारी बैंकों में लगातार चौथे दिन कामकाज ठप्प, जानिए किन सेवाओं पर पड़ा असर

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Govt Bank Unions Strike: देशभर के सरकारी बैंकों में मंगलवार, 27 जनवरी को कर्मचारियों की हड़ताल के चलते लगातार चौथे दिन भी बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हैं।

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (UFBU) के कहने पर की गई इस हड़ताल का मुख्य मुद्दा बैंक कर्मचारियों के लिए 5-डे वर्किंग लागू करना है।

अकेले मध्य प्रदेश में ही लगभग 7,000 शाखाओं में ताले लटके हुए हैं और 40,000 से अधिक कर्मचारी सड़कों पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

हड़ताल का कारण

बैंक कर्मचारी लंबे समय से सप्ताह में केवल पांच दिन काम करने की मांग कर रहे हैं।

मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) और बैंक यूनियनों के बीच हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते में सभी शनिवार को छुट्टी देने पर सहमति बनी थी।

हालांकि, इस समझौते के बावजूद अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है।

यूनियनों का तर्क है कि वे एक बैलेंस कार्यप्रणाली चाहते हैं और इसके बदले हर रोज 40 मिनट अतिरिक्त काम करने को तैयार हैं।

लेकिन समझौते के करीब 690 दिन बीत जाने के बाद भी केंद्र सरकार ने अभी तक इसकी आधिकारिक अधिसूचना (Notification) जारी नहीं की है।

इसी देरी और वादे की अनदेखी के विरोध में आज कर्मचारी सड़कों पर उतरे हैं।

वर्तमान में, महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को ही बैंक बंद रहते हैं।

लगातार चौथे दिन बंद: कैसे पड़ा असर?

यह लगातार चौथा दिन है जब सरकारी बैंकों का कामकाज प्रभावित हो रहा है।

इससे पहले महीने के चौथे शनिवार (23 जनवरी), रविवार (24 जनवरी) और गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) की छुट्टियाँ थीं। इस कारण मंगलवार की हड़ताल के साथ बैंकिंग सेवाएं चार दिन तक ठप रहीं।

हालांकि, बैंकों ने आधिकारिक रूप से शाखाएं बंद करने की घोषणा नहीं की है, लेकिन हड़ताल के कारण अधिकांश सरकारी बैंक शाखाओं में काम नहीं हो पा रहा है।

आम जनता पर हड़ताल की मार

लगातार चार दिनों तक बैंक बंद रहने का सीधा असर आम आदमी की जेब और जरूरी कामों पर पड़ रहा है:

  1. चेक क्लियरेंस में देरी: सरकारी बैंकों के माध्यम से होने वाला चेक क्लियरेंस प्रोसेस पूरी तरह ठप है। इससे व्यापारियों और आम लोगों के भुगतान 2 से 3 दिन की देरी से होंगे।
  2. कैश और एटीएम का संकट: लगातार छुट्टियों के कारण कई इलाकों के एटीएम खाली होने लगे हैं। विशेष रूप से छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में नकदी की भारी किल्लत देखी जा रही है क्योंकि एटीएम में कैश लोड करने वाली टीमें भी हड़ताल के असर से प्रभावित हैं।
  3. शाखाओं से जुड़े काम: केवाईसी (KYC) अपडेट, पासबुक प्रिंटिंग, लोन अप्रूवल और नई चेकबुक प्राप्त करने जैसे कार्यों के लिए अब ग्राहकों को बुधवार या गुरुवार का इंतजार करना होगा।
  4. सरकारी काम-काज: ट्रेजरी से जुड़े काम, सरकारी टैक्स का भुगतान और अन्य सरकारी योजनाओं के वित्तीय लेनदेन आज पूरी तरह रुके हुए हैं।

डिजिटल बैंकिंग ने दी बड़ी राहत

भले ही बैंकों की शाखाएं बंद हैं, लेकिन ‘डिजिटल इंडिया’ की ताकत ने ग्राहकों को पूरी तरह लाचार होने से बचा लिया है।

  • UPI और ऑनलाइन पेमेंट: Google Pay, PhonePe और Paytm जैसी सेवाएं सुचारू रूप से काम कर रही हैं।
  • नेट बैंकिंग: NEFT, RTGS और IMPS के जरिए फंड ट्रांसफर करने में कोई समस्या नहीं आ रही है।
  • प्राइवेट बैंक: ध्यान देने वाली बात यह है कि HDFC, ICICI और Axis जैसे निजी बैंक इस हड़ताल का हिस्सा नहीं हैं, इसलिए वहां सामान्य कामकाज जारी है।

Bank Strike today News,

मध्य प्रदेश में भोपाल से ग्वालियर तक विरोध

मध्य प्रदेश में हड़ताल का व्यापक असर देखा गया है।

भोपाल में पंजाब नेशनल बैंक की शाखा के सामने कर्मचारियों ने बड़ी सभा आयोजित की, वहीं उज्जैन और इंदौर जैसे व्यापारिक केंद्रों में भी हड़ताल के कारण करोड़ों का टर्नओवर प्रभावित हुआ है।

यूनियनों का कहना है कि अगर सरकार जल्द ही अधिसूचना जारी नहीं करती, तो यह आंदोलन हिंसक रूप ले सकता है।

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