Kashi Vishwanath Women’s Day: वाराणसी के प्रसिद्ध श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ने इस बार अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च 2026) को बेहद खास बनाने का निर्णय लिया है।
अक्सर देखा जाता है कि त्योहारों या विशेष अवसरों पर मंदिर में भारी भीड़ होने के कारण महिलाओं, बुजुर्गों और छोटे बच्चों को दर्शन करने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है।
इसी समस्या को देखते हुए और महिलाओं के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए मंदिर प्रशासन ने ‘सुगम दर्शन’ की एक नई योजना तैयार की है।

क्या है खास व्यवस्था?
8 मार्च 2026 को मंदिर के गेट नंबर 4-B को विशेष रूप से महिलाओं और उनके साथ आने वाले बच्चों के लिए आरक्षित किया गया है।
इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि महिलाओं को आम कतारों में लगकर धक्का-मुक्की का सामना नहीं करना पड़ेगा।
वे एक अलग रास्ते से सीधे बाबा के दरबार तक पहुँच सकेंगी।

यह व्यवस्था सुबह से लेकर रात तक लागू रहेगी, बस आरती के कुछ घंटों (सुबह 4 से 5 और शाम 4 से 5) को छोड़कर बाकी पूरे दिन महिलाएं इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगी।
न कोई टिकट, न कोई शुल्क
आमतौर पर ‘सुगम दर्शन’ के लिए श्रद्धालुओं को एक निर्धारित शुल्क देना पड़ता है, लेकिन महिला दिवस के मौके पर यह सुविधा पूरी तरह निःशुल्क होगी।
मंदिर प्रशासन ने साफ कर दिया है कि गेट नंबर 4-B से प्रवेश के लिए किसी भी महिला को कोई टिकट खरीदने की जरूरत नहीं है।
चाहे महिला वाराणसी की रहने वाली हो या बाहर से आई कोई पर्यटक, हर नारी के लिए बाबा के द्वार खुले हैं।

बच्चों के लिए भी सहूलियत
अक्सर छोटे बच्चों के साथ भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाना माताओं के लिए चुनौतीपूर्ण होता है।
इस पहल के तहत, महिलाओं के साथ आने वाले छोटे बच्चों (चाहे वे बालक हों या बालिका) को भी इसी विशेष द्वार से प्रवेश दिया जाएगा।
इससे परिवार के साथ आने वाली महिलाओं की यात्रा और भी सुखद हो जाएगी।

क्यों खास है यह पहल?
काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के बाद से यहाँ आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या करोड़ों में पहुँच गई है।
ऐसे में महिलाओं की सुरक्षा और उनकी सुविधा को प्राथमिकता देना एक बड़ा संदेश देता है।
यह कदम न केवल महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देता है, बल्कि ‘अतिथि देवो भव:’ की परंपरा को भी जीवंत करता है।


