MP Board 5th-8th Result 2026: मध्य प्रदेश के लाखों बच्चों, उनके माता-पिता और शिक्षकों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है।
बुधवार को राज्य शिक्षा केंद्र ने कक्षा 5वीं और 8वीं के वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं।
राजधानी भोपाल के वल्लभ भवन में आयोजित एक खास कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने डिजिटल बटन दबाकर इन नतीजों को सार्वजनिक किया।
ऐसे चेक करें रिजल्ट
- सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट rskmp.in पर जाएं
- होमपेज पर “MP Board Class 5th/8th Result 2026” लिंक पर क्लिक करें।
- अपना रोल नंबर और समग्र आईडी दर्ज करें।
- ‘Show’ या ‘Submit’ बटन पर क्लिक करें।
- रिजल्ट स्क्रीन पर आ जाएगा, इसे डाउनलोड करें या प्रिंटआउट ले लें।
इस बार रिजल्ट चेक करने की प्रक्रिया को बहुत सरल बनाया गया है।
छात्र और उनके अभिभावक अब केवल राज्य शिक्षा केंद्र के पोर्टल पर ही निर्भर नहीं हैं, बल्कि वे विभाग द्वारा जारी QR कोड को स्कैन करके भी तुरंत अपना स्कोर कार्ड देख सकते हैं।
इसके अलावा स्कूलों के प्रधानाचार्यों को भी विशेष एक्सेस दिया गया है ताकि वे अपने पूरे स्कूल का रिजल्ट एक साथ देख सकें।

कैसा रहा इस साल का परिणाम?
इस साल के आंकड़े बेहद उत्साहजनक हैं। कक्षा 5वीं में कुल 95.14% बच्चे सफल हुए हैं, जबकि कक्षा 8वीं में पास होने वाले बच्चों का प्रतिशत 93.83% रहा।
दिलचस्प बात यह है कि पिछले साल यानी 2025 की तुलना में इस साल नतीजों में काफी सुधार देखने को मिला है।
पिछले साल 5वीं का रिजल्ट 92.70% था, जो इस बार बढ़ गया है।
वहीं 8वीं का रिजल्ट भी पिछले साल के 90.02% के मुकाबले इस बार काफी बेहतर रहा है।
8वीं कक्षा के 90.02% बच्चे पास
सरकारी स्कूल 89.13%
- छात्र-छात्राएं 7,46,539
- पास- 6,65,416
निजी स्कूल 91.73%
- छात्र-छात्राएं 4,19,957
- पास- 3,85,235
मदरसा के 67.72% बच्चे पास
- छात्र-छात्राएं 2,370
- पास- 1,605
बेटियों ने फिर मारी बाजी
बेटियां एक बार फिर बेटों से आगे निकल गई हैं।
मंत्री उदय प्रताप सिंह द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, 5वीं क्लास में 96.19% लड़कियां पास हुईं, जबकि लड़कों का आंकड़ा 94.15% रहा।
वहीं 8वीं में भी 94.98% छात्राओं ने सफलता हासिल की, जबकि छात्रों का प्रतिशत 92.74% रहा।
यह साफ दर्शाता है कि प्रदेश की बेटियां शिक्षा के प्रति कितनी गंभीर हैं।

सरकारी स्कूलों और ग्रामीण क्षेत्रों का बोलबाला
इस बार सरकारी स्कूलों ने निजी (प्राइवेट) स्कूल बेहतर प्रदर्शन किया है।
इसके साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों का दबदबा भी देखने को मिला।
परीक्षा में शामिल होने वाले कुल 23.68 लाख बच्चों में से करीब 16.78 लाख बच्चे गांवों से थे।
शहरों की तुलना में ग्रामीण इलाकों के बच्चों की भागीदारी और सफलता दोनों ही काबिल-ए-तारीफ रही।
इंदौर का प्रदर्शन
शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल के प्रश्न पत्र बीते सालों के मुकाबले थोड़े कठिन थे।
इसके बावजूद बच्चों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया।
इंदौर जिला भी प्रदेश के टॉप-10 जिलों की सूची में जगह बनाने में कामयाब रहा और नौवें स्थान पर काबिज हुआ।
इस बार की परीक्षाएं पूरी तरह से ‘बोर्ड पैटर्न’ पर आधारित थीं, जिसमें सरकारी स्कूलों के साथ-साथ निजी स्कूलों और मदरसों के बच्चों ने भी हिस्सा लिया था।

कक्षा 8 का रिजल्ट टॉप 10 जिले
- नरसिंहपुर- 99.38% स्टूडेंटस पास
- डिंडोरी- 98.74% स्टूडेंटस पास
- बालाघाट- 98.71% स्टूडेंटस पास
- झाबुआ- 98.40% स्टूडेंटस पास
- अलीराजपुर- 98.09% स्टूडेंटस पास
- सीहोर- 97.74% स्टूडेंटस पास
- नर्मदापुरम- 97.68% स्टूडेंटस पास
- छिंदवाड़ा- 97.92% स्टूडेंटस पास
- इंदौर- 97.46% स्टूडेंटस पास
- बड़वानी- 97.06% स्टूडेंटस पास
मूल्यांकन का अभियान
इन परीक्षाओं को सफल बनाने के लिए प्रदेश भर में करीब 1.10 लाख से ज्यादा शिक्षकों ने दिन-रात मेहनत की।
322 मूल्यांकन केंद्रों पर कॉपियों की बारीकी से जांच की गई और फिर अंकों को ऑनलाइन फीड किया गया, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
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