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गुजरात पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट में MP के 2 परिवार खत्म, तेरहवी के लिए पैसे कमाने गए थे

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 13 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Pataka Factory Blast: 1 अप्रैल, मंगलवार को गुजरात (Gujarat) के बनासकांठा जिले (Banaskantha) के डीसा में एक पटाखा फैक्ट्री में भयानक ब्लास्ट हुआ। जिससे चारों तरफ आग फैल गई।

इस आग मे मध्य प्रदेश के करीब 20 मजदूरों की मौत हो गई है। जो देवास और हरदा जिले के बताए जा रहे हैं।

इनमें से 10 लोग तो एक ही परिवार के थे। जैसे ही ये खबर मजदूरों के गांव तक पहुंचीं, वहां मातम छा गया।

दूसरी तरफ इस मामले में पुलिस ने फैक्ट्री मालिक खूबचंद सिंधी के बेटे दीपक मोहनाणी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।

प्रशासन ने एसआईटी गठित कर जांच शुरू की है।

मरने वालों में मासूम बच्चे भी

ये सभी देवास जिले (Dewas District) में स्थित खातेगांव (Khategaon) के संदलपुर के निवासी थे।

मरने वालों में 5 साल से लेकर 11 साल तक के 4 मासूम बच्चे भी शामिल हैं।

इस खबर ने गांव में सभी को झकझोर के रख दिया है। वहीं परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।

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तेरहवी का पैसा जुटाने गए थे

हरदा के हंडिया की रहने वाली गीताबाई के तीन पोते समेत परिवार के 11 लोग गुजरात के बनासकांठा के पास डीसा में मजदूरी करने गए थे। जिनमें से 8 की मौत हो गई है।

दरअसल, होली के दिन गीताबाई के बेटे सत्यनारायण का निधन हो गया था लेकिन उनके पास तेरहवीं करने के लिए पैसे नहीं थे।

इसलिए परिवार के सभी लोग मजदूरी करने के लिए गुजरात गए थे ताकि काम करके पैसे जुटा सकें, लेकिन ये सभी मौत का शिकार हो गए।

गीताबाई का कहना है कि हमारे घर के जो भी लोग काम करने गए थे, सभी चले गए। बेटा-बेटी, पोते-पोतियां, भांजे-भांजियां, सब खत्म हो गए।

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खबरों के मुताबिक होली के दौरान परिवार के बेटे सत्यनारायण की मौत हो गई थी लेकिन परिजनों के पास तेहरवी करने के लिए पैसे नहीं थे।

20 शव बरामद, 18 की पहचान

इस हादसे में अब तक 20 शव बरामद हुए हैं। इनमें से 18 की पहचान हो गई है।

इनमें से 8 शव हरदा के परिवार के जबकि 10 देवास जिले के हैं।

दो शव ज्यादा जले हैं जिनकी पहचान के लिए डीएनए टेस्ट किया जाएगा।

माना जा रहा है कि ये हरदा के ही हैं।

पहले इसे हादसे में 21 मजदूरों की मौत की बात सामने आई थी।

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मरने वालों में 10 मजदूर देवास के

  1. लखन (24) पिता गंगाराम भोपा
  2. सुनीता (20) पति लखन भोपा
  3. केशरबाई (50) पत्नी गंगाराम भोपा
  4. राधा (11) पिता गंगाराम भोपा
  5. रुकमा (8) पिता गंगाराम भोपा
  6. अभिषेक (5) पिता गंगाराम भोपा
  7. राकेश (30) पिता बाबूलाल भोपा
  8. लाली (25) पत्नी राकेश भोपा
  9. किरण (5) पिता राकेश भोपा
  10. पंकज, ठेकेदार

हरदा के 8 मजदूरों की मौत

  1. गुड्डी बाई पति भगवान सिंह नायक (30)
  2. विजय पिता भगवान सिंह नायक (17))
  3. अजय पिता भगवान सिंह नायक (16)
  4. कृष्णा पिता भगवान सिंह नायक (12)
  5. विष्णु पिता सत्यनारायण सिंह नायक (18)
  6. सुरेश पिता अमर सिंह नायक (25)
  7. बबीता पति संतोष नायक (30)
  8. धनराज बैन (18)

3 घायल

  1. राजेश पुत्र सत्यनारायण नायक (22)
  2. बिट्टू पुत्र सत्यनारायण नायक (14)
  3. विजय पुत्र रामदीन काजवे (23)

2 लापता

  1. संजय नायक (12)
  2. लक्ष्मी (50)
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आज शाम गांव पहुंच सकते हैं शव

मृतक 10 मजदूरों के शव आज शाम उनके पैतृक गांव पहुंचने की संभावना है।

मंगलवार रात को ही खातेगांव विधायक आशीष पीड़ित मृतको के परिजनों से मिलने पहुंचे और हर संभव मदद करने का वादा किया।

मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, विधायक और जिला प्रशासन सभी इस मामले में लगातार स्थानीय प्रशासन के साथ जुड़े हुए हैं।

सीएम मोहन ने किया मुआवजे का ऐलान

सीएम डॉ. मोहन यादव ने मृतकों के परिजन को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

उन्होंने कहा कि संकट की इस दु:खद घड़ी में हमारी सरकार सभी पीड़ितों के परिवारों के साथ खड़ी है।

सरकार हरसंभव मदद के लिए प्रतिबद्ध है। पीड़ितों को हर जरूरी मदद मुहैया कराई जाएगी।

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केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने भी इस घटना पर सोशल मीडिया पर दुख जताया है।

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गुजरात सरकार ने भी मृतकों के परिजन को 4-4 लाख और घायलों को 50-50 हजार रुपए की सहायता देने की घोषणा की है।

MP से अफसरों की टीम गुजरात गई

हादसे के बाद राज्य सरकार की ओर से अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान बनासकांठा के लिए रवाना हो गए हैं।

वहीं हरदा कलेक्टर आदित्य सिंह ने बताया कि मृतकों की शिनाख्त और घायलों की मदद के लिए अफसरों की टीम भेजी है।

देवास जिला प्रशासन मंगलवार को ही बनासकांठा (गुजरात) के लिए रवाना हो गया था।

सिंघार ने लगाए गंभीर आरोप

इसी बीच नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मध्यप्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा- रोजगार के मुद्दे पर सरकार बड़े-बड़े दावे करती आई है।

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लेकिन इस हादसे के बाद यह सवाल उठता है कि सरकार इतनी अक्षम क्यों हो गई है कि मजदूरों को घरों से पलायन करने की आवश्यकता पड़ रही है और अपनी जान गंवानी पड़ रही है।

सिंघार ने यह भी कहा कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए और लापरवाही के दोषियों को चिह्नित कर उन्हें सजा दी जानी चाहिए।

50 मीटर दूर तक उड़े चिथड़े

जानकारी के अनुसार, घटना के समय मजदूर फैक्ट्री के अंदर काम कर रहे थे। तभी अचानक फैक्ट्री में जोरदार विस्फोट हुआ और आग लग गई।

ब्लास्ट इतना भीषण था कि मजदूरों के शरीर के टुकड़े 50 मीटर दूर तक बिखर गए।

आग को काबू करने में फायर ब्रिगेड को 5 से 6 घंटे का समय लग गया।

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पटाखे बेचने का लाइसेंस था, बनाने का नहीं

दीपक ट्रेडर्स नाम की यह पटाखा फैक्ट्री खूबचंद सिंधी की है। वह इस फैक्ट्री में विस्फोटक लाकर पटाखा बनवाते थे।

हालांकि अब तक की जांच में पता चला है कि कंपनी मालिक के पास केवल पटाखे बेचने का लाइसेंस है, बनाने का नहीं।

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