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जानें कैसे पकड़ा गया बच्ची से रेप का आरोपी सलमान, 6 जिलों की पुलिस कर रही थी तलाश

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 13 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Salman short encounter: मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में 6 साल की मासूम बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म मामले ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है।

21 नवंबर को हुई इस घटना के बाद से ही लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे थे।

आखिरकार, 6 दिन बाद गुरुवार रात आरोपी सलमान को भोपाल से गिरफ्तार किया गया।

लेकिन जब उसे कस्टडी में ले जाया जा रहा था तो उसने भागने की कोशिश की और पुलिस पर हमला किया जिसकी वजह से पुलिस को आरोपी का ‘शॉर्ट एनकाउंटर’ करना पड़ा।

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6 दिन तक चली तलाश, 6 जिलों की पुलिस जुटी

आरोपी सलमान को पकड़ने के लिए रायसेन समेत 6 जिलों की पुलिस की 20 से ज्यादा टीमें लगाई गईं।

300 से अधिक पुलिस कर्मी लगातार उसकी तलाश में जुटे रहे।

पुलिस ने उस पर 30 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया।

आखिरकार, 6 दिन बाद गुरुवार रात उसे भोपाल के गांधी नगर इलाके में एक चाय की दुकान से पकड़ा गया।

दिलचस्प बात यह रही कि आरोपी को पकड़वाने में अब्दुल, रिजवान और आसिफ नाम के तीन युवकों की अहम भूमिका थी।

उन्होंने ही सलमान पर शक करते हुए पुलिस को सूचना दी।

इन युवकों ने कहा कि उन्हें इनाम के पैसे नहीं चाहिए, बल्कि वह राशि पीड़ित बच्ची को दी जाए और आरोपी को फांसी मिले।

कस्टडी में हुआ ‘शॉर्ट एनकाउंटर’

गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस सलमान को रात में गौहरगंज ले जा रही थी, तभी औबेदुल्लागंज क्षेत्र के जंगल में पुलिस की गाड़ी पंक्चर हो गई।

पुलिस उसे दूसरी गाड़ी में शिफ्ट करने लगी। इसी दौरान सलमान ने भागने की कोशिश की।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे के मुताबिक, आरोपी ने सुल्तानगंज के थाना प्रभारी श्याम राज की पिस्टल छीन ली और उन पर फायर करने की कोशिश की।

थाना प्रभारी ने अपना बचाव करते हुए आरोपी का हाथ पकड़कर पिस्टल ऊपर कर दी, जिससे दो गोलियां हवा में चल गईं।

इसके बाद मौजूद दूसरी पुलिस टीम ने जवाबी कार्रवाई करते हुए सलमान के पैर में गोली मारी।

इस घटना में थाना प्रभारी भी घायल हो गए।

क्या हुआ था 21 नवंबर को?

21 नवंबर की शाम, रायसेन जिले के गौहरगंज थाना क्षेत्र के पांजरा गांव में 6 साल की बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी।

23 वर्षीय आरोपी सलमान उसे चॉकलेट देने के बहाने जंगल में ले गया।

वहां उसने मासूम के साथ दरिंदगी की और फिर मौके से फरार हो गया।

रोती हुई बच्ची जंगल में मिली, जिसके बाद उसे तुरंत भोपाल के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया।

डॉक्टरों के मुताबिक, बच्ची के प्राइवेट पार्ट बुरी तरह क्षतिग्रस्त पाए गए।

उसकी सर्जरी की गई है और वह अभी आईसीयू में है, हालांकि उसकी हालत में अब सुधार हो रहा है।

हिंदू संगठनों में गुस्सा, अस्पताल के बाहर प्रदर्शन

आरोपी के साथ हुए इस ‘शॉर्ट एनकाउंटर’ से हिंदू संगठन नाराज हैं।

उनका आरोप है कि पुलिस आरोपी को बचा रही है और उसे सीधे सिर पर गोली क्यों नहीं मारी गई।

शुक्रवार सुबह हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाओ मंच जैसे संगठनों के कार्यकर्ता हमीदिया अस्पताल पहुंचे, जहां सलमान का इलाज चल रहा है।

उन्होंने नारेबाजी करते हुए आरोपी को सख्त सजा की मांग की।

कुछ संगठनों ने तो यहां तक मांग की कि आरोपी को हिंदू संगठनों के हवाले किया जाए ताकि वे उसे ‘उचित सजा’ दे सकें।

राजनेताओं और जनता की प्रतिक्रिया

इस मामले में विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा, “दरिंदे सलमान ने बेटी के साथ जो दुराचार किया है, उसे फांसी मिलनी चाहिए। हिंदू समाज में गुस्सा है। इस तरह के अपराधियों को सार्वजनिक रूप से कुचलने की जरूरत है, ताकि ऐसा अपराध करने से पहले कोई सौ बार सोचे।”

वहीं, लंदन में रहने वाले NRI बिजनेसमैन रविराज सिंह (रॉबी) ने आरोपी की गिरफ्तारी पर एक लाख रुपए देने की घोषणा की है।

साथ ही, उन्होंने पीड़ित बच्ची की पढ़ाई का पूरा जिम्मा उठाने का भी वादा किया है।

प्रशासनिक कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हस्तक्षेप किया था।

आरोपी की गिरफ्तारी न होने और प्रदर्शनों पर नियंत्रण न पाने से नाराज सीएम ने रायसेन के एसपी पंकज पांडेय को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त कर दिया और उनकी जगह आशुतोष गुप्ता को नया एसपी बनाया।

अगले कदम और जांच के पहलू

आरोपी सलमान के अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।

पुलिस जांच कर रही है कि सलमान ने बंदूक चलाने की ट्रेनिंग कहां से ली, क्योंकि उसने पुलिस की पिस्टल का लॉक खोलकर फायर किया था।

यह भी पूछताछ का एक अहम पहलू है कि वह भोपाल के उन इलाकों में क्यों छिपा था, जहां पहले भी SIMI जैसे प्रतिबंधित संगठनों के आरोपी पकड़े जा चुके हैं।

इस बीच, रायसेन पुलिस ने एक एडवाइजरी जारी कर सोशल मीडिया पर किसी भी धर्म, जाति या समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने वाली सामग्री साझा न करने की चेतावनी दी है।

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