Morena Bandh UGC Protest: मुरैना में आज यूजीसी (UGC) के नए कानून के विरोध में सवर्ण समाज द्वारा ‘मुरैना बंद’ का ऐलान किया गया था।
इस बंद का असर शहर के कोने-कोने में साफ नजर आया।
सुबह से ही शहर के प्रमुख बाजार पूरी तरह से बंद रहे और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।
व्यापारियों का मिला सहयोग
इस बंद के लिए किसी के साथ जोर-जबरदस्ती नहीं करनी पड़ी।
सदर बाजार, हनुमान चौराहा, मिर्च बजरिया, मार्कण्डेश्वर बाजार और एम एस रोड जैसे व्यस्त इलाकों में व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपनी दुकाने बंद रखी।

सवर्ण समाज के इस आह्वान को स्थानीय व्यापारियों का खुला समर्थन मिला, जिससे सिकरवारी बाजार और तेलीपाड़ा जैसे इलाके भी पूरी तरह बंद दिखाई दिए।
ऐसे बना बीच का रास्ता
चूंकि अभी शादियों का सीजन चल रहा है, इसलिए आम जनता और दूल्हा-दुल्हन के परिवारों को परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन और आंदोलनकारियों के बीच बुधवार को ही एक अहम बैठक हुई थी।
इस बैठक में सहमति बनी कि बंद केवल सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक ही रहेगा।
दोपहर 2 बजे के बाद सभी दुकानों को फिर से खोलने की अनुमति दी गई ताकि शादी-ब्याह की खरीदारी प्रभावित न हो।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम
किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा।
सीएसपी दीपाली चन्दौरिया ने बताया कि शहर की सुरक्षा के लिए 100 से अधिक पुलिस जवान और अधिकारियों को तैनात किया गया है।
साथ ही, स्थिति को बिगड़ने से बचाने के लिए ‘बज्र रिजर्व फोर्स’ को भी स्टैंडबाय पर रखा गया है।

अभी यह सिर्फ एक चेतावनी है
ब्राह्मण समाज के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश दंडोतिया ने साफ लफ्जों में कहा कि यह बंद केवल एक ‘संकेत’ है।
उन्होंने बताया कि प्रशासन के साथ बैठक में काफी बहस हुई, लेकिन समाज अपनी मांगों पर अडिग रहा।
उन्होंने यह भी साफ किया कि हम आम जनता को परेशान नहीं करना चाहते, इसीलिए शादियों का ध्यान रखते हुए दोपहर 2 बजे के बाद बाजार खोलने की बात मान ली गई।


