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महाशिवरात्रि पर कुबेरेश्वर धाम जाने से पहले जान लें नया ट्रैफिक प्लान: इंदौर-भोपाल हाईवे पर बदले रास्ते

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Kubereshwar Dham Rudraksha Mahotsav: मध्य प्रदेश के सीहोर स्थित प्रसिद्ध कुबेरेश्वर धाम में 14 फरवरी से 20 फरवरी 2026 तक भव्य रुद्राक्ष महोत्सव और शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है।

विख्यात कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के सानिध्य में होने वाला ये आयोजन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास है।

इसके लिए प्रशासन और आयोजन समिति ने सुरक्षा और सुविधा के ऐसे इंतजाम किए हैं जो पहले कभी नहीं देखे गए।

रुद्राक्ष वितरण पर बड़ा फैसला

सबसे महत्वपूर्ण जानकारी उन श्रद्धालुओं के लिए है जो केवल रुद्राक्ष लेने की इच्छा से धाम आ रहे हैं।

विठ्ठलेश सेवा समिति ने निर्णय लिया है कि 14 से 20 फरवरी के बीच रुद्राक्ष का वितरण नहीं किया जाएगा।

पिछले वर्षों में हुई भारी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।

अब रुद्राक्ष वितरण का कार्यक्रम 15 मार्च के बाद दोबारा शुरू होगा।

ट्रैफिक व्यवस्था: कहां से जाएं और कहां से बचें?

लाखों लोगों की भीड़ को देखते हुए भोपाल-इंदौर हाईवे पर ट्रैफिक के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है।

यह व्यवस्था 12 फरवरी से 21 फरवरी तक प्रभावी रहेगी।

भारी वाहनों के लिए (Trucks/Buses):

  • भोपाल से इंदौर: जो ट्रक भोपाल से इंदौर जाना चाहते हैं, उन्हें मुबारकपुर जोड़ से डायवर्ट किया गया है। वे अब ब्यावरा, राजगढ़ और मक्सी होकर लंबी दूरी तय कर इंदौर पहुंचेंगे।
  • इंदौर से भोपाल: इंदौर या देवास से आने वाले भारी वाहनों को शाजापुर, ब्यावरा और कुरावर के रास्ते भोपाल भेजा जा रहा है।

छोटे वाहनों के लिए (Cars/Bikes):

  • आम यात्रियों के लिए न्यू क्रिसेंट चौराहा से भाऊखेड़ी जोड़ और अमलाहा का वैकल्पिक मार्ग दिया गया है।
  • धाम जाने वाले श्रद्धालु: अगर आप अपनी निजी गाड़ी से केवल कथा सुनने जा रहे हैं, तो आपके लिए हाईवे खुला है। आप सीधे कथा स्थल तक जा सकते हैं, जहां विशाल पार्किंग की व्यवस्था है।

पहली बार बना 2.5 किमी का पैदल कॉरिडोर

भीड़ प्रबंधन के लिए इस बार प्रशासन ने इंजीनियरिंग का सहारा लिया है।

श्रद्धालुओं के लिए पहली बार ढाई किलोमीटर लंबा एक सुरक्षित पैदल कॉरिडोर बनाया गया है।

इसके जरिए भक्त बिना किसी बाधा के सीधे मंदिर और मुख्य पंडाल तक पहुंच सकेंगे।

इससे भगदड़ जैसी स्थिति बनने का खतरा कम हो जाएगा।

सुरक्षा के हाई-टेक इंतजाम

पूरे धाम परिसर की निगरानी के लिए 256 हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है।

सुरक्षा के लिए लगभग 1,235 पुलिस जवानों को तैनात किया गया है।

आईजी और डीआईजी स्तर के अधिकारी स्वयं व्यवस्थाओं पर नजर रख रहे हैं।

श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं

  • विशाल पंडाल: 1.80 लाख स्क्वायर फीट का भव्य पंडाल बनाया गया है, जिसमें करीब 1.5 लाख भक्त एक साथ बैठकर कथा सुन सकते हैं।

  • निशुल्क भोजन: 10 एकड़ के क्षेत्र में चौबीस घंटे फ्री भोजनशाला संचालित की जा रही है।

  • सस्ता पानी और स्वास्थ्य: गर्मी को देखते हुए मात्र 5 रुपये में ठंडे पानी की बोतल उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही, 24 घंटे एम्बुलेंस और अस्थाई चिकित्सा केंद्र की सुविधा भी मौजूद है।

  • रेलवे की स्पेशल ट्रेनें: यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ग्वालियर और झांसी की तरफ जाने वाली विशेष ट्रेनें सीहोर स्टेशन पर उपलब्ध रहेंगी।

कुमार विश्वास की राम कथा और ‘ग्रीन शिवरात्रि’

इस महोत्सव की शुरुआत में कवि डॉ. कुमार विश्वास द्वारा 14 से 16 फरवरी तक राम कथा का वाचन भी किया जा रहा है।

वहीं, पंडित प्रदीप मिश्रा ने इस बार ‘ग्रीन शिवरात्रि’ का संदेश दिया है।

इसके तहत पूरे देश में एक करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि भक्ति के साथ-साथ प्रकृति का संरक्षण भी हो सके।

जरूरी सलाह

अगर आप इन दिनों भोपाल से इंदौर या इंदौर से भोपाल की यात्रा कर रहे हैं, तो अतिरिक्त समय लेकर चलें।

हाईवे पर डायवर्जन के कारण यात्रा में 2 से 3 घंटे का अतिरिक्त समय लग सकता है।

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