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हंगामे की भेंट चढ़ा संसद के बजट सत्र का पहला चरण, लोकसभा 9 मार्च तक स्थगित

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Lok Sabha Adjourned: शुक्रवार को जैसे ही सदन की शुरुआत हुई, विपक्षी सांसदों ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग को लेकर भारी नारेबाजी शुरू कर दी।

विपक्ष का यह विरोध राहुल गांधी द्वारा एपस्टीन फाइल्स मामले में लगाए गए आरोपों से जुड़ा था।

शोर-शराबे की वजह से कार्यवाही पहले 12 बजे तक और फिर कुछ ही मिनटों बाद 9 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी गई।

सदन में क्या हुआ?

हंगामे के बीच ही शुक्रवार को शिक्षा और कानून मंत्रालय से जुड़े कुछ जरूरी बिल पेश किए गए।

चेयर पर बैठीं संध्या राय ने बार-बार सांसदों से शांत रहने की अपील की, लेकिन जब विपक्ष ‘वेल’ (अध्यक्ष के सामने खाली जगह) में आकर नारेबाजी करने लगा, तो सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा।

बता दें कि बजट सत्र दो हिस्सों में हो रहा है:

  • पहला चरण: 28 जनवरी से 13 फरवरी तक (जो अब पूरा हो चुका है)।
  • दूसरा चरण: 23 दिनों के ब्रेक के बाद 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा।

हरदीप सिंह पुरी पर क्यों मचा है बवाल?

कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे पर अड़े हैं।

इसका मुख्य कारण राहुल गांधी द्वारा ‘एपस्टीन फाइल्स’ के हवाले से लगाए गए आरोप हैं।

विपक्ष का कहना है कि इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए मंत्री को पद छोड़ देना चाहिए।

इसी मांग को लेकर विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में गांधी प्रतिमा के पास विरोध प्रदर्शन भी किया।

राहुल गांधी पर ‘देश बांटने’ का आरोप

सत्ता पक्ष की ओर से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि:

  • राहुल गांधी सत्ता पाने के लिए ‘देश के बंटवारे’ की साजिश रच रहे हैं।
  • वह जॉर्ज सोरोस और फोर्ड फाउंडेशन जैसी विदेशी संस्थाओं के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
  • निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी की संसद सदस्यता खत्म करने और उन पर चुनाव लड़ने का आजीवन प्रतिबंध (Lifetime Ban) लगाने की मांग करते हुए ‘सब्सटेंसिव मोशन’ पेश किया है।

किरेन रिजिजू और गिरिराज सिंह के बयान

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी ने सदन में नियमों की धज्जियां उड़ाई हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल ने एक ‘बिना छपी हुई’ (Unpublished) किताब का गैर-कानूनी तरीके से जिक्र किया और बजट भाषण के दौरान “देश बिक गया” जैसे आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया।

वहीं, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राहुल गांधी पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे किसानों के मुद्दे पर झूठ बोल रहे हैं और देश में गृह युद्ध जैसी स्थिति पैदा करना चाहते हैं।

बिहार की राजनीति और आरक्षण का मुद्दा

सिर्फ कांग्रेस ही नहीं, बल्कि RJD (राष्ट्रीय जनता दल) के सांसदों ने भी संसद में मोर्चा खोल रखा है। उनकी मुख्य मांगें ये हैं:

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के सीएम नीतीश कुमार का इस्तीफा।
  • बिहार के 65% आरक्षण को संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल किया जाए ताकि उसे कानूनी कवच मिल सके।
  • SC/ST, OBC और अति पिछड़ों के कोटे को बढ़ाना।

संसद का यह सत्र विकास और बजट की चर्चा से ज्यादा राजनीतिक आरोपों और व्यक्तिगत हमलों के लिए याद किया जाएगा।

अब सबकी नजरें 9 मार्च पर टिकी हैं, जब सदन दोबारा शुरू होगा और मुमकिन है कि राहुल गांधी के खिलाफ लाए गए प्रस्ताव (Substantive Motion) पर बड़ी बहस देखने को मिले।

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