india condoles khamenei death: मध्य पूर्व में जारी भारी तनाव के बीच भारत ने पहली बार ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर आधिकारिक तौर पर दुख व्यक्त किया है।
गुरुवार को भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास पहुंचे।
वहां उन्होंने शोक पुस्तिका (Condolence Book) में संदेश लिखकर खामेनेई को श्रद्धांजलि दी और ईरान के राजदूत से मुलाकात कर संवेदना प्रकट की।
बता दें कि 28 फरवरी को तेहरान में अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए भीषण हवाई हमलों में खामेनेई की मौत हो गई थी।

5 दिनों की चुप्पी के बाद पहला रिएक्शन
पिछले 5 दिनों से खामेनेई की मौत पर भारत सरकार ने चुप्पी साधी हुई थी।
विपक्षी पार्टियों ने मोदी सरकार के इस रुख को लेकर निशाना भी साधा था।
विपक्ष ईरान के साथ भारत के पुराने रिश्तों की ओर इशारा करते हुए इसकी मांग कर रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाद में मिडिल-ईस्ट की स्थिति पर अपनी चिंता जताई थी।
उन्होंने कहा था कि भारत ने हमेशा ऐसे विवादों का समाधान निकालने के लिए बातचीत और डिप्लोमेसी की मांग की है।
#WATCH | Foreign Secretary Vikram Misri, on behalf of Government of India, signed the Condolence Book at the Embassy of Iran in New Delhi today, and offered condolences to the slain Supreme Leader of Iran Ayatollah Ali Khamenei. pic.twitter.com/A3IP2d0diX
— ANI (@ANI) March 5, 2026
समंदर में तबाही: ईरानी वॉरशिप ‘IRIS देना’ शिकार बना
इस जंग की सबसे डरावनी खबर श्रीलंका के तट से आई है।
भारत के विशाखापट्टनम में आयोजित ‘मिलन-2026’ नौसैनिक अभ्यास में हिस्सा लेकर लौट रहे ईरानी युद्धपोत IRIS देना को अमेरिकी नौसेना ने टॉरपीडो से हमला कर डुबो दिया।
यह घटना श्रीलंका के गाले शहर से करीब 75 किलोमीटर दूर हुई।
https://t.co/PiqQpVIrMu pic.twitter.com/Wc1e0B0um7
— Department of War 🇺🇸 (@DeptofWar) March 4, 2026
श्रीलंकाई नौसेना के मुताबिक, अब तक समंदर से 87 शव निकाले जा चुके हैं, जबकि 60 लोग अब भी लापता हैं।
यह ऐतिहासिक रूप से इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार किसी अमेरिकी पनडुब्बी ने युद्ध के दौरान दुश्मन के जहाज पर टॉरपीडो का इस्तेमाल किया है।
रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका इस जंग में अब तक ईरान के लगभग 20 छोटे-बड़े युद्धपोत नष्ट कर चुका है।
इजराइल का दावा और ईरान की दो-टूक
युद्ध के छठे दिन इजराइली सेना (IDF) ने दावा किया है कि ईरान की ओर से होने वाले मिसाइल हमलों की तीव्रता कम हुई है।
हालांकि, इजराइल अभी भी हाई अलर्ट पर है क्योंकि उसे यमन के हूती विद्रोहियों से हमले का डर है।
The U.S. has perpetrated an atrocity at sea, 2,000 miles away from Iran’s shores.
Frigate Dena, a guest of India’s Navy carrying almost 130 sailors, was struck in international waters without warning.
Mark my words: The U.S. will come to bitterly regret precedent it has set. pic.twitter.com/cxYiI9BLUk
— Seyed Abbas Araghchi (@araghchi) March 5, 2026
दूसरी ओर, भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहली ने साफ कर दिया है कि फिलहाल अमेरिका या इजराइल से बातचीत का कोई रास्ता नहीं बचा है।
उन्होंने कहा, “ईरान युद्ध नहीं चाहता था, लेकिन शुरुआत उधर से हुई है। हमारी ताकत से पूरी दुनिया वाकिफ है।”
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद करने के सवाल पर उन्होंने फिलहाल कोई भी स्पष्ट जानकारी देने से इनकार कर दिया, लेकिन यह संकेत जरूर दिया कि ईरान अपनी रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।
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