Khajuraho Festival Controversy: विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल खजुराहो, जो अपनी सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है, आज वहां से एक शर्मनाक खबर सामने आ रही है।
शिल्पग्राम में चल रहे खजुराहो अंतरराष्ट्रीय नृत्य महोत्सव (Khajuraho Dance Festival 2026)का अंत इतना बुरा होगा, इसकी कल्पना शायद किसी कलाकार ने नहीं की थी।
बड़े-बड़े सरकारी दावों और चमक-धमक के बीच शुरू हुआ यह 7 दिवसीय उत्सव अपने निर्धारित समय से 4 दिन पहले ही दम तोड़ गया।
क्या है पूरा मामला?
तय कार्यक्रम के मुताबिक, यह महोत्सव 20 से 26 फरवरी तक चलना था।
इसमें देश के कोने- कोने से शास्त्रीय नृत्य और लोक कला के कलाकार अपनी प्रतिभा दिखाने पहुंचे थे।
52वां
खजुराहो नृत्य समारोहशास्त्रीय नृत्य शैलियों पर केंद्रित
🗓️20 से 26 फरवरी 2026
🕡प्रतिदिन सायं 6:30 बजे से
📍मंदिर प्रांगण, खजुराहो @DrMohanYadav51 #KDF2026 #JansamparkMP pic.twitter.com/5hIPvSOm7y— Culture Department, MP (@minculturemp) February 20, 2026
आयोजन की जिम्मेदारी ‘एग्री इंडस्ट्रीज विकास चैंबर’ (AIVC) नाम की संस्था को दी गई थी।
लेकिन 26 फरवरी का इंतजार किए बिना ही, 23 फरवरी की शाम को अचानक खबर आई कि उत्सव खत्म किया जा रहा है।
अंधेरी रात और खाने की किल्लत
जब मंगलवार को कलाकार अपनी प्रस्तुति देने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, तो वहां सन्नाटा पसरा हुआ था। न बिजली थी, न पानी।
आरोप है कि आयोजन स्थल की लाइट काट दी गई, जिससे कलाकारों और दुकानदारों को पूरी रात अंधेरे में गुजारनी पड़ी।

स्थिति इतनी खराब हो गई कि कलाकारों को पीने के पानी और खाने तक के लिए परेशान होना पड़ा।
यहां तक कि स्टॉल से सामान और पानी की बोतलें तक चोरी हो गईं।
होटल मालिकों का इनकार
सबसे बुरा अनुभव कलाकारों को तब हुआ जब वे अपने ठहरने के स्थान यानी होटलों पर पहुंचे।
होटल मालिकों ने साफ कह दिया कि आयोजकों ने पिछले बिलों का भुगतान नहीं किया है, इसलिए वे अब कलाकारों को और नहीं ठहरा सकते।
अगर उन्हें रुकना है, तो अपनी जेब से पैसे देने होंगे।

हैरानी की बात यह है कि इस महोत्सव का उद्घाटन खुद संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने किया था।
लेकिन अब सरकार का कहना है कि उन्होंने आयोजकों को कोई फंड नहीं दिया था।
संस्कृति सचिव शिव शेखर शुक्ला ने स्पष्ट किया कि यह पूरी जिम्मेदारी आयोजक संस्था की थी।
52वां अंतरराष्ट्रीय खजुराहो नृत्य समारोह
🗓️20-26 फरवरी 2026 I📍छतरपुर🛕7 पद्मश्री एवं 6 संगीत नाटक अकादमी अवॉर्डी नृत्य कलाकारों द्वारा दी जाएगी प्रस्तुति@DrMohanYadav51 @CMMadhyaPradesh @minculturemp @TrustsReligious @tourismdeptmp @MPTourism #KDF2026 #CMMadhyaPradesh… pic.twitter.com/AydzPjXAD8
— Jansampark MP (@JansamparkMP) February 20, 2026
अब क्या है स्थिति?
फिलहाल शिल्पग्राम के गेट पर ताला लटका है।
कलाकारों का सामान अंदर फंसा है और दुकानदार अपना माल बाहर नहीं निकाल पा रहे हैं।
दूर-दूर से आए कलाकार अब अपने यात्रा भत्ते (TA) और दैनिक भत्ते (DA) के लिए दर-दर भटक रहे हैं, जबकि आयोजन संस्था का कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति फोन उठाने या सामने आने को तैयार नहीं है।
राजनगर तहसीलदार अब इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं।


