Bhagirathpura Indore Water Crisis इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से मचे हाहाकार में मौतों का आंकड़ा अब बढ़कर 20 तक पहुंच गया है।
हालांकि, यहां सरकारी आंकड़ों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है।
जहां प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर केवल 6 मौतों की पुष्टि की है, वहीं दूसरी ओर 18 प्रभावित परिवारों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता (मुआवजा) दी जा चुकी है।
बुधवार को भी प्रशासन की सूची में दो नए नाम जोड़े गए, जिससे सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
अस्पतालों की स्थिति और दहशत का माहौल
फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में नहीं है।
ताजा जानकारी के मुताबिक, 16 मरीज अब भी आईसीयू (ICU) में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं, जिनमें से 3 की हालत बेहद नाजुक होने के कारण वे वेंटिलेटर पर हैं।

हालांकि, राहत की बात यह है कि कुल 429 बीमारों में से 330 को डिस्चार्ज किया जा चुका है।
पूरे इलाके में दहशत का माहौल है; लोगों ने घरों के बोरिंग का इस्तेमाल बंद कर दिया है और अब पूरी तरह से टैंकरों या बाजार से खरीदे गए आरओ (RO) पानी पर निर्भर हैं।
इंदौर में गंदे पानी से इनकी मौत
- उर्मिला यादव, 60
- नंदलाल पाल, 75
- उमा कोरी, 31
- मंजुला, 74
- ताराबाई कोरी, 60
- गोमती रावत, 50
- सीमा प्रजापत, 50
- जीवन लाल, 80
- अव्यान साहू, 5 माह
- अरविंद लिखर
- गीताबाई
- अशोक लाल पंवार
- संतोष बिगोलिया
- ओमप्रकाश शर्मा
- हरकुंवर बाई, 70 वर्ष
- रामकली
- श्रवण खुपराव
- हीरालाल (65)
- शंकर भैया, 70
- सुमित्रा बाई
• जो पानी जीवन देता है, वही जब मौत बन जाए, तो यह हादसा नहीं, सिस्टम का “अपराध” है! #इंदौर के भागीरथपुरा में नलों से पहुंचा “जहर” अब सवाल बनकर हर घर में खड़ा है! किंतु, सरकारी गलियारों में सन्नाटा है!
• पिछले 11 दिनों में 18 ज़िंदगियां खत्म, 400 से अधिक लोग इलाज करवा रहे हैं,… pic.twitter.com/OJEk7s41Cz
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) January 7, 2026
कोर्ट की सख्त टिप्पणी: ‘शहर की छवि को लगा गहरा धक्का’
इस मामले ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है।
सुनवाई के दौरान माननीय कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि जो शहर पूरे देश में सफाई के लिए जाना जाता है, आज वहां दूषित पानी से मौतें होना बेहद शर्मनाक है।
कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि स्वच्छ जल पाना नागरिक का मौलिक अधिकार है।
अगर जांच में लापरवाही सिद्ध होती है, तो संबंधित अधिकारियों पर न केवल सिविल बल्कि आपराधिक मामला भी दर्ज किया जा सकता है।

प्रशासनिक मुस्तैदी और टेस्टिंग का दौर
कलेक्टर शिवम वर्मा और नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल लगातार प्रभावित बस्तियों का दौरा कर रहे हैं।
सीवरेज लाइनों और नर्मदा पाइपलाइन के लीकेज को ठीक करने का काम युद्ध स्तर पर जारी है।
प्रशासन ने लोगों को सख्त निर्देश दिए हैं कि फिलहाल नर्मदा की लाइनों से आने वाले पानी का सेवन न करें, क्योंकि अभी टेस्टिंग चल रही है।
घरों में दवाईयां बांटी जा रही हैं और 60 से ज्यादा स्वास्थ्य टीमें डोर-टू-डोर सर्वे कर रही हैं।
VIDEO | Indore: Congress leaders visited the Bhagirathpura area and met the families of those who died after consuming contaminated water earlier today. Madhya Pradesh Congress President Jitu Patwari said, “The municipal corporation, the Mohan Yadav government and the leadership… pic.twitter.com/785V7FJcLP
— Press Trust of India (@PTI_News) January 6, 2026
सियासी पारा भी चढ़ा
इस त्रासदी ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री व स्थानीय मंत्रियों से इस्तीफे की मांग की है।
महिला कांग्रेस भी आज पूरे प्रदेश में कैंडल मार्च निकालकर अपना विरोध दर्ज कराएगी।
