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LPG Alert: 16 अगस्त तक निपटा लें यह जरूरी काम, वरना 947 रुपये का गैस सिलेंडर पड़ेगा 2935 में!

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

LPG EKYC Deadline August: अगर आपके घर में रसोई गैस (LPG) का इस्तेमाल होता है, तो यह खबर सीधे आपकी जेब और रसोई से जुड़ी है।

समय रहते ध्यान न देने पर आपकी रसोई का बजट बुरी तरह गड़बड़ा सकता है।

तेल और गैस कंपनियों ने एलपीजी उपभोक्ताओं को SMS भेजकर चेतावनी देना शुरू कर दिया है।

इस संदेश में साफ कहा गया है कि 16 अगस्त तक आधार आधारित बायोमेट्रिक ई-केवाईसी (e-KYC – Electronic Know Your Customer) कराना अनिवार्य है।

यदि तय सीमा के भीतर यह सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, तो आपको घरेलू दर (Subsidy Rate) पर सिलेंडर मिलना बंद हो सकता है।

ऐसे में उपभोक्ताओं को गैर-घरेलू यानी कमर्शियल दरों पर सिलेंडर खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है, जिससे हर महीने आपकी जेब पर भारी बोझ पड़ेगा।

मध्य प्रदेश में स्थिति बेहद गंभीर: हर 5वां उपभोक्ता अभी भी असत्यापित

मध्य प्रदेश की बात करें तो यहाँ की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में कुल 1 करोड़ 73 लाख सक्रिय घरेलू गैस उपभोक्ता हैं।

इनमें से करीब 39 लाख 84 हजार उपभोक्ताओं ने अब तक अपनी ई-केवाईसी नहीं कराई है।

प्रतिशत के हिसाब से देखें तो लगभग 22.21% यानी हर पाँचवाँ उपभोक्ता सत्यापन की प्रक्रिया से बाहर है।

राजधानी भोपाल में भी स्थिति कुछ अलग नहीं है:

* कुल उपभोक्ता: 7.55 लाख

 * लंबित केवाईसी वाले उपभोक्ता: 1.94 लाख

 * प्रतिशत: लगभग 25% शहरी उपभोक्ता अभी भी लापरवाही बरत रहे हैं।

समय रहते प्रक्रिया पूरी न होने से आने वाले दिनों में लाखों परिवारों को गैस के लिए दर-दर भटकना पड़ सकता है।

घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में जमीन-आसमान का फर्क

यदि किसी उपभोक्ता की ई-केवाईसी समय पर नहीं होती है, तो गैस एजेंसियों को निर्देश दिए जा रहे हैं कि उन्हें कमर्शियल दर पर सिलेंडर दिया जाए। दोनों दरों के बीच भारी अंतर है:

सिलेंडर का प्रकार | वजन (किग्रा) | अनुमानित कीमत (रुपये में) 

  • घरेलू सिलेंडर | 14.2 किग्रा | ₹ 947.50 
  • कमर्शियल सिलेंडर | 19 किग्रा | ₹ 2935.00 

यदि आपको 947.50 रुपये का सिलेंडर 2935 रुपये में खरीदना पड़ा, तो आपको हर सिलेंडर पर लगभग 1987.50 रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे।

यह सीधे तौर पर आम आदमी की रसोई के बजट पर एक बड़ा झटका होगा।

भोपाल में पहले से ही रुकी 1.35 लाख सिलेंडरों की डिलीवरी

यह संकट केवल एक कागजी चेतावनी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर सड़कों और घरों में दिखने लगा है।

भोपाल शहर में पिछले महज 5 दिनों के भीतर 1 लाख 35 हजार से अधिक सिलेंडरों की डिलीवरी रोक दी गई है।

यह शहर के कुल उपभोक्ताओं का लगभग 15 से 20 प्रतिशत हिस्सा है।

असमंजस में क्यों हैं एजेंसियां और उपभोक्ता?

 * मौखिक आदेश: गैस एजेंसी संचालकों (Distributors) का कहना है कि गैस कंपनियों की ओर से डिलीवरी रोकने का यह निर्देश मौखिक तौर पर दिया गया है, कोई आधिकारिक लिखित आदेश जारी नहीं किया गया है।

* ग्राहकों की नाराजगी: कई मामलों में उपभोक्ताओं के खाते से ऑनलाइन बुकिंग के पैसे कट चुके हैं, लेकिन ई-केवाईसी न होने के कारण सिलेंडर की डिलीवरी रोक दी गई है।

* एजेंसियों पर दबाव: एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर एसोसिएशन इंदौर के अनुसार, कंपनियों के दबाव और उपभोक्ताओं की नाराजगी के बीच गैस एजेंसियाँ पिस रही हैं। वे मांग कर रही हैं कि कंपनियां लिखित दिशा-निर्देश जारी करें ताकि स्थिति पूरी तरह पारदर्शी हो सके।

घर बैठे e-KYC कराने के 3 बेहद आसान तरीके

उपभोक्ताओं के लिए अच्छी बात यह है कि ई-केवाईसी कराने के लिए लंबी लाइनों में खड़े होने की जरूरत नहीं है।

आप इन 3 आसान तरीकों में से किसी एक को चुन सकते हैं:

* तरीका 1: मोबाइल ऐप (IndianOil ONE App) के जरिए

यदि आप इंडियन ऑयल (Indane) के ग्राहक हैं, तो आप IndianOil ONE ऐप या संबंधित गैस कंपनी के आधिकारिक ऐप को प्ले स्टोर/ऐप स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं।

ऐप में आधार बायोमेट्रिक / फेस ऑथेंटिकेशन का विकल्प चुनकर घर बैठे ही मिनटों में अपनी केवाईसी प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।

* तरीका 2: नजदीकी गैस एजेंसी में जाकर

आप अपनी संबंधित गैस एजेंसी के दफ्तर में जाकर भी बायोमेट्रिक सत्यापन करा सकते हैं। इसके लिए आपको अपना मूल आधार कार्ड और गैस कनेक्शन की पासबुक/ग्राहक संख्या साथ ले जानी होगी।

* तरीका 3: डिलीवरी बॉय की मदद से (सबसे आसान तरीका)

जब सिलेंडर डिलीवरी कर्मचारी आपके घर सिलेंडर देने आए, तो आप उसकी बायोमेट्रिक मशीन या मोबाइल ऑथेंटिकेशन डिवाइस के जरिए मौके पर ही फिंगरप्रिंट या फेस स्कैन देकर ई-केवाईसी करा सकते हैं।

यह तरीका बुजुर्गों और घर में अकेले रहने वाले लोगों के लिए बेहद सुविधाजनक है।

ई-केवाईसी (e-KYC) क्यों कराई जा रही है?

गैस कंपनियों और सरकार का मुख्य उद्देश्य एलपीजी वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाना है।

* फर्जी कनेक्शनों पर लगाम: एक ही व्यक्ति के नाम पर चल रहे फर्जी या अवैध कनेक्शनों की पहचान करना।

* सटीक सब्सिडी का लाभ: पात्र और वास्तविक उपभोक्ताओं तक ही सरकारी सब्सिडी का लाभ पहुंचाना।

* सुरक्षा और डेटा अपडेट: यह प्रक्रिया उज्ज्वला योजना (PMUY) के लाभार्थियों और सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं—दोनों के लिए अनिवार्य बनाई गई है।

निष्पक्ष विश्लेषण: पारदर्शिता और उपभोक्ता अधिकार

उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम और सूचना के अधिकार (RTI) की भावना के तहत नागरिकों को समय पर सही जानकारी पाने का पूरा अधिकार है।

गैस कंपनियों द्वारा बिना किसी पूर्व लिखित सूचना या सार्वजनिक विज्ञापन के मौखिक आदेशों के आधार पर सिलेंडर की डिलीवरी रोकना उपभोक्ताओं के साथ अन्याय है।

कंपनियों को चाहिए कि वे असमंजस की स्थिति को तुरंत दूर करें और लिखित दिशा-निर्देश जारी करें।

साथ ही, आम जनता को भी सलाह दी जाती है कि वे किसी भी असुविधा और आर्थिक नुकसान से बचने के लिए 16 अगस्त की अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना आज ही अपनी ई-केवाईसी पूरी कर लें।

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