Hormuz Strait Indian Oil ship: मिडिल ईस्ट में युद्ध की आग भड़की हुई है और आज इस संघर्ष का 12वां दिन है।
पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि तेल की सप्लाई कैसे जारी रहेगी।
भारत के लिए भी यह समय बड़ी परीक्षा का है, क्योंकि दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री रास्ते ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Hormuz Strait) में तनाव चरम पर है।
इसी बीच, भारत के लिए एक अच्छी खबर आई है।
सऊदी अरब से एक विशाल कच्चा तेल का जहाज ‘शेनलॉन्ग’ (Shenlong) तमाम खतरों को पार करते हुए सुरक्षित मुंबई के तट पर पहुंच गया है।
#WATCH | Liberia-flagged tanker ship ‘Shenlong’ enters Indian waters near Mumbai Port. It was captained by an Indian and was loaded with crude oil from the Saudi port Ras Tanura.
Latest visuals from Mumbai Port pic.twitter.com/4BWABAsZ88
— ANI (@ANI) March 12, 2026
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, लाइबेरिया के झंडे वाला यह टैंकर ‘शेनलॉन्ग’ (Suezmax श्रेणी) करीब 1,35,335 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर सऊदी अरब के रास तनुरा पोर्ट से रवाना हुआ था।
यह जहाज एथेंस की कंपनी ‘डायनाकॉम टैंकर्स मैनेजमेंट’ द्वारा संचालित किया जा रहा है।
समुद्री डेटा के अनुसार, 8 मार्च को इस जहाज की आखिरी लोकेशन होर्मुज स्ट्रेट के भीतर थी, जो वर्तमान में दुनिया का सबसे खतरनाक समुद्री इलाका बना हुआ है।
🚨 HUGE! Iran allows India-flagged tankers through Hormuz Strait after EAM Jaishankar’s POWER TALKS 🤯
2 tankers, Pushpak & Parimal, SAILING SAFELY through the vital choke point, while US, Europe & Israel ships HIT ROADBLOCKS 💥
MODIPLOMACY triumphs👌🏼
pic.twitter.com/OYH1VtjRKe— The Analyzer (News Updates🗞️) (@Indian_Analyzer) March 12, 2026
क्यों खास है होर्मुज स्ट्रेट?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दुनिया की ‘तेल की नस’ कहा जाता है।
दुनिया के कुल तेल और प्राकृतिक गैस का लगभग 20% हिस्सा इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है।
ईरान ने धमकी दी थी कि जो भी जहाज इस रास्ते का इस्तेमाल करेगा, उसे ईरान से अनुमति लेनी होगी, वरना उस पर हमला किया जा सकता है।
ईरान ने साफ कहा है कि अमेरिका, इजरायल और यूरोप से जुड़े जहाजों के लिए यह रास्ता बंद या प्रतिबंधित रहेगा।
Iran to allow Indian-flagged ship to pass safely through the Strait of Hormuz: Sources pic.twitter.com/BKo9RXDBVR
— ANI (@ANI) March 12, 2026
एस. जयशंकर की ‘फोन कॉल’ डिप्लोमेसी आई काम
इस संकट के समय भारत की विदेश नीति ने अपना दम दिखाया।
सूत्रों के मुताबिक, भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर लंबी बातचीत की।
इस बातचीत का मुख्य एजेंडा भारतीय हितों की रक्षा और तेल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना था।

भारत और ईरान के पुराने रिश्तों और वर्तमान कूटनीतिक बातचीत का नतीजा यह रहा कि ईरान ने भारतीय टैंकरों को ‘सुरक्षित रास्ता’ (Safe Passage) देने का भरोसा दिया।
ईरान ने स्पष्ट किया कि जो जहाज अमेरिका या इजरायल से संबंधित नहीं हैं, उन्हें निशाना नहीं बनाया जाएगा।
इसी छूट का फायदा उठाकर भारत अपना तेल सुरक्षित लाने में कामयाब रहा।
जयशंकर ने इसके साथ ही रूस और फ्रांस के विदेश मंत्रियों से भी संपर्क साधा ताकि वैश्विक सप्लाई चेन को टूटने से बचाया जा सके।
After External Affairs Minister S. Jaishankar spoke with his Iranian counterpart Araghchi, safe passage has been given for Indian tankers via Hormuz.
– Safe passage for two Indian tankers, Pushpak and Parimal@amitk_journo shares more details with @HeenaGambhir. pic.twitter.com/UwcgXcsSJH
— TIMES NOW (@TimesNow) March 12, 2026
जंग के मैदान में भारतीय नाविकों की स्थिति
एक तरफ जहां भारत के लिए राहत की खबर है, वहीं दूसरी तरफ समंदर में खतरा अभी टला नहीं है।
बुधवार रात फारस की खाड़ी में ‘सेफसी विष्णु’ नाम के एक अमेरिकी तेल टैंकर पर सुसाइड बोट से हमला हुआ।
दुखद बात यह है कि इस हमले में एक भारतीय नागरिक की जान चली गई, हालांकि बाकी 27 चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं।
25 people have been rescued from the American ship Safesea Vishnu.#LpgGasCrisisIndia pic.twitter.com/ZaXt47rlQm
— mr. ᴩᴀᴛʜᴀᴋ (@mr_pathakshiv) March 12, 2026
इसके अलावा थाईलैंड के एक जहाज ‘मयूरी नारी’ पर भी हमला हुआ है, जिसके बाद थाईलैंड ने ईरानी राजदूत को तलब किया है।
🟢 IRGC: The ship “Express Rom”, owned by Israel and flying the Liberian flag, was targeted with Iranian shells this morning after ignoring warnings from the naval forces of the Iranian Revolutionary Guard. The vessel has stopped in its route.
The container ship “Mayuri Nari”… pic.twitter.com/cnEIx540GZ
— Russia Now (@RusiaNow) March 11, 2026
भारत सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में फारस की खाड़ी के इस अशांत इलाके में भारत के 28 जहाज मौजूद हैं।
भारत सरकार 24 घंटे इन जहाजों और उन पर सवार भारतीय नाविकों की सुरक्षा की निगरानी कर रही है।
भारत के लिए क्यों जरूरी है यह रूट?
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है।
रोजाना लगभग 2 करोड़ बैरल कच्चा तेल इसी होर्मुज के रास्ते से दुनिया भर में जाता है।
अगर यह रास्ता बंद होता है, तो भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू सकती हैं और अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ सकता है।

ईरानी सेना के प्रवक्ता अबोलफजल शेखरची ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने हमला किया, तो फारस की खाड़ी का कोई भी बंदरगाह उनकी पहुंच से बाहर नहीं रहेगा।
ऐसे माहौल में भारत का अपना जहाज सुरक्षित मुंबई तक ले आना एक बड़ी कूटनीतिक और रणनीतिक सफलता मानी जा रही है।
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