Khajuraho Airport AAI Ranking: मध्यप्रदेश के पर्यटन और नागरिक उड्डयन क्षेत्र (Aviation Sector) के लिए साल 2025 एक स्वर्णिम अध्याय लेकर आया है।
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (Airport Authority of India – AAI) द्वारा जारी किए गए ताजा ‘कस्टमर सैटिस्फेक्शन सर्वे’ (Customer Satisfaction Survey) में मध्यप्रदेश ने अपनी बादशाहत साबित कर दी है।
यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल खजुराहो और झीलों की नगरी भोपाल के एयरपोर्ट ने देश के बड़े-बड़े महानगरों को पछाड़ते हुए संयुक्त रूप से नंबर-1 का स्थान हासिल किया है।
खजुराहो: छोटे शहर की बड़ी उपलब्धि
विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि एक छोटे शहर के एयरपोर्ट ने सुविधाओं के मामले में वैश्विक मानक स्थापित किए हैं।
अक्सर यह माना जाता है कि केवल बड़े शहरों (मेट्रो सिटीज) के हवाई अड्डों पर ही वर्ल्ड क्लास सुविधाएं मिलती हैं, लेकिन खजुराहो एयरपोर्ट ने इस भ्रम को तोड़ दिया है।

सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक, खजुराहो एयरपोर्ट ने स्वच्छता, स्टाफ के विनम्र व्यवहार और यात्रियों के आरामदायक अनुभव के मामले में पूरे नंबर हासिल किए हैं।
यहां आने वाले देसी और विदेशी पर्यटकों ने माना है कि खजुराहो एयरपोर्ट का ‘लगेज डिलीवरी सिस्टम’ बेहद तेज है और वेटिंग एरिया काफी सुकून भरा है।

भोपाल का राजा भोज एयरपोर्ट: लगातार दूसरी बार सिरमौर
राजधानी भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट ने अपनी श्रेष्ठता को दोहराया है।
यह लगातार दूसरी बार है जब भोपाल एयरपोर्ट को देश में पहला स्थान मिला है।
यह एयरपोर्ट ‘श्रेणी-3’ (15 लाख से अधिक यात्री क्षमता) के अंतर्गत आता है।

भोपाल की सफलता के पीछे सबसे बड़ा कारण तकनीकी अपग्रेडेशन और यात्री-केंद्रित सुविधाएं हैं:
- डिजी यात्रा (DigiYatra): हाल ही में शुरू की गई इस सुविधा ने चेक-इन प्रक्रिया को पेपरलेस और बेहद आसान बना दिया है।
- कनेक्टिविटी: भोपाल से अब दिल्ली, मुंबई और अन्य शहरों के लिए कनेक्टिंग फ्लाइट्स आसानी से उपलब्ध हैं, जिससे यात्रियों का समय बचता है।
- हेल्प डेस्क: ‘मे आई हेल्प यू’ (May I Help You) काउंटर की शुरुआत ने नए यात्रियों (First time flyers) के अनुभव को बहुत सुखद बना दिया है।

आंकड़े क्या कहते हैं? (The Perfect Score)
AAI साल में दो बार यह सर्वे कराता है। 2025 के सर्वे के नतीजे चौंकाने वाले और सुखद रहे:
- राउंड-1 (जनवरी-जून): भोपाल और खजुराहो दोनों ने 5 में से पूरे 5 अंक हासिल किए।
- राउंड-2 (जुलाई-दिसंबर): दोनों एयरपोर्ट्स ने अपनी गुणवत्ता बरकरार रखते हुए 5 में से 4.99 का स्कोर प्राप्त किया।
यह स्कोर यात्रियों से सीधे बातचीत (फीडबैक) के आधार पर तय किया गया था।
इसमें पार्किंग, सुरक्षा जांच में लगने वाला समय, खान-पान, शॉपिंग और सफाई जैसे 33 से अधिक पैरामीटर्स शामिल थे।

ग्वालियर और जबलपुर भी टॉप रेस में
सिर्फ भोपाल और खजुराहो ही नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश के अन्य शहरों ने भी लंबी छलांग लगाई है।
ग्वालियर एयरपोर्ट देश के टॉप-10 एयरपोर्ट्स में जगह बनाने में कामयाब रहा है और उसे छठवां स्थान मिला है।
वहीं, जबलपुर एयरपोर्ट ने भी सुधार करते हुए सातवां स्थान (कुछ मानकों में 22वें से सुधार) प्राप्त किया है।
यह दर्शाता है कि पूरा प्रदेश अब हवाई सेवाओं के मामले में आत्मनिर्भर और उन्नत हो रहा है। इंदौर एयरपोर्ट इस विशेष AAI सर्वे का हिस्सा नहीं था।

सफलता का मंत्र: टीम वर्क और विजन
भोपाल एयरपोर्ट के डायरेक्टर रामजी अवस्थी और खजुराहो एयरपोर्ट डायरेक्टर संतोष सिंह ने इस सफलता का श्रेय अपनी पूरी टीम और सुरक्षा बलों (CISF) को दिया है।
उन्होंने बताया कि लाउंज से लेकर सिक्योरिटी होल्ड एरिया तक, हर छोटी-बड़ी सुविधा को यात्रियों के नजरिए से बेहतर बनाया गया है।
‘फ्लाइब्रेरी’ (Flybrary) जैसी अनूठी पहल, जहां यात्री उड़ान का इंतजार करते समय किताबें पढ़ सकते हैं, ने भी सकारात्मक माहौल बनाने में मदद की है।


