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गणतंत्र दिवस पर MP को सौगात: उज्जैन-शिवपुरी में बनेंगे एयरपोर्ट, किसानों के लिए 2026 होगा ‘कल्याण वर्ष’

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Nisha Rai
Nisha Rai
निशा राय, पिछले 14 सालों से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। इन्होंने दैनिक भास्कर डिजिटल (M.P.), लाइव हिंदुस्तान डिजिटल (दिल्ली), गृहशोभा-सरिता-मनोहर कहानियां डिजिटल (दिल्ली), बंसल न्यूज (M.P.) जैसे संस्थानों में काम किया है। माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय (भोपाल) से पढ़ाई कर चुकीं निशा की एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल बीट पर अच्छी पकड़ है। इन्होंने सोशल मीडिया (ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर भी काफी काम किया है। इनके पास ब्रांड प्रमोशन और टीम मैनेजमेंट का काफी अच्छा अनुभव है।

CM Mohan On Republic Day: 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर मध्यप्रदेश को विकास का नया तोहफा मिला है।

इस वर्ष गणतंत्र दिवस का मुख्य आकर्षण बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन रही, जहां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिप्रा नदी के तट पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया।

यह मध्यप्रदेश के इतिहास में पहली बार था जब किसी मुख्यमंत्री ने शिप्रा के तट पर तिरंगा फहराकर प्रदेशवासियों को संबोधित किया।

यह आयोजन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां आगामी सिंहस्थ कुंभ की तैयारियां भी जोर-शोर से चल रही हैं।

एयरपोर्ट और मेट्रोपॉलिटन सिटी

मुख्यमंत्री ने प्रदेश की तस्वीर बदलने वाली कई बड़ी घोषणाएं कीं।

उन्होंने बताया कि उज्जैन और शिवपुरी में नए एयरपोर्ट का निर्माण किया जाएगा।

उज्जैन एयरपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को गति दे दी गई है, जिससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि निवेश के नए रास्ते भी खुलेंगे।

इसके साथ ही, शहरी विकास को एक नया आयाम देने के लिए इंदौर, उज्जैन और भोपाल के आसपास के क्षेत्रों को मिलाकर एक ‘मेट्रोपॉलिटन सिटी’ विकसित की जा रही है।

यह त्रिकोण क्षेत्र (Triangle Region) आने वाले समय में मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था का इंजन बनेगा।

आध्यात्मिक पर्यटन को ध्यान में रखते हुए सांदीपनि आश्रम के कायाकल्प की योजना भी साझा की गई।

2026 होगा ‘किसान कल्याण वर्ष’

मुख्यमंत्री ने किसानों की आय दोगुनी करने और उनके जीवन में खुशहाली लाने के उद्देश्य से उन्होंने वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाने की घोषणा की।

कृषि क्षेत्र में बजट की अभूतपूर्व वृद्धि का जिक्र करते हुए सीएम ने बताया कि 2002-03 में जो कृषि बजट महज 600 करोड़ रुपये था, वह अब बढ़कर 27 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।

मध्यप्रदेश वर्तमान में टमाटर, धनिया, लहसुन और संतरे के उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर है।

मत्स्य पालन और दुग्ध उत्पादन में भी राज्य ‘आत्मनिर्भर’ बनने की ओर अग्रसर है।

निराश्रित गौवंश की सेवा के लिए गौशालाओं का बजट 250 करोड़ से बढ़ाकर 505 करोड़ रुपये कर दिया गया है।

महिला सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय

‘लाड़ली बहना योजना’ के माध्यम से महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन पर जोर देते हुए सीएम ने कहा कि अब सहायता राशि बढ़ाकर 1500 रुपये प्रतिमाह कर दी गई है।

पिछले दो वर्षों में इस योजना के जरिए 50 हजार करोड़ रुपये महिलाओं के खातों में पहुंचाए गए हैं।

उद्योग और रोजगार: 2025 का प्रभाव

वर्ष 2025 को ‘उद्योग और रोजगार वर्ष’ के रूप में मनाया गया था, जिसके सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखने लगे हैं।

‘जन विश्वास अधिनियम’ के जरिए कानूनों को सरल बनाया गया है, जिससे विदेशी निवेशक भी मध्यप्रदेश की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने उद्योगों को ‘रोजगार का मंदिर’ बताते हुए कहा कि सिंगल विंडो सिस्टम से अब तक 2300 से अधिक औद्योगिक इकाइयों को 742 करोड़ रुपये की मदद दी जा चुकी है।

ऊर्जा और आवास: आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश अब बिजली के क्षेत्र में पूरी तरह आत्मनिर्भर हो चुका है। सरकार का अगला लक्ष्य सौर ऊर्जा है।

‘प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना’ और सोलर पंपों के माध्यम से 30 लाख विद्युत पंपों को सोलर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

आवास के क्षेत्र में, पिछले साल मंजूर हुए 11 लाख घरों में से 4 लाख तैयार हो चुके हैं और इस वर्ष सवा पांच लाख नए आवास बनाने का लक्ष्य है।

साथ ही, ‘मुख्यमंत्री मजरा टोला योजना’ के तहत दूर-दराज की 20 हजार से अधिक बस्तियों को मुख्य सड़कों से जोड़ने के लिए 21 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

विकसित मध्यप्रदेश का संकल्प

अपने संबोधन के अंत में डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे लोकतांत्रिक मूल्यों और एकता के प्रति अपनी निष्ठा बनाए रखें।

उन्होंने आह्वान किया कि आइए, हम सब मिलकर एक समृद्ध, सशक्त और विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण का संकल्प लें।

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