Jitu Patwari vs Mohan Yadav: मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार और केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पटवारी ने आर्थिक संकट, मंत्रियों के कथित भ्रष्टाचार और हालिया भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (Trade Deal) को लेकर कड़े सवाल खड़े किए।

मंत्रियों के इस्तीफे की मांग और ‘1000 दिन’ की मोहलत
जीतू पटवारी ने मोहन सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि यह सरकार अब ज्यादा दिन की मेहमान नहीं है।
उन्होंने भविष्यवाणी की कि अगले 1000 दिनों के भीतर यह सरकार सत्ता से बाहर हो जाएगी।
पटवारी के निशाने पर मुख्य रूप से सरकार के तीन कद्दावर मंत्री रहे:
-
विजय शाह: पटवारी ने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों के बाद विजय शाह को नैतिक आधार पर पद छोड़ देना चाहिए।
-
राजेंद्र शुक्ला (लोक स्वास्थ्य मंत्री): छिंदवाड़ा के ‘कफ सिरप’ मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 26 मासूमों की मौत के जिम्मेदार व्यक्ति को कैबिनेट में रहने का हक नहीं है।
-
कैलाश विजयवर्गीय: इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई 32 मौतों के लिए उन्होंने नगरीय प्रशासन मंत्री को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग की।
मुख्यमंत्री @DrMohanYadav51 जी, अपनी रीढ़ की हड्डी दिखाते हुए तीन अपराधी मंत्रियों को बर्खास्त करना चाहिए।
– देश की सेना का अपमान करने वाले: विजय शाह
– जहरीले पानी से 32 मौतों के जिम्मेदार: कैलाश विजयवर्गीय
– जहरीले कफ सिरप से 26 बच्चों की मौत के जिम्मेदार: राजेंद्र शुक्ला pic.twitter.com/yBFWXOMEpp— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) February 4, 2026
पटवारी ने मुख्यमंत्री को नसीहत दी कि सरकार केवल तालियों और स्वागत-सत्कार से नहीं चलती, बल्कि जिम्मेदारी और जवाबदेही से चलती है।
‘हर दिन 213 करोड़ की उधारी’
मध्य प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए पटवारी ने कहा कि मोहन सरकार कर्ज लेने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के रिकॉर्ड भी तोड़ रही है।
उन्होंने आंकड़ों के साथ बताया कि इस वित्त वर्ष में अब तक 78 हजार करोड़ रुपये का कर्ज लिया जा चुका है।
शिवराज का रिकॉर्ड तोड़ मोहन बाबू ने 213 करोड़ रुपए रोज कर्ज लिया!
: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी जी pic.twitter.com/NHR8raui17
— MP Congress (@INCMP) February 4, 2026
पटवारी के अनुसार, सरकार की हालत इतनी पतली है कि कर्मचारियों को तनख्वाह देने के लिए भी कर्ज लेना पड़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बजट का आकार जानबूझकर बड़ा दिखाया जाता है ताकि ज्यादा कर्ज लेने का रास्ता साफ हो सके।
इतना ही नहीं, पटवारी ने सरकार पर ‘राजनीतिक अय्याशी’ का आरोप लगाते हुए कहा कि कर्ज चुकाने के लिए प्रदेश की कीमती सरकारी संपत्तियां बेची जा रही हैं।
आदरणीय @RahulGandhi जी ने पहले ही कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी यह ट्रेड डील करेंगे पर ट्रंप की बातों के दबाव में और आज वही सही साबित हुआ।@ChouhanShivraj जी, अगर इस डील से हमारे देश के किसान भाइयों के हितों के साथ कोई समझौता हुआ, तो हम किसान आपको चैन से नहीं बैठने देंगे। pic.twitter.com/RlZV6oXPEq
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) February 4, 2026
भारत-अमेरिका ट्रेड डील: ‘किसानों के साथ धोखा’
सिर्फ राज्य ही नहीं, जीतू पटवारी और पूर्व कृषि मंत्री सचिन यादव ने केंद्र सरकार की विदेश नीति और ट्रेड डील को भी कटघरे में खड़ा किया।
पटवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका की शर्तों के सामने घुटने टेक दिए हैं।
डील का गणित समझाते हुए उन्होंने कहा:
- अमेरिका से आने वाले कृषि उत्पादों और ड्राई फ्रूट्स पर जीरो परसेंट (0%) टैरिफ लगेगा, जिससे विदेशी सामान भारतीय बाजार में भर जाएगा और स्थानीय किसानों को नुकसान होगा।
- वहीं, जब भारत अपना सामान अमेरिका भेजेगा, तो वहां 18 प्रतिशत टैरिफ देना होगा।
अमेरिका की कृषि मंत्री ट्वीट करके जानकारी देती हैं कि अब अमेरिका के कृषि उत्पाद भारत में जीरो टैरिफ़ के साथ बिकेंगे,
और प्रधानमंत्री @narendramodi अपने नेताओं से हार फूल की माला पहनवाकर खुद का अभिनंदन करवा रहे हैं। pic.twitter.com/oAJf9alFo9
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) February 4, 2026
सचिन यादव ने इसे किसानों को ‘गिरवी’ रखने जैसा बताया और चेतावनी दी कि अगर इस डील से किसानों का हित प्रभावित हुआ, तो कांग्रेस देशव्यापी आंदोलन करेगी।
कांग्रेस का संगठन और आगामी रणनीति
प्रेस कॉन्फ्रेंस में पटवारी ने संगठन के बदलावों पर भी बात की।
प्रवक्ताओं की छुट्टी किए जाने पर उन्होंने कहा कि जल्द ही एक नई, ऊर्जावान मीडिया टीम सामने आएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी को निकाला नहीं गया है, बल्कि जिम्मेदारियां बदली जा रही हैं।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के निर्देशानुसार अब जिला कार्यकारिणी को भी छोटा और प्रभावी बनाया जाएगा।


