MP Assembly Budget Session: मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा दिन (17 जनवरी) हंगामेदार रहा।
जहां एक तरफ वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने 19 हजार 287 करोड़ रुपए से ज्यादा का तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया, वहीं दूसरी तरफ सदन के अंदर और बाहर सियासी हंगामा भी खूब देखने को मिला।
सदन के भीतर जहां गाय और आवारा कुत्तों के मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई।
वहीं सदन के बाहर कांग्रेस ने इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।
मध्यप्रदेश विधानसभा, बजट सत्र – 02 दिन
जिस सरकार का फर्ज शासन करना, जनता को स्वच्छ पानी देना, जनहित में निर्णय लेना और प्रदेशवासियों के आँसू पोंछना होना चाहिए , वही सरकार अगर पानी में ज़हर घोल दे और गैर-जिम्मेदार मंत्रियों पर नकेल न कसे और अपने अभिभाषणों में इसके उलट झूठे दावे… pic.twitter.com/bECQarWlvS
— Umang Singhar (@UmangSinghar) February 17, 2026
गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने का प्रस्ताव और सियासत
सदन की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग रखी।
आतिफ अकील ने कहा, “हर धर्म का सम्मान होना चाहिए। हिंदू धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया गया है और किसी भी माता का व्यापार नहीं होना चाहिए।”
राष्ट्र पशु घोषित हो गाय, अंतिम संस्कार भी किया जाए, चमड़े का व्यापार हो बंद
कांग्रेस विधायक आतिफ अकील ने विधानसभा में लगाया अशासकीय संकल्प, कहा 2017 में मेरे पिता द्वारा भी लगाया था, सरकार की कथनी करनी पर उठाए सवाल#madhyapradesh #mp #bjp #Congress pic.twitter.com/GGykmon30g
— MP Breaking News (@mpbreakingnews) February 17, 2026
उनके इस प्रस्ताव पर सदन में मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली।
भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने इस पर पलटवार करते हुए कहा, “सिर्फ पब्लिसिटी स्टंट के लिए विधानसभा में ऐसे प्रस्ताव न लाएं। अगर सच में गाय की रक्षा करनी है, तो मस्जिदों में जाकर मुल्ला-मौलवियों से ही यह संकल्प करवा दें कि गाय नहीं कटेगी। अगर ऐसा हो जाए, तो गाय कटनी अपने आप बंद हो जाएगी।”
मस्जिदों से भी संकल्प प्रस्ताव पास कराओ… pic.twitter.com/0rRGR5jOJw
— Rameshwar Sharma (@rameshwar4111) February 17, 2026
रामेश्वर शर्मा के इस बयान से सदन में कांग्रेस विधायक हंगामा करते दिखे, लेकिन बीजेपी सदस्यों ने उनकी बात का समर्थन किया।
आवारा कुत्तों का मुद्दा और ‘आतंकवादी’ टिप्पणी
सदन में केवल गाय ही नहीं, बल्कि सड़कों पर बढ़ते आवारा कुत्तों के खतरे पर भी गंभीर और मजाकिया बहस हुई।
भाजपा के वरिष्ठ विधायक गोपाल भार्गव ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जहां देश में करोड़ों लोगों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है, वहीं लोग कुत्तों पर लाखों रुपये खर्च कर रहे हैं।

उन्होंने सुझाव दिया कि आवारा कुत्तों की नस्ल को ही समाप्त कर देना चाहिए क्योंकि वे इंसानों के लिए खतरा बन रहे हैं।
इस बहस में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने हस्तक्षेप करते हुए भारतीय परंपरा का हवाला दिया।
उन्होंने कहा, “कुत्ता तब आक्रामक होता है जब वह भूखा होता है। हमारी संस्कृति में पहली रोटी गाय को और आखिरी कुत्ते को देने का नियम है।”

उन्होंने आवारा कुत्तों के प्रबंधन और सुरक्षा के लिए एक कमेटी बनाने का आश्वासन दिया।
इस दौरान कुछ विधायकों ने कुत्तों की तुलना ‘आतंकवादियों’ से की, जिस पर काफी हंगामा हुआ।
प्रदेश सरकार के लिए आवारा कुत्तों का मुद्दा अधिक महत्वपूर्ण दिख रहा है, लेकिन उन 35 परिवारों का दर्द नहीं, जिनके घरों से अर्थियाँ उठीं। इन मौतों की नैतिक जिम्मेदारी से सरकार सदन में बचती नजर आ रही है।
: श्री @UmangSinghar जी, नेता प्रतिपक्ष. pic.twitter.com/AVij42igxh
— MP Congress (@INCMP) February 17, 2026
इंदौर दूषित जल कांड: विपक्ष का प्रदर्शन
सदन के बाहर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने इंदौर के भागीरथपुरा में गंदा पानी पीने से हुई मौतों के खिलाफ प्रदर्शन किया।
विधायक अपने हाथों में गंदे पानी की बोतलें लेकर विधानसभा पहुंचे और गांधी प्रतिमा के सामने नारेबाजी की।
कांग्रेस विधायक महेश परमार और सेना पटेल ने आरोप लगाया कि इंदौर प्रशासन की लापरवाही के कारण लगभग 35-40 लोगों की जान चली गई, लेकिन सरकार दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय उन्हें पदोन्नत कर रही है।
मध्यप्रदेश विधानसभा, बजट सत्र – 02 दिन
विधानसभा बजट सत्र के दूसरे दिन इंदौर के भागीरथपुरा जलकांड में हुई मौतों के विरोध में आज विधानसभा परिसर में विधायक दल के साथ सांकेतिक प्रदर्शन किया गया।
.
.
📍मध्यप्रदेश विधानसभा@INCIndia @INCMP #MPVidhanSabha #inc #congress #Budget2026… pic.twitter.com/6BcgIqs9S6— Umang Singhar (@UmangSinghar) February 17, 2026
विपक्ष ने मांग की कि संबंधित मंत्रियों को इस्तीफा देना चाहिए और पीड़ित परिवारों को न्याय मिलना चाहिए।
अनुपूरक बजट और आर्थिक सर्वेक्षण
शोर-शराबे के बीच वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने वित्तीय वर्ष का 19,287 करोड़ 32 लाख रुपये का तीसरा अनुपूरक बजट पेश किया।
साथ ही सदन के पटल पर आर्थिक सर्वेक्षण भी रखा गया। इस बजट पर 23 फरवरी को विस्तृत चर्चा की जाएगी।
विधानसभा अध्यक्ष ने सदस्यों को शांत कराते हुए कहा कि सदन का उद्देश्य समस्याओं का समाधान निकालना है, न कि केवल शोर मचाना।


