Ambedkar poster controversy: मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने डॉ. भीमराव अंबेडकर का पोस्टर जलाने के आरोप में फंसे एडवोकेट अनिल मिश्रा को बड़ी राहत दी है।
कोर्ट ने उन्हें एक लाख रुपये के निजी मुचलके और उतनी ही जमानत राशि पर रिहा करने का आदेश दिया है।
इस फैसले के दौरान माननीय न्यायालय ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की और कुछ महत्वपूर्ण टिप्पणियां कीं।
MP High Court Grants Bail to Anil Kumar Mishra, Holds Arrest Illegal for Non-Compliance With Constitutional Safeguards
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— The Bar Bulletin (@thebarbulletin) January 7, 2026
पुलिस की कार्रवाई पर सवाल
हाई कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि अनिल मिश्रा को हिरासत में लेने की प्रक्रिया कानूनी रूप से गलत थी।
कोर्ट के अनुसार, उन्हें अवैध रूप से हिरासत में रखा गया था, जबकि पुलिस चाहती तो धारा के अनुरूप नोटिस देकर भी उन्हें छोड़ सकती थी।
एफआईआर दर्ज करने से लेकर गिरफ्तारी तक की प्रक्रिया में कई खामियां पाई गईं, जिसके लिए पुलिस को फटकार लगाई गई है।
Adv Anil Mishra has been sent to jail under the SC ST Act by the Gwalior Police
MP Govt only wants the votes of Ambedkarites
— Shubham Sharma (@Shubham_fd) January 2, 2026
क्या था पूरा मामला?
यह विवाद 1 जनवरी की रात को शुरू हुआ था, जब ग्वालियर में डॉ. अंबेडकर का पोस्टर जलाने और विवादित नारेबाजी करने का आरोप लगा था।
ग्वालियर साइबर पुलिस ने इस मामले में अनिल मिश्रा समेत 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
एडवोकेट अनिल मिश्रा चार दिन से जेल में बंद हैं।
इस घटना के बाद दलित संगठनों, विशेषकर भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी ने ग्वालियर कलेक्ट्रेट पर उग्र प्रदर्शन किया था।
प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि आरोपियों पर कड़ा कानून (NSA) लगाया जाए।
Anti-Social elements
Adv Anil Mishra has been sent to jail under the SC ST Act by the Gwalior Police.
Jaibhim 💙
pic.twitter.com/xmqGKtdlHX— VoiceOfMadiga-ಮಾದಿಗ ಧ್ವನಿ® (@JaiBhimMadiga) January 3, 2026
कोर्ट की शर्तें और आगे की राह
जमानत देते हुए कोर्ट ने शांति बनाए रखने के लिए किसी भी प्रकार का जुलूस या विरोध प्रदर्शन निकालने पर रोक लगा दी है।
कानून के जानकारों का मानना है कि अनिल मिश्रा को मिली इस राहत के बाद, मामले में शामिल अन्य आरोपियों के लिए भी जमानत के रास्ते खुल सकते हैं।
साथ ही, अब इस एफआईआर को पूरी तरह रद्द कराने के लिए कानूनी लड़ाई की तैयारी की जा रही है।
Anil Mishra’s lawyer says🔥
“The High Court has acknowledged that Anil Mishra was illegally detained by the police and orders have been given to release him.
Along with this, all the other people who were arrested will also be out of jail by evening”👏pic.twitter.com/RLK9lIExqm
— Bhakt Prahlad🚩 (@RakeshKishore_l) January 7, 2026


