HomeTrending Newsहॉन्गकॉन्ग में 35 मंजिल वाली 8 इमारतें जलीं: 55 की मौत-279 लापता,...

हॉन्गकॉन्ग में 35 मंजिल वाली 8 इमारतें जलीं: 55 की मौत-279 लापता, अब तक 3 गिरफ्तार

और पढ़ें

Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 13 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Hong Kong Building Fire हॉन्गकॉन्ग के ताई पो जिले में बुधवार को एक रिहाइशी कॉम्प्लेक्स (Residential Complex) में भीषण आग लग गई।

स्थानीय प्रशासन और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह पिछले 77 सालों में हॉन्गकॉन्ग में हुई सबसे भयावह अग्नि दुर्घटना है।

इस त्रासदी में अब तक 55 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 279 लोग घायल या लापता बताए जा रहे हैं।

कैसे हुआ ये भयानक हादसा?

घटना बुधवार दोपहर करीब 2:51 बजे (स्थानीय समय) की है।

आग की शुरुआत ‘वांग फुक कोर्ट’ नामक रिहायशी इलाके से हुई।

यह कॉम्प्लेक्स कुल 8 गगनचुंबी इमारतों का समूह है, जिनमें से प्रत्येक इमारत 35 मंजिला है और इसमें करीब 2000 अपार्टमेंट हैं।

चश्मदीदों और प्रारंभिक जांच के अनुसार, इन इमारतों के बाहरी हिस्से में मरम्मत (Renovation) का काम चल रहा था।

इसके लिए इमारतों को पारंपरिक ‘बांस की मचान’ (Bamboo Scaffolding) से ढका गया था।

आग सबसे पहले बाहर लगी इन्हीं मचानों में भड़की। चूंकि मरम्मत कार्य में स्टायरोफोम (पॉलिस्टाइरीन) और फोम शीट जैसी ज्वलनशील सामग्री का इस्तेमाल हो रहा था, इसलिए आग ने पलक झपकते ही विकराल रूप धारण कर लिया।

तेज हवा ने आग को बनाया बेकाबू

बुधवार को चल रही तेज हवाओं ने आग में घी का काम किया।

जलते हुए मलबे और चिंगारियां हवा के साथ उड़कर एक टावर से दूसरे टावर तक पहुंचने लगीं।

देखते ही देखते कॉम्प्लेक्स की 8 में से 7 इमारतें लपटों से घिर गईं।

चूंकि मरम्मत के कारण कई घरों की खिड़कियां बंद थीं और बाहर मचान लगा हुआ था, इसलिए अंदर मौजूद कई लोगों को आग की भयावहता का अंदाजा तब तक नहीं लगा, जब तक कि लपटें उनके घरों तक नहीं पहुंच गईं।

प्रशासन ने इस आग को ‘लेवल-5’ घोषित किया है, जो हॉन्गकॉन्ग में आपदा की सबसे गंभीर श्रेणी मानी जाती है।

आग इतनी भीषण थी कि 20 घंटे बीत जाने के बाद भी उस पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका था।

बचाव कार्य 

फायर डिपार्टमेंट ने स्थिति को संभालते हुए 200 से ज्यादा दमकल गाड़ियां और करीब 100 एम्बुलेंस मौके पर भेजीं।

बचाव कार्य में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा क्योंकि कई मंजिलों पर तापमान इतना अधिक था कि फायर फाइटर्स का वहां पहुंचना नामुमकिन हो गया था।

दुखद रूप से, लोगों को बचाने की कोशिश में एक दमकलकर्मी (Firefighter) की भी जान चली गई।

3 गिरफ्तारियां

पुलिस ने इस मामले में फौरन कार्रवाई करते हुए ठेकेदार समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।

इन पर लापरवाही बरतने और गैर-इरादतन हत्या का संदेह है।

जांच में यह देखा जा रहा है कि क्या निर्माण सामग्री और सुरक्षा इंतजाम तय मानकों के अनुसार थे या नहीं।

बुजुर्गों पर टूटा कहर

हादसे के वक्त दोपहर का समय था, इसलिए अधिकांश कामकाजी लोग बाहर थे, लेकिन घर पर बड़ी संख्या में बुजुर्ग मौजूद थे जो आराम कर रहे थे।

आग तेजी से फैलने के कारण वे समय रहते बाहर नहीं निकल पाए, जिसके चलते हताहतों और घायलों में बुजुर्गों की संख्या अधिक है।

राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय असर

इस घटना का असर हॉन्गकॉन्ग की राजनीति पर भी पड़ा है।

7 दिसंबर को होने वाले चुनावों से जुड़ी सभी प्रचार गतिविधियां रोक दी गई हैं।

चीफ एग्जीक्यूटिव जॉन ली ने चुनाव स्थगित करने के संकेत दिए हैं और कहा है कि सरकार का पूरा ध्यान फिलहाल राहत और बचाव कार्य पर है।

राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने शोक व्यक्त किया

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद देने का निर्देश दिया है।

इसके अलावा जापान, जर्मनी, ब्रिटेन, अमेरिका और कनाडा ने भी शोक संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

प्रभावितों की मदद के लिए मैकडॉनाल्ड्स ने 1000 फूड पैकेट मुफ्त देने का ऐलान किया है।

बेघर हुए लोगों के लिए कम्युनिटी हॉल और सरकारी इमारतों में अस्थायी शेल्टर बनाए गए हैं।

- Advertisement -spot_img