Indore EV Charging Blast: बुधवार की सुबह जब पूरा इंदौर गहरी नींद में सोया था, तब बंगाली चौराहे के पास ग्रेटर बृजेश्वरी कॉलोनी में एक जबरदस्त धमाके ने सबको दहला दिया।
दरअसल, सुबह करीब 3:30 से 4:00 बजे के बीच रबर कारोबारी मनोज पुगलिया के घर के बाहर चार्ज हो रही इलेक्ट्रिक कार (टाटा पंच) के चार्जिंग पॉइंट में एक जोरदार शॉर्ट सर्किट हुआ।
देखते ही देखते कार ने आग पकड़ ली। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उन्होंने चंद सेकंडों में घर के मुख्य दरवाजे को अपनी चपेट में ले लिया।
🚨 Shocking news comming from Indore!
An electric car caught fire during charging due to a short circuit. Nearby gas cylinders turned it into a deadly explosion chain. 7 people lost their lives.💔#Indore 💔 pic.twitter.com/IZfX6AM6lz— Aarnav Sharma✨️ (@sunilaarnav) March 18, 2026
डिजिटल लॉक और बिजली गुल: भागने का रास्ता बंद
इस हादसे की सबसे दुखद बात यह रही कि घर में सुरक्षा के लिए लगाए गए आधुनिक डिजिटल लॉक ही मौत की वजह बन गए।
जैसे ही आग फैली, शॉर्ट सर्किट के कारण पूरे घर की बिजली गुल हो गई।
बिजली कटते ही दरवाजे के इलेक्ट्रॉनिक लॉक जाम हो गए।
अंदर फंसे लोग चिल्लाते रहे, लेकिन बिना बिजली के दरवाजे खुले ही नहीं।
बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता आग की लपटों से घिरा था और खिड़कियों पर मजबूत ग्रिल लगी थी।
🚨SHOCKING | Indore house fire that killed 7 people.
EV charging blast started it, then 10 LPG cylinders exploded one after another. Electronic locks trapped family inside pic.twitter.com/oiBB42YUx2
— The Tatva (@thetatvaindia) March 18, 2026
सिलेंडरों के धमाके और ढहता मकान
मनोज पुगलिया का रबर और पॉलीमर का कारोबार था, जिसके चलते घर में कुछ ज्वलनशील केमिकल और लगभग 9 गैस सिलेंडर रखे हुए थे।
आग जैसे ही अंदर पहुंची, एक के बाद एक 4 गैस सिलेंडर बम की तरह फटे।
इन धमाकों की गूंज इतनी तेज थी कि पूरा इलाका दहल गया और मकान का एक हिस्सा ढह गया।
मलबे और आग के बीच फंसे लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

बाहर से आए रिश्तेदारों की मौत
रबर कारोबारी मनोज के साढू विजय सेठिया अपने परिवार के साथ बिहार के किशनगंज से इंदौर आए थे।
विजय को जबड़े का कैंसर था और वे अपना इलाज कराने इंदौर पहुंचे थे।
उन्हें क्या पता था कि जिस घर में वे मेहमान बनकर आए हैं, वही उनकी अंतिम यात्रा का ठिकाना बनेगा।

मृतकों में विजय, उनकी पत्नी, बेटा, बहन-बहनोई और मनोज की गर्भवती बहू सिमरन समेत कुल 8 लोग शामिल हैं।

इंदौर में 3 मंजिला मकान में आग 8 लोगों की मौत
- मनोज पुगलिया (65 साल)
- सिमरन पति सौरभ पुगलिया (30 साल)
- विजय सेठिया (65 साल)
- सुमन पति विजय सेठिया (60 साल)
- छोटू सेठिया (22 साल)
- राशि सेठिया (12 साल)
- टीनू (35 साल)
- तनय (8 साल)

4 लोग घायल
- सुनीता पति मनोज पुगलिया
- सौरभ पिता मनोज पुगलिया (30 साल)
- सोमिल पिता मनोज पुगलिया
- हर्षित पिता मनोज पुगलिया (25 साल)

एक घंटे देरी से पहुंचीं मदद
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि फायर ब्रिगेड को तुरंत सूचना दी गई थी, लेकिन गाड़ियां करीब एक घंटे देरी से पहुंचीं। तब तक सब कुछ राख हो चुका था।
इंदौर के प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी दमकल विभाग की देरी पर नाराजगी जताई है।
फिलहाल, कलेक्टर शिवम वर्मा और पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह मामले की जांच के लिए एक्सपर्ट कमेटी बनाने की बात कर रहे हैं।
Indore, Madhya Pradesh: Collector Shivam Verma says, “…The fire started from an EV charging point while a vehicle was being charged. When the fire broke out, it spread to the pole and then throughout the house. In this tragic incident, seven people have died….” pic.twitter.com/dTY1qM2twZ
— IANS (@ians_india) March 18, 2026
#MadhyaPradesh –
A fire broke out in #Indore due to a short circuit while an electric car was being charged, resulting in the deaths of seven people. Several gas cylinders kept near the car began to explode. pic.twitter.com/FB2ACfuoH9— Siraj Noorani (@sirajnoorani) March 18, 2026
यह हादसा ‘अलार्मिंग सिचुएशन’ है- कैलाश विजयवर्गीय
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि हम EV युग में जी रहे हैं, लेकिन सुरक्षा मानकों (SOP) की कमी जानलेवा साबित हो रही है।
मैनें पुलिस कमिश्नर से कहा है कि इसके लिए एक्सपर्ट की कमेटी बनाएं, ताकि इसकी पुनरावृत्ति नहीं हो।
इसकी पूरी जानकारी लेकर इसकी एसओपी बनाना चाहिए।
Indore, Madhya Pradesh: Minister Kailash Vijayvargiya on the Indore fire incident, says, “This is a very sad and concerning incident, because it’s the era of EVs and the fire occurred during charging. This is a matter of thought for all of us, as the entire society is moving… pic.twitter.com/BsyreyOoie
— IANS (@ians_india) March 18, 2026
पिछले साल भी हुआ था ऐसा हादसा
इससे पहले 23 अक्टूबर 2025 की सुबह इंदौर के कारोबारी और कांग्रेस नेता प्रवेश अग्रवाल के घर भी ऐसा ही हादसा हुआ था।
उनके घर मंदिर में जल रही अखंड ज्योति से आग पूरे पेंट-हाउस में फैल गई थी।
उनके यहां भी आग से घर में लगे डिजिटल लॉक ने काम करना बंद कर दिया था।
प्रवेश अग्रवाल की पत्नी और बेटी को बचाकर अस्पताल में भर्ती किया गया था।
उन्हें बचाते हुए प्रवेश अग्रवाल की मौत हो गई थी।

EV और स्मार्ट होम के जरूरी सबक
- डिजिटल लॉक का खतरा: आग लगने पर अक्सर बिजली कट जाती है। ऐसे में डिजिटल लॉक का ‘मैनुअल ओवरराइड’ (बिना बिजली के खुलने की सुविधा) होना अनिवार्य है।
- EV चार्जिंग: घरों में EV चार्जिंग के लिए अलग और मजबूत वायरिंग होनी चाहिए।
- ज्वलनशील पदार्थ: रिहायशी मकानों में भारी मात्रा में गैस सिलेंडर या केमिकल रखना बारूद के ढेर पर बैठने जैसा है।
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