Indore Water 25th Death: इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी ने एक और हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया है।
मंगलवार देर रात, 51 वर्षीय हेमंत गायकवाड़ (उर्फ बाला) ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
हेमंत की मौत के बाद क्षेत्र में दूषित पानी से मरने वालों का आधिकारिक और अनौपचारिक आंकड़ा अब 25 तक पहुंच गया है।
बीमारी और इलाज का संघर्ष
हेमंत गायकवाड़ की तबीयत 22 दिसंबर को दूषित पानी के सेवन के बाद अचानक बिगड़ी थी।
उन्हें लगातार उल्टी और दस्त की शिकायत हुई।
शुरुआत में उन्हें परदेशीपुरा के वर्मा नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया।
28 दिसंबर को थोड़ी राहत मिलने पर उन्हें छुट्टी दे दी गई, लेकिन घर लौटते ही उनकी हालत फिर से बिगड़ने लगी।
8 जनवरी को उन्हें गंभीर स्थिति में अरविंदो अस्पताल रेफर किया गया।

अस्पताल में जांच के दौरान यह बात भी सामने आई कि वे ‘सेल कार्सिनोमा’ (कैंसर) और किडनी की बीमारी से भी जूझ रहे थे, लेकिन उनकी स्थिति बिगड़ने का तात्कालिक कारण दूषित पानी से हुआ संक्रमण (डायरिया) ही बना।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
हेमंत अपने परिवार में अकेले कमाने वाले सदस्य थे।
वे ई-रिक्शा चलाकर अपनी पत्नी और चार बेटियों—रिया (21), जिया (20), खुशबू (16) और मनाली (12)—का पालन-पोषण कर रहे थे।
पिता के चले जाने से न केवल बेटियों के सिर से साया उठ गया है, बल्कि परिवार के सामने अब दो वक्त की रोटी का संकट भी खड़ा हो गया है।
हेमंत की बेटी जिया ने बताया कि उनके पिता कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मिलकर अपनी पीड़ा बताना चाहते थे, लेकिन अस्पताल के बिस्तर पर बेबस होने के कारण उनकी यह आखिरी इच्छा अधूरी ही रह गई।
प्रशासनिक लापरवाही
भागीरथपुरा के स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इलाके में लंबे समय से नलों में गंदा और बदबूदार पानी आ रहा था।
कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन नगर निगम और संबंधित विभाग ने समय रहते पाइपलाइन की लीकेज सुधारने या वैकल्पिक व्यवस्था करने पर ध्यान नहीं दिया।
आज स्थिति यह है कि क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
10 मरीज अब भी ICU में
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, अभी भी 38 लोग विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं।
इनमें से 10 मरीजों की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है और वे आईसीयू (ICU) में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं, जबकि 3 मरीज वेंटिलेटर पर हैं।
इससे पहले सुभद्रा बाई नामक महिला की मौत को प्रशासन ने डायरिया से मानने से इनकार कर दिया था, लेकिन अगर उसे भी शामिल किया जाए तो यह त्रासदी अब तक 25 लोगों को निगल चुकी है।


