LPG Price Hike: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी तनाव और युद्ध का सीधा असर अब भारतीय रसोई तक पहुँच गया है।
तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने आज, 7 मार्च 2026 से एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमतों में भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया है।
इस फैसले के बाद न केवल घरों में इस्तेमाल होने वाला 14.2 किलो का सिलेंडर महंगा हुआ है, बल्कि व्यापारिक प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाला 19 किलो का कमर्शियल सिलेंडर भी काफी महंगा हो गया है।

क्यों महंगी हुई गैस?
गैस की कीमतों में इस अचानक उछाल के पीछे सबसे बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियाँ हैं।
मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग की वजह से कच्चे तेल (Crude Oil) की वैश्विक सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है।
भारत अपनी जरूरत का अधिकांश तेल और गैस आयात करता है, ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों के बढ़ने का सीधा दबाव घरेलू तेल कंपनियों पर पड़ा।
इसी दबाव के चलते कंपनियों ने घरेलू सिलेंडर पर ₹60 और कमर्शियल सिलेंडर पर ₹115 तक की वृद्धि की है।

घरेलू सिलेंडर: ₹60 की बढ़ोतरी के बाद क्या हैं नए रेट?
राजधानी दिल्ली समेत देश के लगभग सभी राज्यों में घरेलू गैस के दाम बढ़ गए हैं।
दिल्ली में जो सिलेंडर कल तक ₹853 में मिल रहा था, उसकी कीमत अब बढ़कर ₹913 हो गई है।
यह अप्रैल 2025 के बाद कीमतों में हुआ सबसे बड़ा बदलाव है।
प्रमुख शहरों में घरेलू सिलेंडर की नई कीमतें:
शहर | पुरानी कीमत (लगभग) | नई कीमत (आज से)
- दिल्ली | ₹853 | ₹913
- कोलकाता | ₹879 | ₹939
- मुंबई | ₹852 | ₹912
- चेन्नई | ₹868 | ₹928
- भोपाल | ₹858 | ₹918
- जयपुर | ₹856 | ₹916
- पटना | ₹951 | ₹1011
कमर्शियल सिलेंडर में ₹115 का तगड़ा झटका
सिर्फ घर ही नहीं, बल्कि बाहर खाना भी अब महंगा हो सकता है।
19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में ₹115 की भारी बढ़ोतरी की गई है।
दिल्ली में इसकी कीमत अब ₹1883 हो गई है।
इसका सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट, हलवाई और स्ट्रीट फूड वेंडर्स पर पड़ेगा।
मध्य प्रदेश के इंदौर और भोपाल जैसे शहरों में, जो अपने खान-पान (जैसे सराफा और छप्पन दुकान) के लिए मशहूर हैं, वहां व्यापारियों की लागत काफी बढ़ जाएगी।

मध्य प्रदेश में ‘900 पार’ हुआ गैस का दाम
मध्य प्रदेश के निवासियों के लिए भी यह बड़ा झटका है। भोपाल और इंदौर जैसे शहरों में अब घरेलू सिलेंडर की कीमत ₹900 के स्तर को पार कर गई है।
भोपाल में अब उपभोक्ताओं को एक सिलेंडर के लिए ₹918 चुकाने होंगे।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि पहले से ही महंगाई से जूझ रहे बजट पर इस ₹60 की वृद्धि ने बोझ और बढ़ा दिया है।

सरकार और तेल कंपनियों का पक्ष
कीमतों में वृद्धि के बावजूद, सरकारी सूत्रों और इंडियन ऑयल जैसी कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है।
सरकार ने रिफाइनरी कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे उत्पादन बढ़ाएं ताकि सप्लाई सुचारू बनी रहे।
पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों को भी कंपनियों ने सिरे से खारिज किया है और लोगों से संयम बरतने की अपील की है।

कुल मिलाकर, अंतरराष्ट्रीय युद्ध की स्थिति ने भारतीय उपभोक्ताओं की जेब ढीली कर दी है।
₹60 की बढ़ोतरी सुनने में छोटी लग सकती है, लेकिन एक आम परिवार के मासिक बजट और कमर्शियल सेक्टर की बढ़ती लागत का असर अंततः आम जनता की ही थाली पर पड़ेगा।



