MP Intercity Bus Service: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने राज्य की परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह से बदलने और आम जनता को राहत देने के लिए एक महत्वपूर्ण योजना तैयार की है।
अप्रैल महीने से पूरे प्रदेश में इंटरसिटी (दो शहरों के बीच) और इंट्रासिटी (शहर के भीतर) बसों का संचालन नए सिरे से शुरू किया जाएगा।
इस पहल का सबसे बड़ा लाभ उन यात्रियों को मिलेगा जो हर दिन काम या दूसरे कारणों से एक शहर से दूसरे शहर की यात्रा करते हैं।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे बस डिपो
योजना को व्यवस्थित रूप से चलाने के लिए सरकार ने राज्य के प्रमुख और बड़े शहरों में नए बस डिपो बनाने का निर्णय लिया है।
ये डिपो न केवल बसों के रख-रखाव का केंद्र होंगे, बल्कि यहां यात्रियों के लिए वेटिंग एरिया, पूछताछ केंद्र और सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था होगी।
डिपो बनने से बसों के समय (Timetable) में सुधार होगा और यात्रियों को बस के लिए घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
सस्ता और सुरक्षित सफर ही प्राथमिकता
वर्तमान में निजी बसों के महंगे किराये और अनियमितता से आम जनता परेशान रहती है।
सरकार की इस नई बस सेवा का मुख्य उद्देश्य यात्रियों को किफायती और सुरक्षित यात्रा का विकल्प देना है।
इन बसों में आधुनिक सुरक्षा उपकरण और आरामदायक सीटें होंगी।
विशेष रूप से महिलाओं और बुजुर्गों के लिए यह सेवा काफी मददगार साबित होगी, क्योंकि सरकारी निगरानी में चलने के कारण सुरक्षा के मानकों का पालन सख्ती से किया जाएगा।
रोजगार और आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
इस योजना का एक दूसरा पहलू आर्थिक सुधार भी है।
नए बस डिपो के निर्माण और सैकड़ों बसों के संचालन से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
ड्राइवरों, कंडक्टरों, मैकेनिक्स और डिपो प्रबंधन के लिए बड़ी संख्या में युवाओं को काम मिलेगा।
साथ ही, बेहतर परिवहन व्यवस्था से व्यापारिक गतिविधियां भी तेज होंगी, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
मध्य प्रदेश सरकार का यह कदम परिवहन क्षेत्र में एक बड़े बदलाव का संकेत है।
अप्रैल से शुरू होने वाली यह सेवा न केवल आम आदमी की जेब का बोझ कम करेगी, बल्कि उनके सफर को सुगम और सुखद बनाएगी।


