MP Bus Strike on Holi: मध्य प्रदेश में इस साल होली की खुशियां परिवहन के संकट में उलझती नजर आ रही हैं।
प्रदेश के 55 जिलों में बस संचालकों ने सरकार की नई परिवहन नीति के विरोध में 2 मार्च 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान कर दिया है।
होली से ठीक दो दिन पहले होने वाली इस हड़ताल में प्रदेश की करीब 20 हजार बसें (परमिट और कॉन्ट्रैक्ट दोनों) सड़कों से नदारद रहेंगी।
विवाद की असली वजह क्या है?
दरअसल, मध्य प्रदेश सरकार ‘मुख्यमंत्री सुगम लोक परिवहन सेवा योजना’ लागू करने जा रही है।
इसके तहत पूरे प्रदेश के बस संचालन को PPP (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर लाया जाएगा।
बस संचालकों का कहना है कि सरकार 7 निजी कंपनियों को सारा कंट्रोल सौंपने की तैयारी में है।

बस मालिकों की सबसे बड़ी नाराजगी इस बात को लेकर है कि बस, ड्राइवर, स्टाफ और डीजल का खर्चा उनका होगा, लेकिन किराए का फैसला ये 7 कंपनियां करेंगी।
यही नहीं, कंपनियां किराए का 10 प्रतिशत कमीशन भी वसूलेंगी।
ऑपरेटरों का मानना है कि इससे उनके व्यापार पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा और रूट आवंटन की प्रक्रिया बेहद मुश्किल हो जाएगी।
आम जनता पर कैसे पड़ेगा असर?
हड़ताल का सबसे बुरा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो होली की छुट्टियों में अपने घर जाने की तैयारी कर रहे हैं।
2 मार्च की सुबह 6 बजे से बसें बंद होने के कारण यात्रियों के पास सिर्फ ट्रेन, कैब या निजी वाहनों का विकल्प बचेगा।
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किराये में भारी उछाल: अनुमान है कि बसों के बंद होने से टैक्सी और कैब संचालक 5 से 7 गुना ज्यादा किराया वसूल सकते हैं। उदाहरण के लिए, भोपाल से होशंगाबाद का बस किराया फिलहाल 100 रुपये है, लेकिन हड़ताल के दौरान यही सफर कैब से करने पर 500 से 600 रुपये प्रति व्यक्ति तक पड़ सकता है।
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ट्रेनों में भीड़: बसों के न चलने से ट्रेनों में भी पैर रखने की जगह नहीं मिलेगी, जिससे आम आदमी की मुसीबतें दोगुनी हो जाएंगी।

सरकार का पक्ष:
वहीं दूसरी ओर, परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह का कहना है कि यह नीति बस ऑपरेटरों के हित में है।
उनका तर्क है कि इससे सिस्टम ज्यादा व्यवस्थित होगा और सरकार केवल सुपरविजन (निगरानी) करेगी।
सरकार का लक्ष्य परिवहन सेवा को डिजिटल बनाना है, जिसके लिए ऐप और डैशबोर्ड भी तैयार किए जा रहे हैं।
फिलहाल, बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने अपनी मांगें सरकार के सामने रख दी हैं।
अगर सरकार और ऑपरेटरों के बीच बातचीत का कोई नतीजा नहीं निकलता है, तो इस बार होली पर घर पहुंचना प्रदेशवासियों के लिए एक बड़ी चुनौती साबित होने वाला है।


