Hemant Katare Resignation: मध्य प्रदेश की राजनीति में शुक्रवार का दिन किसी हाई-वोल्टेज ड्रामे से कम नहीं था।
भिंड की अटेर सीट से कांग्रेस विधायक और विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
जैसे ही यह खबर आई, कयासों का बाजार गर्म हो गया। क्या कटारे पाला बदल रहे हैं? क्या कांग्रेस के दिग्गज आपस में भिड़ गए हैं?

आइए जानते हैं आखिर क्या है ये पूरा मामला…
कटारे के इस्तीफे की असली वजह
हेमंत कटारे ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजे अपने पत्र में लिखा कि वे अपने परिवार और क्षेत्र की जनता को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे हैं, इसलिए वे पद छोड़ रहे हैं।
उन्होंने यह भी साफ किया कि वे पार्टी में बने रहेंगे और नए व्यक्ति को पूरा सहयोग देंगे।
लेकिन राजनीति में जो दिखता है, वो होता नहीं। पर्दे के पीछे की कहानी ‘सुपीरियरिटी कॉम्प्लेक्स’ और ‘अंदरूनी कलह’ की है।

विधानसभा में क्या हुआ था? (‘लिस्ट’ वाला विवाद)
शुक्रवार को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सदन में मौजूद नहीं थे।
इसी बीच विधानसभा अध्यक्ष ने उन विधायकों के नाम मांगे जो स्थगन प्रस्ताव पर बोलना चाहते थे।
जिम्मेदारी निभाते हुए हेमंत कटारे ने 16 कांग्रेसी विधायकों की एक सूची बनाकर दे दी।
तभी उमंग सिंघार सदन में पहुंचे। बताया जा रहा है कि अपनी गैरमौजूदगी में सूची सौंपे जाने पर वे नाराज हो गए और उन्होंने उस लिस्ट में काट-छांट कर दी।

यह बात हेमंत कटारे को चुभ गई। उन्हें महसूस हुआ कि सदन के सामने उनके अधिकार और सम्मान को कम किया गया है।
अपमान की इसी टीस ने उन्हें इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया।
बैठकों का दौर और अनसुलझा विवाद
इस्तीफे की खबर के बाद कांग्रेस खेमे में अफरा-तफरी मच गई।
सूत्रों के अनुसार, देर रात उमंग सिंघार और हेमंत कटारे के बीच करीब एक घंटे तक बंद कमरे में बातचीत हुई।
कोशिश थी कि विवाद को सुलझा लिया जाए, लेकिन नतीजा सिफर रहा। कटारे अपनी बात पर अड़े रहे।
Bhopal, Madhya Pradesh: Leader of Opposition Umang Singhar says, ”The reason will now be explained by the respected Hemant himself as to what it was, but I believe there is no particular reason. As I came to know from the media, he was not able to give time to his constituency,… pic.twitter.com/HV0GYpQxwu
— IANS (@ians_india) February 20, 2026
कटारे का पलटवार और बीजेपी को जवाब
इस्तीफे के बाद जब सोशल मीडिया पर उनके बीजेपी में जाने की चर्चा उठी, तो हेमंत कटारे ने मोर्चा संभाला।
उन्होंने अपनी मैरिज एनिवर्सरी का हवाला देते हुए कहा कि फोन स्विच ऑफ करना परिवार के साथ समय बिताने का हिस्सा था, कोई साजिश नहीं।
उन्होंने दो टूक कहा— “कांग्रेस मेरे स्वर्गीय पिता की विरासत है।”
उन्होंने बीजेपी को चेतावनी देते हुए लिखा कि सोमवार से वे सदन में फिर से सरकार को ‘धोने’ का काम करेंगे।
कांग्रेस मेरे स्वर्गीय पिताजी की विरासत है !
और हाँ… मेरे फोन न उठाने पर कृपया भारी-भरकम क़यास ना लगायें। 😃🙏
शादी की सालगिरह पर परिवार के साथ समय बिताना कोई राजनीतिक साज़िश नहीं बल्कि मेरा मूलभूत और संवैधानिक अधिकार भी है।
कभी कभी नेता भी इंसान होता है.🙏
अब ज़रा ध्यान से…— Hemant Satyadev Katare (@HemantKatareMP) February 21, 2026
पुरानी बीमारी का नया लक्षण
यह पहली बार नहीं है जब मध्य प्रदेश कांग्रेस में ‘मैं बड़ा या तुम बड़े’ की लड़ाई सामने आई हो।
जीतू पटवारी, उमंग सिंघार और हेमंत कटारे जैसे युवा नेतृत्व के बीच समय-समय पर ऐसी तनातनी उजागर होती रहती है।
हालांकि कटारे पार्टी में बने हुए हैं, लेकिन इस घटना ने विपक्ष की एकजुटता पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।


