Chitrakoot Judge Power Cut: मध्यप्रदेश के धार्मिक और ऐतिहासिक कस्बे चित्रकूट से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है।
यहां अपने सरकारी बंगले की बिजली गुल होने से नाराज एक जज साहब का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
बात इतनी बढ़ गई कि जज साहब खुद बिजली विभाग के सब-स्टेशन पहुंच गए और गुस्से में आकर पूरे कस्बे की बिजली सप्लाई ही बंद करवा दी।
इसके बाद सब-स्टेशन पर करीब एक घंटे तक हाई-वोल्टेज ड्रामा चलता रहा।
आंधी-तूफान ने बिगाड़ा था खेल
पूरे विवाद की शुरुआत गुरुवार और शुक्रवार (28-29 मई) की दरमियानी रात को हुई।
इलाके में तेज आंधी और तूफान आया, जिसकी वजह से मझगवां से आने वाली 33 केवी (KV) की दो बड़ी बिजली लाइनें (फीडर) पूरी तरह ठप हो गईं।
चूंकि खराबी घने जंगल के बीच आई थी और रात का वक्त था, इसलिए बिजली विभाग की मेंटेनेंस टीम को फॉल्ट ढूंढने और उसे ठीक करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे, यानी लगभग 19 घंटे बाद, मुख्य बिजली सप्लाई को चालू किया जा सका।
बिजली कंपनी के बड़े अधिकारियों के मुताबिक, दोपहर से लेकर शाम तक शहर की ज्यादातर सार्वजनिक और आम लोगों की शिकायतों को दूर कर दिया गया था।
लेकिन कुछ व्यक्तिगत शिकायतें बाकी थीं, जिनमें संयोग से जज साहब का सरकारी आवास भी शामिल था।
जब सब-स्टेशन पहुंचे जज साहब
शुक्रवार की शाम करीब 7:30 बजे तक जब जज साहब के घर की लाइट नहीं सुधरी, तो उनका सब्र टूट गया। वे सीधे रजौला बिजली सब-स्टेशन पहुंच गए।
वहां ड्यूटी पर तैनात ऑपरेटर को उन्होंने जमकर फटकार लगाई और पूछा कि 19 घंटे बीत जाने के बाद भी उनके घर की लाइन क्यों नहीं जोड़ी गई।
इसके बाद जज साहब ने जो किया, उसने सबको सन्न कर दिया। उन्होंने रजौला और प्रमोद वन सब-स्टेशन से पूरे चित्रकूट कस्बे की बिजली सप्लाई बंद करवा दी।
इतना ही नहीं, उन्होंने ऑपरेटर को डांटकर कमरे से बाहर निकाल दिया और खुद को अंदर से लॉक कर लिया।
उनका साफ कहना था कि जब तक उनके घर की बिजली चालू नहीं होगी, तब तक पूरा कस्बा अंधेरे में रहेगा।
कर्मचारियों के फूले हाथ-पांव, जनता का फूटा गुस्सा
जज साहब के इस कड़े रुख से बिजली विभाग के कर्मचारियों के हाथ-पांव फूल गए।
आनन-फानन में मेंटेनेंस स्टाफ को जज साहब के बंगले की तरफ दौड़ाया गया ताकि वहां की लाइन को तुरंत ठीक किया जा सके।
इस दौरान करीब एक घंटे तक पूरा चित्रकूट अंधेरे में डूबा रहा।
कस्बे की बत्ती अचानक दोबारा गुल होने से आम जनता का गुस्सा भड़क गया। परेशान होकर करीब 50 उपभोक्ता रजौला सब-स्टेशन पहुंच गए।
जब वहां मौजूद ऑपरेटर ने लोगों को बताया कि खुद जज साहब ने आकर बिजली बंद करवाई है, तो लोग और भड़क गए।
सब-स्टेशन के बाहर ही जोरदार नारेबाजी और विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया।
पुलिस और प्रशासन को संभालनी पड़ी कमान
बाहर जनता का भारी आक्रोश और नारेबाजी देखकर जज साहब ने ऑपरेटर रूम का दरवाजा खोला और बिना कुछ बोले चुपचाप वहां से अपने घर के लिए रवाना हो गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जूनियर इंजीनियर (JE) प्रवीण वर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
इस प्रशासनिक टकराव की खबर जैसे ही सतना मुख्यालय पहुंची, वहां से ग्रामीण संभाग के डिविजनल इंजीनियर पंकज द्विवेदी भी तुरंत चित्रकूट के लिए रवाना हो गए।
काफी समझाइश और पुलिस की मौजूदगी के बाद कस्बे की बिजली सप्लाई दोबारा बहाल की गई।
फिलहाल इलाके में शांति है, लेकिन सरकारी तंत्र और न्यायपालिका के बीच का यह टकराव पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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