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महाशिवरात्रि 2026: 10 लाख भक्त करेंगे महाकाल के दर्शन, जानें एंट्री से एग्जिट तक का पूरा रूट

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

Mahashivratri Mahakal Darshan: उज्जैन में महाशिवरात्रि (15 फरवरी 2026) का पर्व इस बार बेहद खास होने वाला है।

प्रशासन का अनुमान है कि इस दिन लगभग 10 लाख श्रद्धालु बाबा महाकाल के दरबार में मत्था टेकेंगे।

इतनी भारी भीड़ को संभालने और भक्तों को सुरक्षित दर्शन कराने के लिए कलेक्टर, एसपी और मंदिर समिति ने एक रूट प्लान तैयार किया है।

अगर आप भी महाशिवरात्रि पर उज्जैन जाने का प्लान बना रहे हैं तो ये जानकारी आपके काम आएगी।

कितना चलना होगा पैदल?

व्यवस्था के अनुसार, सामान्य कतार में लगने वाले श्रद्धालुओं को करीब डेढ़ किलोमीटर पैदल चलना होगा।

वहीं, जिन भक्तों ने 250 रुपये की शीघ्र दर्शन रसीद ली है या जिनके पास विशेष पास हैं, उन्हें लगभग एक किलोमीटर का सफर पैदल तय करना पड़ेगा।

कैसे पहुंचेंगे बाबा के दरबार तक? (रूट चार्ट)

  • सामान्य भक्त: इनकी एंट्री ‘भील समाज धर्मशाला’ के पास से होगी। यहां से शक्ति पथ, त्रिवेणी संग्रहालय, नंदी द्वार और ‘महाकाल महालोक’ से होते हुए भक्त मानसरोवर भवन पहुंचेंगे। इसके बाद टनल के रास्ते गणेश मंडपम पहुंचकर बाबा के दर्शन होंगे। वापसी के लिए बड़ा गणेश और हरसिद्धि मंदिर वाला रास्ता तय किया गया है।

  • VIP और ₹250 टिकट धारी: इनके लिए दो रास्ते हैं। पहला भील समाज धर्मशाला से अशोक सेतु होते हुए और दूसरा हरसिद्धि पाल, बड़ा गणेश गली और द्वार क्रमांक-1 से मंदिर में प्रवेश का।

भस्म आरती और अन्य सुविधाएं

महाशिवरात्रि पर होने वाली विशेष भस्म आरती के लिए जिन लोगों ने पहले से बुकिंग कराई है, उन्हें मानसरोवर भवन और गेट नंबर 1 से प्रवेश दिया जाएगा।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नृसिंहघाट और हरसिद्धि रोड पर लड्डू प्रसाद के ढेरों काउंटर लगाए जाएंगे।

पार्किंग और जूते-चप्पल कहां रखें?

प्रशासन ने शहर के बाहर ही बड़े पार्किंग स्थल बनाए हैं।

  • सामान्य भक्तों की गाड़ियां कर्कराज और मेघदूत पार्किंग में खड़ी होंगी।
  • पास धारकों के लिए कार्तिक मेला ग्राउंड और शगुन गार्डन जैसी जगहें तय की गई हैं।
  • भील समाज धर्मशाला और हरसिद्धि पाल पर जूता स्टैंड की सुविधा मिलेगी।

प्रशासन ने सभी भक्तों से अनुरोध किया है कि वे धैर्य बनाए रखें और सुरक्षाकर्मियों का सहयोग करें ताकि महाकाल के दर्शन का अनुभव यादगार और सुखद रहे।

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