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MP में सरकारी कर्मचारियों की मौज: अब प्रोबेशन के नाम पर नहीं कटेगा समय, 6 महीने में कंफर्म होगी नौकरी!

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

New Probation Rules MP: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार राज्य के कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रही है।

वित्त विभाग ने ‘सेवा की सामान्य शर्तें नियम 1961’ में बड़े संशोधनों का प्रस्ताव तैयार किया है।

इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाना और कर्मचारियों के करियर में आने वाली प्रशासनिक अड़चनों को खत्म करना है।

1. प्रोबेशन और नियमितीकरण का नया नियम

अब तक के नियमों के अनुसार, प्रोबेशन पीरियड (परिवीक्षा अवधि) खत्म होने के बाद भी कर्मचारियों को नियमित होने के लिए विभागों के चक्कर काटने पड़ते थे। फाइलें महीनों तक दबी रहती थीं।

नए प्रस्ताव के अनुसार, प्रोबेशन खत्म होने के अधिकतम 6 महीने के भीतर विभाग को कर्मचारी को नियमित करने का आदेश जारी करना होगा।

यदि विभाग इस समय सीमा में आदेश जारी नहीं करता है, तो उसे ‘डीम्ड कंफर्मेशन’ माना जाएगा।

यानी कर्मचारी को बिना किसी विशेष आदेश के स्वतः ही नियमित मान लिया जाएगा।

2. स्थाई और अस्थाई का भेदभाव खत्म

सरकारी सेवाओं में लंबे समय से ‘स्थाई’ और ‘अस्थाई’ पदों का अंतर बना हुआ था, जिससे कर्मचारियों के बीच एक मानसिक और प्रशासनिक दूरी रहती थी।

अब सरकार इस अंतर को समाप्त कर रही है। नई व्यवस्था के तहत सभी नियुक्त कर्मचारी ‘नियमित शासकीय सेवक’ कहलाएंगे।

इससे सेवा की शर्तें और मिलने वाले लाभ सभी के लिए समान हो जाएंगे।

3. सीनियरिटी विवाद का समाधान

सीनियरिटी (वरिष्ठता) को लेकर अक्सर सीधी भर्ती और पदोन्नति (प्रमोशन) से आए कर्मचारियों के बीच विवाद की स्थिति बनती थी।

नए नियमों में स्पष्ट किया गया है कि यदि सीधी भर्ती वाला उम्मीदवार और पदोन्नत कर्मचारी एक ही तारीख को पदभार ग्रहण करते हैं, तो पदोन्नत कर्मचारी को सीनियरिटी में प्राथमिकता दी जाएगी।

4. विभाग बदलने पर सुरक्षा

अक्सर कर्मचारी बेहतर भविष्य के लिए एक विभाग से दूसरे विभाग में स्विच करते हैं।

पहले ऐसा करने पर उन्हें अपनी पुरानी सीनियरिटी और इंक्रीमेंट से हाथ धोना पड़ता था।

अब, दूसरे विभाग में जाने पर भी उन्हें सीधी भर्ती के लाभों के साथ-साथ उनके पिछले अनुभव और इंक्रीमेंट का लाभ सुनिश्चित किया जाएगा।

वित्त विभाग के एसीएस मनीष रस्तोगी के अनुसार, यह प्रस्ताव सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) को भेजा जा चुका है।

कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही इसे पूरे प्रदेश में लागू कर दिया जाएगा।

यह कदम न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाएगा, बल्कि लालफीताशाही पर भी लगाम लगाएगा।

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