Indore LPG Connection Ban: अगर आप इंदौर में रहते हैं और अपने नए घर के लिए रसोई गैस (LPG) का नया कनेक्शन लेने की सोच रहे थे, तो आपको अपनी योजना थोड़ी टालनी होगी।
इंदौर खाद्य आपूर्ति विभाग ने एक बड़ा फैसला लेते हुए नए गैस कनेक्शन के लिए इस्तेमाल होने वाले ऑनलाइन पोर्टल को अगले एक महीने के लिए बंद कर दिया है।

पोर्टल बंद होने से क्या पड़ेगा असर?
खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी मोहनलाल मारू के मुताबिक, यह व्यवस्था पूरी तरह अस्थायी है।
अगले एक महीने तक न तो नए कनेक्शन के लिए कोई आवेदन स्वीकार किया जाएगा और न ही ई-केवाईसी (e-KYC) से जुड़ा कोई काम होगा।
विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे इस बदलाव में सहयोग करें। हालांकि, पोर्टल बंद करने की कोई ठोस तकनीकी वजह सार्वजनिक नहीं की गई है, जिससे उपभोक्ताओं के मन में थोडा संशय जरूर है।

विकल्प: 5 किलो वाला ‘छोटा’ सिलेंडर आएगा काम
विभाग को पता है कि रसोई गैस एक बुनियादी जरूरत है, जिसके बिना घर का चूल्हा जलना मुश्किल है।
इसीलिए, एक वैकल्पिक व्यवस्था (Alternative Arrangement) की गई है।
जिन लोगों को बहुत इमरजेंसी में गैस की जरूरत है, उन्हें विभाग 5 किलो वाला छोटा सिलेंडर उपलब्ध करा रहा है।
यह सुविधा तब तक मिलेगी जब तक पोर्टल दोबारा शुरू नहीं हो जाता।
अधिकारी ने यह भी कहा है कि पोर्टल खुलते ही रुके हुए कामों को सबसे पहले निपटाया जाएगा।

इंदौर में बड़ी ठगी: 15 साल का भरोसा और 30 खाली सिलेंडर गायब
इसी बीच इंदौर के बाणगंगा इलाके से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई है।
यहाँ भरोसे का कत्ल करते हुए एक गैस एजेंसी कर्मचारी ने 30 घरों को अपना शिकार बनाया।
आरोपी मुकेश सोनोने, जो पिछले 15 सालों से एजेंसी में काम कर रहा था, लोगों के घर गया और कहा कि “आपका नंबर आ गया है, खाली सिलेंडर दे दो, मैं भरा हुआ देकर जाता हूँ।”

मुकेश पुराना कर्मचारी था, इसलिए लोगों ने बिना शक किए उसे सिलेंडर सौंप दिए। लेकिन 22 मार्च से मुकेश अपना मोबाइल बंद कर लापता है।
जब लोगों के घरों में चूल्हा जलना बंद हुआ और सिलेंडर वापस नहीं आए, तब जाकर ठगी का खुलासा हुआ।
पीड़ितों ने एजेंसी पर हंगामा किया, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
यह खबर आपके लिए क्यों जरूरी है?
यह खबर इंदौर के हर उस नागरिक के लिए अहम है जो या तो नया कनेक्शन लेना चाहता है या अपनी गैस एजेंसी के कर्मचारी पर आँख बंद करके भरोसा करता है।
पोर्टल बंद होना एक प्रशासनिक प्रक्रिया है, लेकिन कर्मचारी द्वारा की गई ठगी हमें सचेत करती है कि किसी भी लेनदेन की रसीद जरूर लें।
